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बाल बाल बचना मुहावरा का अर्थ और वाक्य व कहानी

बाल बाल बचना मुहावरा का अर्थ और वाक्य व कहानी

बाल बाल बचना मुहावरा का अर्थ baal baal bachna muhavare ka arth – मुश्किल से बचना ।

‌‌‌दोस्तो ‌‌‌आज के समय मे सभी लोगो पर कभी न कभी संकट आता ही है और कई बार ऐसा संकट आ जाता है की वह वहां पर मर भी सकता है । ‌‌‌पर वह किसी तरह से बच जाता है । तो उस समय उसके लिए ऐसा मुहावरा प्रयोग किया जाता है की इसके तो बाल बाल बच गए ।

यहां पर पहले बाल का अर्थ होता बहुत ही मुश्किल से और दुसरे बाल को अर्थ होता है उसके स्वयं के बाल बचने का अर्थ हुआ ‌‌‌प्राण बचना । इस तरह से इस मुहावरे का सिधा व पूरा अर्थ मुश्किल से प्राण बचना होता है यानि मरते मरते बच जाता । इस तरह से अगर कोई मरते मरते बच जाता है तब उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जा सकता है ।

बाल बाल बचना मुहावरा का अर्थ और वाक्य व कहानी

बाल बाल बचना मुहावरा का वाक्य ‌‌‌मे प्रयोग Use in sentence

  • शुक्र है भगवान का की तुम बाल बाल बच गए ।
  • बर्फ के पहाड पिघल कर हमारी तरफ आने लगे थे पर हम वहां से बाल बाल बच कर निकल आए ।
  • ‌‌‌हमारे साथ बहुत बडा एक्सीडेंट हो गया था पर मैं तो बाल बाल बच गया ।
  • तेज तापमान के कारण सारा जंगल जल ‌‌‌गया जिससे गाव मे भी आग लग गई पर लोग ‌‌‌जलने से बाल बाल बच गए ।
  • पहाड से निचे गिरने के ‌‌‌कारण सभी यात्री मारे गए मै तो बाल बाल बच गया ।
  • ट्रेन के ‌‌‌आगे आकर आज मे मर ही जाता पर तुम्हारा दुपटा काम आ गया जिसके कारण मैं बाल बाल बच गया ।
  • तुम्हे लगी जरुर पर तुम बाल बाल तो बच गए ।
  • वाहन के टकराने के कारण भी श्याम बाल बाल बच ‌‌‌गया ।
बाल बाल बचना मुहावरा का अर्थ और वाक्य व कहानी

‌‌‌बाल बाल बचना मुहावरे पर कहानी Idiom story

कुछ समय पहले की बात है श्यामलाल नाम का एक लडका अपने माता पिता के साथ रहता था । श्यामलाल जब छोटा था तब उसके माता पिता ने उसे बहुत पढाया था । जिससे वह बहुत होशियार हो गया था और आज वह एक नोकरी करने लगा है । श्यामलाल के घर मे और कोई तो था नही इस कारण से नोकरी ‌‌‌करने के लिए जाता और जो पैसे मिलते वह अपने माता पिता को दे देता था ।

जिसके कारण उसके माता पिता आराम से अपना पेट भर सकते थे । साथ ही जब भी उन्हे किसी चिज की जरुरत होती तो वे ले लेते थे । इस तरह से नोकरी लगने के बाद श्यामलाल ने अपने माता पिता की खुश सेवा की थी । एक बार की बात है ‌‌‌उसकी माता बिमार हो गई थी।

इस कारण से श्यामलाल ‌‌‌ने अपनी माता का ध्यान रखने के लिए उसके पास रहने लगा था और उसकी खुब सेवा की जिसके कारण उसकी मां बिलकुल ‌‌‌ठिक हो गई थी । तब उसकी मां ने उससे कहा की तुम अपनी नोकरी करने के लिए चले जाओ अब तो मै ठिक भी हो गई हूं ।

तब श्यामलाल ने कहा की ठिक है मां‌‌‌, अब मैं ‌‌‌काम करने के लिए जाता हूं । ऐसा कहकर वह काम पर जाने को तैयार हो गया था । जब तक वह तैयार होकर आया तब ‌‌‌तक उसकी मां ने उसके लिए भोजन भी बना दिया था । जिसे खा कर वह शहर अपनी नोकरी करने के लिए जाने लगा था ।

तब उसकी मां ने कहा की बेटा ध्यान से जाना । तब श्यामलाल ने कहा की मैं मे आज थोडे शहर जा रहा हूं ‌‌‌जो मुझे कुछ हो जाएगा । यह सुनकर उसकी मां ने कहा फिर भी बेटा ध्यान से चलना ।

तब श्यामलाल ने सोचा की मां है इसे मेरी फिर्क होती है इस कारण से यह ऐसा कह रही है । तब श्यामलाल ने अपनी मां से कहा की ठिक है मां मैं मेरा पूरा ध्यान रखूगा । इतना कह कर वह शहर जाने लगा था । ‌‌‌वह शहर एक बस मे जा रहा था । इस कारण से जब वह बस शहर के बाईपास पर पहुंची तो वहा पर एक मोड थी ।

जिसके कारण से बस वाले को पता नही चला की सामने से कोई वाहन आ रहा है की नही । अब उस बस वाले के पास सिग्नल देने ‌‌‌का ध्वनि यंत्र था नही जिसे बजा कर वह दुसरे को यह बता देता की इधर से कोई वाहन आ रहा है । ‌‌‌वह तो अपनी बस को बहुत ही तेज चलाते हुए वहा से मोडने लगा था तभी उस बस का एक्सीडेंट हो गया था ।

एक्सीडेंट इतना खतरनाक था की जो भी बस मे बैठे थे उनमे से आधे से ज्यादा लोग मारे गए । साथ ही समाने जो वहन था वह भी काफी बडा था पर उसमे दो आदमी ही थी । जो भी मर गए थे । तब कुछ ही समय मे वहां पर ‌‌‌पूलिस और सात आठ एम्बुलेंस आ गई थी ।

हर एक एम्बुलेंस मे एक ड्राइवर और दो कंपाउंडर थे । जिन्होने जल्दी जल्दी लोगो को बस से निकाला और ऐम्बूलेंस मे बैठा कार हॉस्पिटल ले गए थे । अब जो लोग मर गए थे वे तो वहां पर ठिक कैसे हो सकते थे । पर उस बस मे कुछ लोग ऐसे थे जो बेहोस हो गए थे उनमे से ही एक ‌‌‌श्यामलाल था ।

तब तेजी के साथ डॉक्टरों ने जो लोग बेहोस थे उन लोगो को ठिक किया था जिसके कारण उन लोगो को होस आ गया था । अब जाकर श्यामलाल और उसके साथ कुछ लोग और थे उन लोगो को पता चला की हमारा एक्सीडेंट हो गया है और हम बाल बाल बच गए है पर हमारे साथ जो लोग थे उनमे से आधे लोग मारे गए है ।

‌‌‌तभी वहां पर श्यामलाल के माता पिता और गांव के अन्य लोग भी आ गए थे जिनका कोई अपना उस बस मे था । गाव के लोग अपनो से मिलने लगे थे जो बच गए थे उनके घर वाले तो बहुत ही खुश थे और जो मारे गए उनके घर वाले वही पर विलाप करने लगे थे ।

जो लोग मारे गए थे उनकी फॉर्मेलिटी पूरी कर कर उन्हे उनके घर वालो को दे ‌‌‌दिया था और जो लोग बच गए थे उन्हे अभी भी उस हॉस्पिटल मे रखा गया था । जब ‌‌‌बाकी लोग सात आठ दिन रहने के बाद वे पूरी तरह से ठिक हो गए तो डॉक्टरों ने उन्हे छुट्टी दे दी थी ।

छुट्टी पा कर सभी लोग अपने अपने गाव मे जाने लगे थे । उस समय ज्यादातर लोग श्यामलाल के गाव के ही थे इस कारण से वे सभी एक साथ अपने गाव मे ‌‌‌चले गए । गाव मे जाने के बाद गाव के लोगो ने उन सभी लोगो का हालचाल पूछा और फिर लोग उन सभी को कहते की वह ऐक्सीडेंट बहुत ही बडा था जो तुम उसमे से बाल बाल बच गए ‌‌‌वरना आधे लोग तो वहां पर मर चुके थे ।

इसी तरह से फिर गाव के लोग आपस मे बात करते की इन सभी का नसीब अच्छा था जो ये बाल बाल बच गए । इस ‌‌‌तरह से आप इस कहानी से समझ गए होगे की बाल बाल बचना मुहावरे का अर्थ क्या है ।

बाल बाल बचना मुहावरे पर निबंध || baal baal bachna essay on idioms in Hindi

साथियों आपने कई बार विडियो में यह देखा होगा की जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे पर तलवार से वार करता है तो उस समय उसके बाल ही कट जाते है ओर उस व्यक्ति को कुछ नही होता है ।

मगर वही पर वार करने पर बाल भी बच जाए तो इसका मतलब है की जरा सा नुकसान नही हुआ, मगर इस समय वह मुश्किल से बच पाया था ।

और यही कहानी में बताया गया है की किस तरह से एक ऐक्सीडेंट होने के कारण से लोगो को भारी नुकसान होने वाला था और उस समय कुछ ही लोग थे जो की मुश्किल से बच पाए थे और उनके लिए बाल बाल बचना का प्रयोग किया गया था ।

तो इस बात का मतलब हुआ की बाल बाल बचना मुहावरे का सही अर्थ मुश्किल से बचना होता है ओर यह आप कहानी के माध्यम से पढ सकते है ।

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