Headlines

जब तक सांस तब तक आस का मतलब क्या होता है और वाक्य में प्रयोग

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे का अर्थ ‌‌‌jab tak saans tab tak aas muhavare ka arth – अंतिम क्षणों तक आस बनाई रखना

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

दोस्त जब तक सांस तब तक आस मुहावरे का अर्थ  अंतिम क्षणों तक आस बनाई रखना होता है । यानि दोस्त,

मुहावरा अर्थ
जब तक सांस तब तक आसअंतिम क्षणों तक आस बनाई रखना
जब तक सांस तब तक आस मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे को कैसे समझे

दोस्तो मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जो कठिन कार्यो से कभी घबराता नही और वह अपने जीवन के लिए परिश्रम करता ही रहता है । इसके लिए भले ही उसके सामने कितनी भी कठिनाई ‌‌‌क्यो न आ जाए । वह जिस कार्य को करना चाहता है उसे करने की आस बनाए रखता है । इसके अलावा वह अपने जीवन मे अनेक तरह की आस लगाए रहता है और उन आस को मरने तक लगाए रखता है । इसी तरह से जब अंतिम समय तक आस लगाने की बात होती है वहां पर इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग jab tak saans tab tak aas muhavare ka vakya me prayog

बेटे के मर जाने के बाद भी किसन ने अपने जीवन से हार नही मानी और कुछ करने की आस अंतिम क्षण तक लगाता रहा सच है जब तक सांस तब तक आस ।

अरे बेटा आज कल के नो-जवान थोडी सी मुसीबत से हार जाते है और एक हमारा जमाना हुआ करता था जहां पर लोग मरते समय भी कुछ करने की आस रखते थे यानि जब तक ‌‌‌सांस तब तक आस ।

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग jab tak saans tab tak aas muhavare ka vakya me prayog

तुम्हारा कहना सही है मगर इस मुसीबत से हार कर आस मत तोड लेना वो कहते है ना जब तक सांस तब तक आस ।

अगर कुछ करने की इच्छा है तो आस लगाए रखना वह जरूर होगा क्योकी कहा जाता है जब तक सांस तब तक आस ।

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग jab tak saans tab tak aas muhavare ka vakya me prayog

अरे भाई तुम्हे पता नही क्या जब तक सांस तब तक आस ।

माता पिता अपने बेटे के भविष्य ‌‌‌के लिए पूरे जीवन भर दुखी रहते है सच है जब तक सांस तब तक आस ।

अपने बेटे की मेहनत एक दिन जरूर सफलता लाकर देगी आप हिम्मत मत हारिय क्योकी कहा जाता है जब तक सांस तब तक आस ।

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग jab tak saans tab tak aas muhavare ka vakya me prayog

भाई मैंने नया काम शुरू किया है तो उसमे जरूर सफल होकर रहुगा क्योकी जब तक सांस तब तक आस ।

पुलिस गुन्हेगार को पकडने के ‌‌‌लिए इस तरह से पिछे पड जाती है जैसे कहा जाए की जब तक सांस तब तक आस ।

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग jab tak saans tab tak aas muhavare ka vakya me prayog

‌‌‌जब तक सांस तब तक आस मुहावरे पर कहानी ‌‌‌jab tak saans tab tak aas muhavare par kahani

एक बार की बात है मणिकपुर नाम का एक गाव हुआ करता था । गाव बडा ही अच्छा और नेक दिलो से भरा था और लोगो भी वहां पर एक दुसरे से मिल जुलकर रहा करते । अगर किसी को किसी कारण से परेशानी का समाना करना पडता तो गाव के लोग उसकी मदद कर देते थे । जिसके कारण से ‌‌‌गाव मे मुसीबत में होने वाल मदद की आस गाव के लोगो से लगाए रखता था ।

इसी तरह की एक बार की बात है उस गाव में एक बहुत ही अच्छा और नेक दिल पुजारी रहा करता था । जो अपने दोनो पहरो मे भगवान की आरती करता और भगवान के भजन किया करता था । जिसके कारण से लोगो के मन में भी भक्ति की भावना रही और लोग भी अपने ‌‌‌आप को सुखी महसुस किया करते थे ।

पुजारी हर किसी के दिल मे समाया हुआ था और उसके भजन न केवल उस गाव मे बल्की आस पास के गावो मे भी गुनगानाया जाता था । अगर कभी आस पास के गाव के लोगो को अपने घर में भजन कृत्न करवाना होता तो वे उस पूजारी को ही बुलाते थे ।

जिसका नतीजा यह होता की पुजार के भंजन सुनने ‌‌‌के लिए बहुत से लोग वहां पर आ जाते थे । मगर पुजारी अपने घर मे अकेला था और न ही उसे किसी का साहरा रहता था । जिसके कारण से उसे अपना जीवन चलाने के लिए कष्टो का ‌‌‌सामना तो करना पडता था मगर वह पुजारी कभी भी अपने आप को कष्टो मे है यह सोचता तक नही था । मगर एकेला होने के कारण से जब वह बिमार होता तो उसे ‌‌‌बहुत से कष्टो का समना करना पडता था । इसी तरह से एक दिन पुजारी बिमार हो गया था ।

उस समय उसकी हालत इस तरह की हो रही थी की उसे सही तरह से चला तक नही जा रहा था । जिसके कारण से वह अपने मंदिर तक नही जा सका और भजन तक नही कर पाया था । क्योकी वह एक भी दिन ऐसा नही ‌‌‌बितने देता था जिस दिन भजन न हुए हो । ‌‌‌जिसके कारण से लोगो ने जब उस दिन भजन नही सुने तो वे सोच मे पढ गए की आखिर आज भजन क्यो नही हुआ ।

मगर लोगो ने इस बारे मे ज्यादा गौर नही किया था । जब अगले दिन फिर ऐसा ही हुआ तब भी लोगो को लगा की जरूर पुजारी को कोई काम हो गया होगा ।‌‌‌उधर पुजारी क अपनी बिमारी से दूर होना चाह रहा था मगर उसे पता था की वह किसी की मदद के बिना ठिक नही होगा । जिसके कारण से उसने अपने प्रभु से आस लगा ली की वे ही उसे ठिक कर देगे । 

इस तरह से पुजारी दिन रात अपने प्रभु से आस लगाए रहता था । जब पुजारी को भजन न करते हुए तीन चार दिन हो गए तो गाव के ‌‌‌लोगो को लगा की जरूर पुजारी किसी मुसीबत में होगा । जिसके कारण से गाव के लोग उसके पास गए और उसका हाल चाल जाना तो उन्हे पता चला क पुजारी बीमार है । मगर अब जब पुजारी लोगो को अपनी ओर देखा तो वह उनसे मदद के लिए आस न लगा कर भगवान से मदद की आस लगा रहा था ।

मगर लोगो का क्या था वे एक दुसरे की मदद करते ‌‌‌जिसके लिए किसी को धन दे देते तो किसी को खाने के लिए अनाज दे दिया करते थे । क्योकी अगर अब लोग पुजारी की मदद करते है तो उन्हे धन न देकर उनके पास रहकर ही उनकी सेवा करनी होगी तब जाकर पुजारी ठिक होगा । यह लोग जानते थे जिसके कारण से लोगो ने अपने आप को व्यस्त समझ कर पुजारी की मदद न की बल्की ‌‌‌वे कहने लगे की हम पैसे दे देगे पुजारी के पास जो भी सेवा करेगा उसे पैसे मिलेगे ।

मगर पुजारी को यह अच्छा नही लगा जिसके कारण से उसने कहा की नही मुझे पैसे न तो लेने है और न ही देने है अगर कोई मेरी साहयता करना चाहता है तो उसे स्वयं ही मेरे पास रह कर मुझे ठीक करना होगा । तब लोगो मे से कोई भी आगे नही ‌‌‌आया यह देख कर पुजारी ने लोगो से कहा की कोई बात नही मेरी जब तक सांस है तब प्रभु पर आस है जरूर कोई मदद मिल जाएगी ।

इतना सुन कर गाव के लोग वहां से चले गए । मगर पुजारी के बिमार होने की बात एक दिन मे आस पास के गाव मे पहुंच गई । जिसके कारण से अलगे ही दिन 4 – 5 आदमी पुजारी के पास आए और उसकी मदद करने ‌‌‌लगे और साथ ही पुजारी को कहा की हमे प्रभु ने ही भेजा है । यह सुन कर पुजारी को बडा अच्छा लगा ।

इस तरह से उन चार पांच आदमी ने पुजारी की कुल चार दिन तक सेवा की जिसके कारण से पुजारी पुरी तरह से ठिक हो गया । जिसके बादमें वे सभी आदमी वहां से चले गए । यहां तक की पुजारी को अपना नाम तक नही बताया । इस ‌‌‌तरह के लोगो से सेवा पा कर पुजारी ने सोचा की ये बडे ही अच्छे आदमी है जरूर सच मे इन्हे प्रभु ने भेजा है क्योकी मेरी जब तक सांस तब तक आस प्रभु पर बनी रही है ।

इस तरह से पुजारी फिर ठिक हो गया और वह फिर पहले की तरह भजन करने लगा था । मगर अब पुजारी को एक बात समझ मे आ गई की वह जीस गाव में रहता है ‌‌‌वहां के लोग स्वयं किसी की मदद नही करते बल्की कुछ दे ले कर दुसरो की मदद करना ही मदद समझते है । मगर मदद का अर्थ अपने हाथो से और पसिना बहा कर किया गया कार्य होता है । यह गाव के लोगो को पता नही है ।

मगर पुजारी को यह जरा भी बुरा नही लगा की गाव के लोगो ने उनकी मदद नही की थी। बल्की पुजारी फि रभी गाव ‌‌‌लोगो के साथ अच्छी तरह से रहता था । इस तरह से आपको इस काहनी से समझ मे आ गया होगा की मुहावरे का अर्थ क्या है ।

‌‌‌जब तक सांस तब तक आस मुहावरे पर निबंध ‌‌‌jab tak saans tab tak aas muhavare par nibandh

दोस्तो व्यक्ति की पास अगर आस है तो वह कुछ भी कर सकता है क्योकी यहां पर आस होगी तब ही हिम्मत होगी और हिम्मत होने पर कुछ भी किया जा सकता है । इस कारण से कहा जाता है की अगर कुछ करना चाहते हो तो उस कार्य मे इस तरह से लगे रहो की उसे पूरा होना पडेग ।

बस ‌‌‌उसे पूरा होना ही होगा यही सोच कर करना चाहिए और वह पुरा होगा यह आस अपने मन मैं बैठा लेनी चाहिए । क्योकी जब मन मे आस होगी तो मन मे यह कभी प्रशन नही उठेगा की यह कार्य नही होगा और जब यह प्रशन नही आता है तो वह कार्य एक दिन जरूर सफल होता है  । जिस तरह से एक ‌‌‌किसान अपने खेत मे इस तरह से काम करता है की ‌‌‌उसका पूरा जीवन खेत मे बोई गई फसल मे चला जाए ।

मगर वह यह आस लगाए रखता है की उसकी फसल अच्छी होगी । जिसके कारण से चाहे उस पर कितने भी कष्ट क्यो न आए वह कभी पिछे नही हटता है । और इस तरह से आस लगाए रखने के कारण से उसकी फसल बडी ही अच्छी होती है । यह सब आस लगाने का ही परिणाम होता है ।

क्योकी उस ‌‌‌किसान ने ठान लिया था की जब तक उसकी सांस चलती है तब तक वह अपने खेत मे फसल पर आस लगाता ही रहेगा । और इसी तरह से संसार के किसान कर रहे है । इसके अलावा जो भी सफल मनुष्य होता है वह अपनी सफलता को पाने के लिए जरूर आस लगाता है तब जाकर वह सफल होता है ।

जिस तरह से यात्रि यात्रा करते समय यह आस लगाते ‌‌‌है की वे समय के साथ जरूर अपने स्थान पर पहुंच जाएगे  । जिसके कारण से वे कठिनाईयो को पार करते हुए अपने स्थान की और चलते ही रहते है । जिसके कारण से वे एक समय पर उस स्थान पर पहुंच जाता है ।

यहां पर आस लगाने की बात होती है मगर आस भी इस तरह से लगानी चाहिए की सांस जब तक खत्म न हो आस भी खत्म न ‌‌‌होनी चाहिए । जब इस तरह की बात कही पर होती है यानि अंतिम क्षणों तक आस लगाने की बात जहां पर होती वहां पर इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ अंतिम क्षणों तक आस बनाई रखना होता है ।

जब तक सांस तब तक आस मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of jab tak saans tab tak aas in Hindi

दोस्तो आप इस मुहावरे के अर्थ को काफी आसान रुप में समझ सकते है । क्योकी यह जो मुहावरा है वह असल में स्वयं ही इसके अर्थ के बारे में बता रहा है।

जैसे की आपको पता है की मुहावरा जो है वह असल में सांस की बात कर रहा है और मुहावरा बता रहा है की जब तक सांस है तब तक आस बनाए रखना है । क्योकी आपको पता है की सांस जो होती है वह उस समय तक बनी रहती है जब तक अंतिम क्षण नही आ जाता है । और इस बात का मतलब हुआ की अंतिम क्षणों तक आस बनाई रखना इस मुहावरे का अर्थ होता है । जो की आप काफी आसान रुप में समझ सकते है ।

तो इस तरह से दोस्तो आप काफी आसान रुप में इस मुहावरे को समझ सकते है और इसी तरह से अन्य मुहावरे को समझा जा सकता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *