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काम तमाम करना मुहावरे का मतलब क्या है और वाक्य मे प्रयोग

काम तमाम करना मुहावरे का मतलब क्या है और वाक्य मे प्रयोग

काम तमाम करना मुहावरे का अर्थ kaam tamam karna muhavare ka arth – मार डालना या अंत कर देना ।

दोस्तो जब कोई व्यक्ति किसी का अंत कर देता है । या फिर कह सकते है किसी व्यक्ति को जान से मार देता है तो यह कहा जाता है की इसने तो उसका काम तमाम ही कर दिया । इस तरह से जब ‌‌‌भी किसी को कोई मार देता है तो उसका काम तमाम होना कहा जाता है । इस तरह से हम जान सकते है की इस मुहावरे का अर्थ मार डालना होता है ।

काम तमाम करना मुहावरे का मतलब क्या है और वाक्य मे प्रयोग

काम तमाम करना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

  • भारत की सेना ने जैसे ही आंतकवादी को देखा तो वही उसका काम तमाम कर दिया ।
  • कैवल थोडे से धन के लिए गुंडो ने उसका काम तमाम ‌‌‌कर दिया ।
  • इससे बच कर रहना क्योकी इसने आज तक बहुत से लोगो का काम तमाम किया है ।
  • महेश ने जैसे ही तलवार से राहुल पर वार किया तो उसका वही काम तमाम हो गया ।
  • इसने मेरे बेटे का काम तमाम किया है इसे मैं सजा दिलाकर ही दम लूगी ।
  • शिवाजी ने अनेक लोगो का काम तमाम किया था ।
  • अगर कोई भी राजा के सामने ‌‌‌उन्हे भला बुरा ‌‌‌कहेगा तो उसका वही पर काम तमाम हो जाएगा ।
  • तुम तो बात बात पर काम तमाम करने की ही बात करते रहते हो ।
काम तमाम करना मुहावरे का मतलब क्या है और वाक्य मे प्रयोग

‌‌‌काम तमाम करना मुहावरे पर कहानी Idiom story

प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे एक राजा हुआ करता था । उस राजा के दो बेटे थे और दोनो ही बहुत ही ‌‌‌सुंदर और बोल चाल मे भी अच्छे थे । राजा अपने राज्य के लोगो की मदद करता रहता था ।

वह एक भी ऐसा मोका लोगो को देना नही चाहता था की लोग उसे ही ‌‌‌भला बुरा कहने लग जाए । इस कारण से राजा लोगो को स्वयं मिल कर उनकी समस्या सुलझाता था और जब तक उनकी समस्या नही सुलतझती तो ‌‌‌वह दम नही लेता था ।

इस तरह से राजा का इतना प्रेम देख कर उसके राज्य के लोग उसे महान मानने लगे थे । बिल्कुल ऐसा ही उसका बेटे थे । वे भी लोगो की मदद कर दिया करते ‌‌‌राजा के पास धन की कोई कमी नही थी क्योकी वह एक राजा था इस कारण से उसके पास धन तो होगा ही ।

राजा उसी धन से लोगो की मदद करता और लोग ही उसे टेक्स के रूप मे धन दे दिया करते थे । इस तरह से लोगो का धन फिर कर उनके पास ही आ जाता था । राजा की एक कमजोरी थी वह लोगो को सही तरह से समझने मे बहुत देर लगाता ‌‌‌था ।

राजा के राज्य मे उसके पास उसका प्रिय मंत्री रहा करता था । जिसका नाम प्रताब था । जब उसे देखा जाता तो वह बिल्कुल नेकी करने वाला लगता था । इस कारण से हर कोई उसके बारे मे गलत नही कह पता था । राजा ने जब उसे अपना मंत्री बनाया तो उसकी कई बार परिक्षा ली ‌‌‌तब वह उन सभी मे पास हो गया था । ‌‌‌

जिसके कारण से राजा को लगा की यह मेरे साथ कभी भी गदारी नही करेगा और लोगो की भी सेवा करता रहेगा । एक बार की बात है राजा बिमार हो गया था जिसके कारण से लोगो की सेवा करने वाला कोई भी नही था ।

क्योकी उसके बेटे अभी छोटे थे इस कारण से उन्हे यह ज्ञान नही था की राज्य को कैसे चलाया जाता है । और इतने ‌‌‌छोटे लडको को राज्य सोपा भी नही जाता था । इस कारण से अब प्रताब ही ऐसा बचा था जो राज्य को चला सके और राज्य की सेवा कर सके ।

इस कारण से प्रताब ने स्वयं ही उस राज्य की जीमेदारी अपने उपर ले ली थी । तब राजा को लग रहा था की यह लोगो की मदद करना चाहता है । इसी कारण से इसने इस जिम्मेदारी को स्वयं ही ‌‌‌संभाल लिया है । राजा धिरे धिरे और अधिक बिमार होने लगा था ।

इस कारण से प्रताब ने राज्य के सभी सैनिको को अपना बनाने लगा । जिसके कारण से सैनिक उसकी बात मानने लगे थे । अब वह जैसा कहता राजा की सैनिक बिल्कुल वैसा ही करते थे ।

इस तरह से प्रताब को उस राज्य का ध्यान रखते हुए एक ‌‌‌वर्ष बित गया था । जिससे वह लोगो की मदद न कर कर उनकी मदद के नाम पर राजा का धन लूट ‌‌‌लेता था और जब भी कोई राजा को यह सब बताने के लिए जाता तो प्रताब उसका वही पर काम तमाम कर देता था ।

जिसका लोगो को भली प्रकार से मालूम था क्योकी प्रताब लोगो के सामने ही यह सब करता था । ‌‌‌एक दिन की बात है प्रताब को जब पता चला की उसके राज्य का एक आदमी राजा को मेरे बारे मे बताने के लिए जा रहा है तो उसने उस आदमी को पकड कर राज्य के बिचो बिच उसे सुली पर लटका दिया था ।

जिसके कारण से लोग बहुत डर गए थे । तब प्रताब ने लगो से कहा की जो भी कोई मरे रास्ते मे आएगा उसका यही हाल होगा । ‌‌‌इस तरह की बात सुन कर लोग बहुत डर गए थे । पर उन लोगो मे ‌‌‌से ही एक आदमी मदद के बाहने राजा से मिला और राजा को इस बारे मे बता दिया था ।

जिसके कारण से राजा ने तुरन्त उस मंत्री को बुलाया और इस बारे मे पुछने लगा था । उस समय राजा कुछ ठिक हो रहा था । जिसके कारण से मंत्री को लग रहा था की राजा ठिक होते ‌‌‌उसे मार देगा और जब राजा को उसके बारे मे पता चल गया तो प्रताब डर गया था ।

तब राजा ने प्रताब का सच जान लिया तो राजा उसे कारागार मे डालने के लिए अपने ‌‌‌सैनिको को आदेश दे दिया । जिसके कारण उसके ‌‌‌सैनिको मंत्री के पास गए और उसे पकड कर राजा के सामने लेकर आ गए थे ।

उस समय मंत्री को जिन ‌‌‌सैनिको ‌‌‌ने पकडा था वे सभी राजा के प्रिय ‌‌‌सैनिको थे । जब प्रताब को पता चला की उसके बारे मे ‌‌‌राजा को पता चल गया है । तो प्रताब ने तुरन्त राजा को मारने की सोची और तभी उन ‌‌‌सैनिको से किसी तरह से छुट कर उन ‌‌‌सैनिको को मार कर राजा को भी मार दिया था ।

जब इस बारे मे राजा की पत्नी और उसके राज्य के लोगो को पता ‌‌‌तो लोग आपस मे बात करने लगे की प्रताब ने तो राजा का ही काम तमाम कर कर सिहासन पर बैठ गया है ।

पर अब उसके राज्य के लोग उसके आंतक मे फस कर जीने लगे थे । इस तरह से आप लोगो को इस कहानी से समझ मे आ गया होगा की इस मुहावरे का सही अर्थ ‌‌‌मार डालना है ।

काम तमाम करना मुहावरे || kaam tamam karna essay on idioms in Hindi

यह एक ऐसा मुहावरा है जिसका प्रयोग आज से नही बल्की काफी समय से किया जा रहा है । अगर आपने हिंदी फिल्में देखी होगी तो कभी न कभी तो यह सुना होगा की कहा जाता है की मैंने उसका काम तमाम कर दिया और ऐसी स्थिति में जिसके लिए यह कहा जाता है उसका अंत कर दिया जाता है ।

और ऐसा कई बार न्यूज पेपर में भी आता है की गुंडे का पुलिस ने काम तमाम कर दिया और इस समय जो न्यूज होती है उसमें गुंडे को मार दिया जाता है तो इस बात से यह समझ सकते है की जब किसी को मार देते है या अंत कर देते है तो इस मुहावरे का प्रयोग होता है।

और कहानी भी आपको कुछ ऐसा ही बता रही है और आपको काम तमाम करना मुहावरे के बारे में काफी कुछ समझा रही है और इसी बात के कारण से आप मुूहावरे को काफी अच्छी तरह से समझ सकते है ।

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