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न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व कहानी

न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व कहानी

न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी मुहावरे का अर्थ na rahega baans na bajegi bansuri muhavare ka arth- झगडे या मुसीबत के मुल कारण को नष्ट कर देना । दोस्तो दो लोगो के बिच मे जब किसी कार्य को लेकर झगडा होने लगती है और उस झगडे का अंत नही आ रहा है तो उस…

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सुबह का चिराग होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

सुबह का चिराग होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

सुबह का चिराग होना मुहावरे का अर्थ subah ka chirag hona muhavare ka arth – अंत पर होना । दोस्तो इस संसार मे जो भी  कोई जन्म लेता है वह एक दिन मरता भी जरूर है । और जब किसी के मरने का समय आ जाता है तो उसके लिए कहा जाता है की यह…

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4 दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

4 दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

4 दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात मुहावरे का अर्थ chaar din ki chandni phir andheri raat muhavare ka arth – कुछ समय का सुख और फिर दुख आना । दोस्तो आपने देखा होगा की जब भी किसी महफिल मे जाते है तो लोग बढ चढ कर दिखावा कर कर खुब रूपय पानी की तरह…

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What is the meaning of the idiom 'छाती पर मूँग दलना'? in Hindi

What is the meaning of the idiom ‘छाती पर मूँग दलना’? in Hindi

छाती पर मूँग दलना मुहावरे का अर्थ chati par mung dalna muhavare ka arth – किसी के निकट रह कर उसे कष्ट देना । छाती पर मूँग दलना मुहावरे का अर्थ क्या होता है? दोस्त छाती पर मूँग दलना मुहावरे का अर्थ  किसी के निकट रह कर उसे कष्ट देना होता है । यानि दोस्त,…

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कहां राजा भोज कहां गंगू तेली मुहावरे का अर्थ क्या होता है

कहां राजा भोज कहां गंगू तेली का मतलब और वाक्य व कहानी

कहां राजा भोज कहां गंगू तेली मुहावरे का अर्थ kahaan raja bhoj kaha gangu teli muhavare ka arth – दो या अधिक लोगो में तुलना होना ‌‌‌या अधिक अंतर होना । कहां राजा भोज कहां गंगू तेली मुहावरे का अर्थ क्या होता है? दोस्त कहां राजा भोज कहां गंगू तेली मुहावरे का अर्थ  दो या…

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जान के लाले पड़ना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

जान के लाले पड़ना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

जान के लाले पड़ना मुहावरे का अर्थ jaan ke laale padna muhavare ka arth  – प्राण बचाना कठिन लगना । दोस्तो जब कोई किसी मुसीबत मे फस जाता है । तो वह उसमे से निकलने का ‌‌‌अनेको प्रयास करता है और चाहता है की वह इससे निकल जाए । पर जब वह उसमे और फसता…

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भेड़ की खाल में भेड़िया मुहावरा क्या है

भेड़ की खाल में भेड़िया मुहावरा क्या है

भेड़ की खाल में भेड़िया मुहावरे का अर्थ bhed ki khal me bhediya muhavare ka arth – जो देखने में भोला -भाला हो, परन्तु वास्तव में खतरनाक हो। भेड़ की खाल में भेड़िया मुहावरे का अर्थ क्या होता है? दोस्त भेड़ की खाल में भेड़िया मुहावरे का अर्थ जो देखने में भोला -भाला हो, परन्तु…

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जल में रहकर मगर से बैर मुहावरे का मतलब और वाक्य में प्रयोग

जल में रहकर मगर से बैर मुहावरे का मतलब और वाक्य में प्रयोग

जल में रहकर मगर से बैर मुहावरे का अर्थ jal me rahkar magar se bair muhavare ka arth – शरण देनेवाले से ही शत्रुता करना । दोस्तो आपको पता है की मगर एक जल और स्थल पर रहने वाला जीव है जिसके शरीर पर काटो के समान त्वचा देखनो को मिलती है । यह जहां…

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अकल बड़ी या भैंस का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व निबंध

अकल बड़ी या भैंस का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व निबंध

अकल बड़ी या भैंस मुहावरे का अर्थ akal badi ya bhains muhavare ka arth – बुद्धि शरीरिक ‌‌‌शक्ति से कई गुना श्रेठ होती है । दोस्तो ‌‌‌जब कोई व्यक्ति दिखने मे बहुत बलवान हो तब वह अपने आप को दुसरो की तुलना मे काफी अधिक बडा मानने लगता है । परन्तु मानव बलवान से नही…

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मेंढकी को जुकाम होना मुहावरे का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

मेंढकी को जुकाम होना मुहावरे का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

मेंढकी को जुकाम होना मुहावरे का अर्थ mendaki ko jukam hona muhavare ka arth – अनहोनी होना । दोस्तो आप लोगो को पता है की जो भी कार्य होता है वह हो सकता है तभी वह कार्य होता है । पर कभी कभी कुछ ऐसे कार्य हो जाते है जिनकी आसा नही की जा सकती…

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