ठिकाने लगाना मुहावरे का अर्थ thikane lagana muhavare ka arth – काम तमाम करना या मार डालना ।
दोस्तो आपने देखा होगा की जब कभी किसी व्यक्ति को जान से मारा जाता है तब उसके लिए कहा जाता है की उसका काम तमाम कर दो यानि उसे जान से मार दो । इस तरह से काम तमाम करने या मार डालने को ही ठिकाने लगाना कहा है । इस तरह से इस मुहावरे का प्रयोग करते हुए आपने अक्सर टीवी में देखा होगा । क्योकी जब भी किसी को मार डालने को कहा जाता है तब उसके लिए यही कहते है की उस ठिकाने लगा दो । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ मार डालना या काम तमाम कनना होता है ।

ठिकाने लगाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence
- ठाकुर के कहते ही गाव के लोगो ने रामू को ठिकाने लगा दिया ।
- जैसे ही पुलिस को पता चला की गुंडे शहर मे आ रहे है तो पुलिस ने उन्हे चुपके से ठिकाने लगा दिया ।
- जब चोर चोरी करते हुए भाग रहा था तो अचानक पुलिस आ गई फिर भी चोर नही रूका तो पुलिस ने उसे ठिकाने लगा दिया ।
- किशोर न जाने कितनो को ठिकाने लगा चुका है उससे दुश्मनी मोल लेना भारी पड़ सकती है ।
- जब डाकू को रामू रोकने लगा तो डाकूओ ने उसे ठिकाने लगा दिया ।
- लक्ष्मण ने अपने दुश्मन को भरी सभा मे ठिकाने लगा दिया ।
- हरीराम ने पैसो के लिए अपने ही भाई को ठिकाने लगा दिया ।
- लालूयादव का तो कहना ही क्या वह पैसो के लिए किसी को भी ठिकाने लगा सकता है ।
- चोरो ने पैसो के लिए रामलाल के पूरे परिवार को ठिकाने लगा दिया और किसी को पता भी नही चला ।

ठिकाने लगाना मुहावरे पर कहानी muhavare par kahani
एक समय की बात है किसी गाव मे लालू नाम का एक आदमी रहा करता था । लालू के घर मे उसके चार बेटे थे और वे भी बहुत हट्टे कट्टे थे । लालू के पास पैसो की कोई कमी नही थी । वह अपने पैसो के कारण से कुछ भी कर सकता था । साथ ही वह एक मात्र ऐसा उस गाव मे था जिसकी बराबरी कोई नही कर रहा था ।
यानि लालू के पास पैसे बहुत थे वही अपने गाव का सबसे अमीर आदमी था । साथ ही लालू की तरह तरह के लोगो के साथ जानकारी भी थी । वह जितना अच्छा था उतना ही बूरा था । पर जो लोग अच्छे होते उनके साथ वह हमेशा ही अच्छा बना रहता था पर जो लोग उसके साथ बूरा व्यवाहर करते थे वह उसके साथ भी बूरा करने वाला था ।
लालू के गाव के लोग भी लालू को बहुत ही समान दिया करते थे । जिसके कारण से लालू गाव के लोगो की हर समय मदत करता था । इसी तरह से लालू के बेटे थे अगर उसने लालू कुछ कह देता तो वे बिना सोचे समझे वही काम कर देते थे ।
इस तरह से लालू को गाव के लोग बहुत ही अच्छा मानते थे । एक बार की बात है लालू का एक बेटा शहर किसी काम से जा रहा था इस कारण से उसने अपने साथ पैसे ले लिए थे । वह पैसे लेकर शहर की तरफ चला गया था ।
लालू का बेटा जब शहर पहुंचा तो कुछ लूटेरे वहा आ गए । जिन्होने लोगो को इकट्ठा कर कर उनसे पैसे लेने लगे । तभी यह सुचना पुलिस के पास पहुंच गई जिसके कारण से वहा पूलिस भी आ गई । पुलिस को देखते ही लूटेरो ने पुलिस वालो को वहा से जाने को कहा ।
जब पुलिस ने लूटेरो की बात नही मानी तो लूटेरो ने तिन लोगो पर गोली चला दी । उनमे से एक लालू का बेटा था । गोली मार देने के कारण से पुलिस घबरा गई और वहा से जाने लगी थी । तब पिछे से लूटेरे भी सारा धन लेकर वहा से रफू चकर हो गए ।
इस बात को एक दिन बित गया पर जब लालू का बेटा घर नही आया तो लालू बहुत ही चिंतित होने लगा । तब लालू ने सोचा की चलो एक दिन और देख लेते है अगर वह नही आता है तो शहर जाकर उसका पता लगाना होगा ।
इस तरह से जब अगला दिन आया तो लालू अपने बेटो के साथ शहर जाकर अपने बेटे के बारे मे जानने लगा । तब लालू को पता चला की जिस दिन मेरा बेटा शहर आया था तभी लूटेरो ने तिन लोगो को गोली मारी थी ।
जब इस बारे मे और जानने के लिए लालू पुलिस के पास गया तो उसे वहा पर अपने बेटे के बारे मे पता चल गया था । तब लालू को बहुत दुख हुआ जिसके कारण से लालू और उसके बाकी के बेटे रोने लगे थे । तब पुलिस ने लालू से से कहा की वे लूटेरे शहर मे कभी भी आ जाते है और ऐसा ही करते रहते है ।
पुलिस वालो ने यह भी कहा की अगर हम उन्हे पकडने के लिए चले जाते है तो वे लोगो को मारने लगते है । यह सुन कर लालू ने कहा की उन लूटेरो ने मेरे बेटे को मारा है इस कारण से उन्हे अब ठिकाने लगाने का समय आ गया है ।
इतना कह कर लालू पुलिस के पास से चला गया और अपने गाव जाकर जिन लोगो को लालू जानता था की ये भी इस तरह के काम तमाम कर सकते है उनके साथ मिल गया और अगले ही दिन सभी शहर चले गए ।
वह जाकर उन्होने कुछ इस तरह से नाटक किया की वहा के लोगा को लगने लगा की इनके पास पैसे बहुत है । यह खबर हवा की तरह लूटेरो के पास पहुंच गई । जिसके कारण से लूटेरे वहा पैसे लूटने के लिए आए और लोगो के सामने बंदूक तान कर पैसे देने को कहा ।
तब उन लूटेरो ने लालू और लालू के बेटो पर भी बंदूक तान ली थी । जब लूटेरो ने देखा की इनके पास कुछ नही है तो वे लूटेरे क्रोध मे आने लगे । तभी लालू और उसके बेटो के साथ जो लोग आए थे उन्होने अपना खेल दिखा दिया और लूटेरो पर टूट पडे ।
जिसके कारण से कुछ समय तक हाथापाई होती रही पर आखिर मे लालू और उसके साथियो ने लूटेरो का काम तमाम कर दिया । जब इस बारे मे पुलिस को पता चला तो पुलिस ने लालू और उसके साथियो को पकड लिया ।
तभी पुलिस के बडे अफसर वहा आकर लालू को छुटाने लगे और उसका धन्यवाद कहते हुए कहा की आपने हमारी मदत कर दी । इन लूटेरो ने शहर मे मुसीबत फैला रखी थी । इस तरह से फिर लालू वहा से अपने गाव मे चला गया ।
तब गाव के लोगो को पता चला की लूटेरो ने लालू के बेटे को मार दिया इस कारण से लालू ने उन लूटेरो को ठिकाने लगा दिया है । साथ ही शहर के लोगो को भी इस बारे मे पता चला गया । तब शहर के लोग लालू को धन्यवाद कहने लगे और कहा की उनके कारण अब हम आराम से शहर मे फिर सकते है ।
इस तरह से लालू के लोग गुणगान करने लगे थे । इस तरह से आपको समझ मे आ गया होगा की इस कहानी से मुहावरे का अर्थ क्या है ।
ठिकाने लगाना मुहावरे पर निबंध || thikane lagana essay on idioms in Hindi
दोस्तो अगर आप टीवी देखने के शौकीन रहे है या फिर आप फिल्मो को देखते है तो आपने इस मुहावरे का प्रयोग होते हुए कई बार देखा होगा क्योकी वहां पर इसका प्रयोग किया जाता है और बहुत ही सुंदर शब्दो में कहा जाता है की जाओ और इसे ठिकाने लगा दो ।
दरसल फिल्मो के अंदर जब किसी को मार डालने के लिए कहा जाता है तो ऐसा नही कहते है की इसे मार दो बल्की कहते है की इसे ठिकाने लगा दो । मतलब इसे मार कर कही पर दफना दो या फिर छीपा दो । तो इस तरह से हमारी फिल्मी दुनिया से हमे इस मुहावरे को समझने का मोका मिलता है और हम वहां से समझ सकते है की ठिकाने लगाना मुहावरे का अर्थ काम तमाम करना या मार डालना होता है और जहां पर भी काम तमाम करना या मार डालने की बात होती है वही पर इस मुहावरे का वाक्य में प्रयोग होता है और इस बात को आप अभी तक समझ चुके है ।