हक्का बक्का रह जाना मुहावरे का अर्थ hakka bakka rah jana muhavare ka arth – हैरान रह जाना ।
दोस्तो आप लोगो को पता होगा की जब कोई व्यक्ति कुछ ऐसा देख लेता है जिसकी उसे आसा नही होती है । यानि जब कोई किसी को देख लेता है जिसकी उसे वहां पर होने की आसा नही हो या फिर किसी अपने से अपनो के लिए ही गलत सुन लेता है तो वह यह सुन कर हैरान हो जाता है और वह सोचने लग जाता है की यह उसके बारे में ऐसा क्यो कह रहा है । कहने का अर्थ है जब कोई किसी को देख कर हैरान या चोक जाता है तब वहां पर इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

हक्का बक्का रह जाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence
- हनुमान जी को पहाड लाते देख कर सभी लोग हक्का बक्का रह गए थे ।
- जब मैंने तुम्हारे भाई से तुम्हारे बारे मे सुना तो मैं तो हक्का बक्का रह गया फिर पता चला की तुम दोनो मे झगडा हो गया था ।
- तुम्हे यहा पर देख कर मैं तो हक्का बक्का रह गया था ।
- तुम्हारी शादी मे तुम्हारे दुश्मन को आते देख कर मैं तो हक्का बक्का रह गया ।
- तुम्हारे ड्राइवर ने तुम्हारे बारे मे बहुत गलत कहा मैं तो वह सब सुन कर हक्का बक्का रह गया था ।
- पिताजी को जवान की तरह लडते देख कर मैं हक्का बक्का रह गया था ।

हक्का बक्का रह जाना मुहावरे पर कहानी Idiom story
प्राचिन समय की बात है साहिल नाम का एक लडका अपने माता पिता के साथ रहा करता था । उसके पिता के पास धन की कोई कमी नही थी इस कारण से उसके पिता को जब भी मोका मिलता लोगो की मदद कर दिया करते थे । साहिल भी अपने पिता के जैसा ही था वह भी लोगो की मदद करने से पिछे नही हठता था ।
हालाकी साहिल के पास कोई रूपय तो नही थे जिसके कारण से वह लोगो को काम करा कर उनकी मदद करता था । इस तरह से करने के कारण से साहिल का नाम पूरे गाव मे फैल गया था । साहिल भी अपने पिता की तरह ही बनना चाहता था ।
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वह भी चाहता की वह भी एक बडा आदमी बने और उसके पास भी बहुत सारा धन हो ताकी वह भी लोगो को धन देकर मदद कर सके । उस समय स्कुल थी नही इस कारण से वह पढा लिखा भी नही था । साथ ही वह अपने और पराये मे भेद भी नही कर सकता था ।
इस कारण से उसके पिता के मरने के बाद जो भी साहिल के पास था वह सब नष्ट होता रहा था । पर साहिल को एक दिन उसके कुछ दोस्तो ने समझाया की तुम अपने पैसो का हिसाब रखा करो ताकी कोई भी तुम से ज्यादा पैसे न ले सके । अब साहिल ने अपने घर मे दो नोकर भी रख लिए थे जो उसके लिए काम करे ।
एक दिन की बात है साहिल के पास उसके दोस्त आए और उन्होने कहा की कल हम सभी दोस्त एक साथ होकर पार्टी करने की योजना बना रहे है इस कारण से तुम्हे भी हमारे पास आना है । यह सुन कर साहिल ने कहा की नही दोस्त कल मुझे कही और जाना है ।
इस तरह से सुनने के कारण से उसके दोस्तो ने उसे कुछ नही कहा और वहां से चुप चाप चले गए । जब अगले दिन सभी दोस्त पार्टी कर रहे थे तभी वहां पर साहिल भी आ गया था । साथ ही उसने अपना चेहरा छुपा रखा था ।
जिससे उसने अपना चेहरा छुपाया था वह एक गिफट था जो बहुत ही बडा था । जिसके कारण से साहिल का चेहरा बिल्कुल भी दिखाई नही दे रहा था। जब उसके दोस्तो ने कहा की तुम कोन हो तब उसने अपना चेहरा अपने दोस्तो को दिखाया तो उसके दोस्त हक्का बक्का रह गए और सोचने लगे की यह सच मे वही है क्या ।
तब साहिल ने अपने दोस्तो से कहा की क्या हुआ तुम मुझे ऐसे क्यो देख रहे हो । तब साहिल के दोस्तो ने उसे कहा की हमे तुम्हारे आने की आशा नही थी और तुम्हें यहा पर देख कर हम हैरान हो गए थे । तब साहिल ने कहा की मेरे सभी साथी यही पर है तो मैं क्यो नही आउगा ।
ऐसा कह कर सभी दोस्त पार्टी का आंनद ले रहे थे । इसी तरह से एक दिन की बात है साहिल के दोस्त उसके घर गए थे । तब साहिल अपने घर मे नही था । तब साहिल के घर पर उसके दो नोकर ही थे । तब साहिल के दोस्तो ने उसके नोकरो से पूछा की तुम्हारा मालीक कहा पर है ।
यह सुन कर साहिल के नोकर कहने लगे की कोन मालीक वह साहिल वह हमारा मालिक थोडे है । वह तो हमारे बारे मे सोचता भी नही है । साथ ही उन नोकर ने कहा की वह तो बहुत ही बुरा है । और इस तरह से कहते हुए साहिल के नोकर उसकी बुराई करने लगे थे ।
इस तरह से उसके नोकर से उसकी ही बुराई सुन कर उसके दोस्त हक्का बक्का रह गए थे । और सोचने लगे की यह उनके नोकर है फिर भी उसकी बुराई कर रहे । जब इस बारे मे साहिल को उसके दोस्ता ने बताया तब साहिल को लगा की वे नोकर मेरा खा कर मेरी ही बुराई कर रहे है ।
इस तरह से सोच कर साहिल ने अपने नोकरो को नोकरी से निकाल दिया था । और बादमे वह स्वयं ही अपना काम करता और अपना जीवन चलाने लगा था । इस तरह से आप लोगो को समझ मे आ गया होगा की हक्का बक्का जाना मुहावरे का सम्बंध इस कहानी से क्या है ।
हक्का बक्का रह जाना मुहावरे पर निबंध Essay on idiom
साथियो आप लोगो ने देखा होगा की आप जब किसी को बिना बताए उनके घर जाते हो तो वह चोक जाता है या हैराना हो जाता है और फिर वह सोच मे पढ जाता है । तो इस तरह से हैरान होने को ही हक्का बक्का रह जानाकहा जाता है ।
इस तरह से वह आदमी उससे पूछने लग जाता है की आप बिना बताए ही हमारे घर आ गए थे । इस तरह से हैरान होने के कारण अलग अलग होते है जिन पर हम बात नही करेगे । दोस्तो किसी भी कारण से जब कोई व्यक्ति हैरान या चोक जाता है तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।
इस तरह से इस मुहावरे को इस तरह की जगहो मे प्रयोग मे लेने वाले लोगो की सख्या बहुत ही ज्यादा है । क्योकी आज के छोटे से लकडको को भी इस मुहावरे के बारे मे जानकारी मिल जाती है । इस तरह से आप लोगो को पता चल गया होगा की इस मुहावरे का अर्थ क्या है और इसका वाक्य मे प्रयोग कैसे करते है ।
हक्का बक्का रह जाना मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of hakka bakka rah jana in Hindi
दोस्तो वैसे यह तो आपने भी कई बार देखा होगा की जब हमें कुछ ऐसा नजर आ जाता है जिसके होने के बारे में पहले पता नही होता है तो हम हैरान रह जाते है ।
जैसे की आपको पता है की विवाह मे गिफ्ट तो सभी देते है । मगर कुछ ऐसे लोग होते है जो की धनवान और दानी दोनो तरह के होते है । मान ले की ऐसा ही कोई व्यक्ति अपने मित्र के विवाह में मित्र को कार गिफ्ट में दे देता है हालाकी गरीब लोगो के साथ ऐसा नही होता है मगर अमीर के साथ ऐसा होता भी है ।
तो जो व्यक्ति गिफ्ट प्राप्त करता है वह यह देख कर हैरान रह जाता है की उसके मित्र ने उसे कार दी है और यह सच में हैरान कर देने वाला ही होता है ।क्योकी इस स्थिति में मित्र की हालत ऐसी होती है की वह कुछ समय के लिए चौंक जाता है और हक्का बक्का बना खड़ा रहता है मतलब कुछ बोलता नही है । और इस बात से समझा जा सकता है की hakka bakka rah jana muhavare ka arth – हैरान रह जाना होता है ।