जैसे को तैसा मुहावरे का अर्थ jaise ko taisa muhavare ka arth- जो जैसा करता है उसके साथ वैसा ही होना ।
जैसे को तैसा मुहावरे का अर्थ क्या होता है?
दोस्त जैसे को तैसा मुहावरे का अर्थ – जो जैसा करता है उसके साथ वैसा ही होना होता है । यानि दोस्त,
| मुहावरा | अर्थ |
| जैसे को तैसा | – जो जैसा करता है उसके साथ वैसा ही होना । |

जैसे को तैसा मुहावरे को कैसे समझे
संसार मे अनेक तरह के लोग रहते है उनमे से कुछ बुरे तो कुछ अच्छे होते है । क्योकी जो लोग बुरे होते है वे दूसरो के साथ भी बुरा ही करते है । और अच्छे दुसरे के साथ भी अच्छा ही करता है । जिसके कारण से जब बुरा करने वाले के साथ भी बुरा होता है और अच्छा करने वालो के साथ अच्छा होता है तो इसे जैसे को तैसा कहा जाता है ।
जैसे को तैसा मुहावरे का वाक्य में प्रयोग jaise ko taisa muhavare ka vakya me prayog
जब अध्यापक ने देखा की रामू अपनी कलाश के लडको के साथ झगडा कर रहा है तो अध्यापक ने उसे पकड कर सजा दी तो कलाश के लडको ने कहा की जैसो को तैसा ।
कुलणदास रोजाना किसी न किसी के घर से कुछ न कुछ चुरा लेता था मगर एक दिन उसके घर मे ही चोरी हो गई जिसे जान कर कुलणदास बहुत उदास हुआ यही है जैसे तो तैसा ।

डाकु के घर मे ही डाका पडना जैसे को तैसा ही कहा जाता है ।
राजवीर ने चालाकी से किसन के बहुत से पैसे छिन लिए मगर कुछ समय बात किसन ने अपनी चालाकी दिखाई और राजवीर के पास जो धन था वह सब छीन लिया सच है जैसे को तैसा ।
ताराचंद अपने आप को बलवान समझ कर हर किसी के साथ झगडा कर लेता है मगर जब उसने राम के साथ झगडा किया तो राम ने भी उसके साथ इस तरह से झगडा किया की तारांचद की बोलती बंद हो गई यही है जैसे को तैसा ।

जनाब गरीब आदमी को आप लूट रहे हो एक दिन ऐसा आएगा की कोई आपको लूट लेगा यानि जैसो को तैसा ।
आम बेचने वाले ने गरीब आदमी को देख कर आम के पैसे बहुत अधिक ले लिए मगर दुसरे ही पल अमीर आदमी ने उससे बहुत ही कम किमत मे आम खरीद लिए सच है जैसो को तैसा ।

गिरधारीलाल हमेशा लोगो को ठगता रहता था मगर एक दिन चतुर ने उसे इस तरह की उलझन मे डाला की गिरधारीलाल समझ न सका और वह स्वयं ही ठग गया सच है जैसे को तैसा ।
जैसे को तैसा मुहावरे पर कहानी jaise ko taisa muhavare par kahani
प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे एक बहुत ही धनवान सेठ रहा करता था । सेठ बहुत ही चालाक और ज्ञानी था । इसके अलावा सेठ के पास धन दोलत की कोई कमी नही थी जिसके कारण हर कोई सेठ के पैसो के पिछे ही लगे रहते थे । इसी तरह से एक चोर था जो उसी नगर मे रहता था और सेठ के पैसो को चुराने के बारे मे सोचता रहता था ।
वह चोर भी किसी से कम नही था वह इतना चालाक था की गाव मे चारिया होती रहती मगर किसी को उसके बारे मे खबर तक नही पहुंच पाती थी । इस तरह से उसे कोई नही जानता था की वह चोर है । इसी तरह से जब भी किसी के घर मे चोरी होती तो वह उस चोर को ताना देता और कहता की एक दिन उसके घर मे भी चोरी होगी तब उसे पता चल पाएगा की चोरी होने पर दूख क्या होता है ।
इस तरह से लोग हमेशा चोरी होने पर चोर को बुरा कहते थे । क्योकी लोगो को चोर के बारे मे कुछ पता नही था जिसके कारण से वे कर भी क्या सकते थे । इसी तरह से चलते एक दिन की बात है चोर हमेशा गाव मे चोरिया करता रहता था । मगर एक दिन उसने देखा की सेठ अपनी दुकान मे पैसे रख कर शहर चला गया है ।
यह जान कर चोर ने तुरन्त उसे लूटने की योजना बनाने लगा । और जब रात हुई तो चोर ने बडी ही चालाकी से सेठ का सारा धन चुरा लिया । क्योकी सेठ के पास धन की कोई कमी नही थी जिसके कारण से उसका थोडा सा धन चला गया तो उसे कोई फर्क नही पडा । मगर सेठ को जब इस बारे मे पता चला तो उसने ठान लिया की वह भी उस चोर के घर मे चोरी करेगा ।
जिसके कारण से चोर वह किसी ओर के घर मे चोरी नही कर पाएगा । ऐसा सोच कर सेठ ने अपनी दुकान मे चोर के सबुत ढूंढने गला । तब उसे ज्यादा तो कुछ नही पता चला पर उसे पता चला की एक ऐसा व्यक्ति जो 12 नम्बर की चंपल रहता है । यह बात बडी ही विचित्र थी क्योकी सेठ को पता नही था की उसके गाव मे ऐसा कोई भी होगा जो 12 नम्बर की चंपल पहनता है ।
तब सेठ ने अपने खास लोगो से इस बारे मे पूछा तब उसे पता चला की गाव मे रामू नाम का एक आदमी रहता है । जो क्या करता है किसी को पता नही क्योकी वह कई दिनो से शहर मे जाता है और अपने साथ कुछ कपडो की पोटली रख कर ले जाता है । यह सुन कर सेठ ने पूछा की इस तरह से कोई और भी है क्या ।
तब उन लोगो ने बताया की ऐसा और कोई नही है जो 12 नम्बर की चंपल पहनता है । यह जान कर सेठ को पता चल गया की वही चोर है । तब उसने यह ठान लिया की वह पकडेगा नही बल्की चोर के घर मे चोरी करेगा ।
इस तहर से फिर सेठ ने चोर को पैसो का झूठा झांसा देकर चोरी करने के लिए दूसरे घर मे भेजने की योजना बनाई । और योजना के अनुसार जब सेठ ने चोरो के कानो मे किसी घर मे बहुत से पैसे होने की बात बैठा दी । जिसके कारण से चोर रात भर सौ नही पाया और रात को ही उठ कर उस घर को लूटने के लिए चला गया ।
मगर पिछे से सेठ और उसका एक साथी तैयार था । जिसके कारण से चोर के घर से चले जाने के बाद मे सेठ ने अपने उस साथी की मदद से बडी ही सावधानी से धन को तलाश लिया । क्योकी सेठ सोने चांदी का भी काम किया करता था जिसके कारण से उसने धन को तलाशने मे ज्यादा समस्या नही आई । अब धन लेकर सेठ और उसका साथी वहा से फरार हो गए ।
अब रही बात चोर की तो वह जीस घर मे चोरी करने के लिए गया था उस घर मे उसे कुछ नही मिला । यहां तक की एक फुटी कोडी तक देखने को भी नही मिली । क्योकी सेठ की यह योजना थी जिसके कारण से सेठ ने ऐसा किया । अब चोर को पैसे न मिलने के कारण से वह बहुत ही उदास होकर अपने घर चला गया ।
घर जाने के बाद मे चोर अपने आप को कोसता रहा की वह आज कुछ भी नही लूट पाया । मगर तभी उसे पता चला की उसके घर में भी कोई न कोई आया था । जिसके कारण से चोर ने तुरन्त अपना धन संभाला तो चोर को केवल एक रूपया मिला । यह देख कर चोर हैरान हो गया और सोचने लगा की मैं दुसरो के घर मे चोरी करता हूं और आज मेरे ही घर मे चोरी हो गई ।
तब चोर ने सोचा की आज तो उसके साथ जैसे को तैसा होने वाली बात हो गई । क्योकी चोर के पास बहुत दिनो तक चुराए हुए रूपय थे जो पूरे के पूरे चोरी हो गए जिसके कारण से चोर को यह देख कर बहुत अधिक दुख पहुंचा। अब चोर को भी रूपय चले जाने की याद सताने लगी थी वह अपने रूपयो के बिना रह नही पा रहाथा ।
इस तरह से चोर ने फिर अपने घर में चोरी करने वाले का पता लगाना चाहा मगर उसे कुछ पता नही चला । इस कारण से चोर फिर उदास और दूखी ही रहा । उधर सेठ अपने साथी के साथ खुश था क्योकी उसेन चोर के घर मे ही चोरी कर कर जैसे को तैसा कर दिया था ।
जिससे अब सेठ सोचने लगा की अब वह चोर किसी के घर मे चोरी करेगा तो 100 बार जरूर सोचेगा । सेठ के इस तरह से करने के कारण से चोर को बहुत बडा सबक सिखने को मिला । क्योकी उसे अहसास हुआ की आखीर घर मे चोरी हो जाने के कारण से घर के लोग कैसे दुखी होते है । उसके बार मे चोर ने चोरी करना तक छोड दिया । इस तरह से आपको इस कहानी से मुहावरे का अर्थ समझ मे आ गया होगा ।
जैसे को तैसा मुहावरे पर निबंध jaise ko taisa muhavare par nibandh
साथियो आपको पता है की वर्तमान मे समय इस तरह से बदल रहा की आज जुर्म का साथ देने वालो की सख्या कम हो रही है । यानि जुर्म को दख कर अवाज उठनी शुरू हो गई है । जिसके कारण से हर समय अलग अलग जगहो पर झगडे की खबर सुनने को मिल जाती है । इसी तरह से जब कोई व्यक्ति ईंट से मारने की कोशिश करता है तो सामने वाला भी उसे ईंट से मारता है ।
इस तरह से करने के कारण से उस व्यक्ति को अहसास होता है की उसके सामने कोई कंमजोर नही है जो उसकी मार को सहन कर लेगा बल्की वह जैसो को तैसा करने वालो मे से है । इस कारण से वह फिर अपनी आवाज शांत कर कर चुप रह जाता है । यानि झगडा करना बंद करता है । इस तरह से जैसे को तैसा करना मुहावरे का अर्थ जो जैसा करता है उसके साथ वैसा ही होना होता है ।
जैसे को तैसा मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of jaise ko taisa in Hindi
दोस्तो कहा जाता है की अगर आपको कोई एक गाल पर मारता है तो उसे आपको दूसरे गाल पर भी मारने दे क्योकी यह गांधी जी ने कहा है । वैसे आज के समय में ऐसा करना पूरी तरह से मुर्ख होने के बारे मे बताया जाता है । आज तो वह समय है जब हर कोई एक गाल में खाने के बाद में सामने वाले के ही गाल पर दे देते है । मगर ऐसा करना है या नही करना है यह आप पर निर्भर करता है ।
मगर आपको एक बात बता दे की अगर आप सामने वाले को जरा सा नुकसान नही पहुंचाते है तो आपको कभी भी ऐसा नही करना है । बल्की आपको शांति से काम लेना है और दूसरे व्यक्ति के साथ जो कुछ करना है वह ईश्वर पर छोड़ देना है ।
आपको यकिन दिला दे की जिसने आपके साथ बुरा किया है उसके साथ भी एक समय पर बुरा होगा और यही असल मे इस मुहावरे को दर्शाता है । और इसी बात से समझ ले की jaise ko taisa muhavare ka arth- जो जैसा करता है उसके साथ वैसा ही होना होता है ।
- बगलें झाँकना Meaning of idiom and usage of idiom in a sentence
- लकीर पीटना Meaning of idiom and usage of idiom in a sentence
- जहर उगलना Meaning of idiom and usage of idiom in a sentence
- जब तक सांस तब तक आस का मतलब क्या होता है और वाक्य में प्रयोग
- कलंक का टीका लगाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग क्या होता है