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टूट पड़ना का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ क्या होता है

टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ toot padna muhavare ka arth – हमला करना

टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

दोस्त टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ  हमला करना होता है । यानि दोस्त,

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टूट पड़नाहमला करना
टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ क्या होता है

टूट पड़ना मुहावरे को कैसे समझे

दोस्तो प्राचिन समय से चला आ रहा है की जो भी कोई राजा महाराजा होता है उसका कोई न कोई ‌‌‌दुश्मन होता ही है उसी तरह से आज के समय मे भी कोई न कोई किसी का दुश्मन होता ही है और जब वे लोग अपने दुश्मन पर हमला कर देते है । ‌‌‌तब उन लोगो के लिए कहा जाता है की यह तो अपने दुश्मन पर टूट पडा । इस तरह से इसका अर्थ हमला करना होता है ।

टूट पड़ना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

टूट पड़ना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

आतंकवादियों को देखते ही भारतिय सेना उन पर टूट पडी ।

जनता को जैसे ही पता चला की सेठ धोकेबाज है तो जनता सेठ पर टूट पडी ।

अगर तुम्हारे बारे मे लोगो को पता चलेगा तो लोग तुम पर टूट पडेगे ।

अंग्रेजो का आंतक देख कर लक्ष्मीबाई उन पर टूट पडी ।

टूट पड़ना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

जब वानर सेना रावण की सेना पर टूट पडी तो रावण की सेना को ‌‌‌अपने प्राण बचाने के लिए वहां से भागना पडा ।

टूट पड़ना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

जैसे ही राजव की सच्चाई गाव के लोगो के सामने आई तो गाव के लोग उस पर टूट पडे ।

राम के पिता का हत्यारा जैसे ही राम के सामने आया तो राम उस पर टूट पडा ।

टूट पडना मुहावरे पर कहानी muhavare par kahani

प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे धनपतराय नाम का एक राजा रहा करता ‌‌‌था । नाम के अनुसार राजा के पास धनदोलत की कोई कमी नही थी । साथ ही राजा बहुत ही दयालू व्यक्ति था । इस कारण से वह लोगो की मदद करने के बारे मे सोचता भी नही था ।

जैसे ही राजा को पता चलता की लोग मुसीबत मे है तो वह उनकी मुसीबत दूर करने के लिए अपना धन दान कर दियाकरता था । जिसके कारण से गाव के लोगो ‌‌‌को लगने लगा की राजा के पास धन की कोई कमी नही है इसी तरह से एक व्यक्ति को लगता था ।

तब उस व्यक्ति ने बहुत सोच समझ के साथ राजा की नजरो मे समझदार बनने की कोशिश की । वह व्यक्ति राजा के राज्य की सेना का एक सेनिक था ।

‌‌‌जिसने धिरे धिरे अपने बहादुरी राजा को दिखानी शुरू कर दी जिसके कारण से ‌‌‌समय के साथ राजा उसे सेनिक से उपर बनाते गया और एक समय ऐसा आ गया तब राजा को लगने लगा की इसके जैसा तो मेरे राज्य मे कोई है भी नही ।

साथ ही राजा को लगता था की यही ऐसा है जिस पर मैं पूरा भरोषा कर सकता हूं । इस तरह से सोच कर राजा ने उस व्यक्ति को अपना मंत्री बना लिया था ।

अब मंत्री बन जाने ‌‌‌के कारण से वह व्यक्ति राजा को हर कार्य मे अपनी राय देने लगा और जो भी काम राजा शुरू करता तो राजा उस मंत्री को ही वह कार्य देता था । जिसके कारण से धिरे धिरे मंत्री ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया यानि वह मंत्री राजा को ठगने लगा था ।

जिसके बारे मे राजा को ‌‌‌कुछ भी नही पता था । ‌‌‌इसी तरह से एक बार की बात है तब राजा किसी काम से अपने राज्य से बाहर चला गया था और अपना राज्य मंत्री के हवाले कर दिया था ।

उस समय राजा अपने राज्य से ‌‌‌पुरे एक वर्ष तक दूर रहा था । जिसके कारण से मंत्री ने ही राजा के राज्य पर अपना अधिकार कर लिया । अब गाव के लोग मंत्री की बात मानने लगे थे । ‌‌‌पर मंत्री लोगो पर बडे जुल्म करता था ।

फिर भी लोग उसकी बात मानते थे । जब राजा अपने राज्य मे आया तो वह यह जानकर बहुत दुखी हुआ । साथ ही उसे बहुत क्रोध आया की उसने मंत्री पर भरोषा कर कर उसे इतना बडा काम संभालने को दे दिया ।

जब राजा ने मंत्री से इस बारे मे बात की तो मंत्री ने राजा की एक नही सुनी और ‌‌‌उसे देश निकाल दिया । राजा अपनी गलती पर बहुत पछता रहा था । साथ ही वह यह भी सोच रहा था की आज उसके कारण से ही उसके राज्य के लोग इतनी पिडा सहन कर रहे है ।

तब राजा किसी तरह से अपने प्रिय मित्र के पास गया जो एक बहुत ही बलसाली राजा था । उसका नाम सुनते ही कई राज्य के राजाओ ने ऐसे ही हार मान ली थी ‌‌‌। जिसका नाम सुरजमल था ।

जब राजा ने सुरजमल को अपनी पिडा बताई तो अगले ही दिन सुरजमल ने राजा को अपने साथ लेकर राजा को उसका राज्य दिलवाने के लिए उसके मंत्री पर टूंट पडा । जब सेनिको ने देखा की सामने हमारा राजा है जो हमसे युद्ध करने के लिए आ रहा है और उनके साथ राजा सुरजमल भी है तो उन्होने अपनी ‌‌‌हार मान ली और राजा के बंदी बन गए ।

जब राजा के सामने उसा मंत्री युद्ध करने के लिए आया तो मंत्री सुरजमल का सामना करने लगा । पर राजा सुरजमल की सेना विशाल और ताकतवर थी । जिसके कारण से जैसे ही उसकी सेना टूट पडी तो मंत्री के घुटने टिकवा दिए और उसे बंदी बनाकर राजा को सोप दिया ।

तब राजा ने कहा की सुरजमल तुमने मेरे राज्य को मुझे वापस दिलाकर और लोगो को इस मंत्री से मुक्ती दिलाकर बहुत बडा अहसान किया है । तब राजा सुरजमल ने कहा की मित्रो मे कभी अहसान की बाते नही होती ।

इस तरह से कहते हुए फिर राजा और राजा सुरजमल के साथ साथ राज्य के लोग भी खुशी मनाने लगे थे । जब राजा को अपना सिहासन वापस मिल गया तो वह पहले की तरह ही लोगो की मदद करने लगा और अपना जीवन यापन करने लगा था ।

इस तरह से आप लोगो को समझ मे आ गया होगा की सुरजमल किस तरह से मंत्री पर टूट पड कर राजा को उसा राज्य वापस दिलवाया । यानि टूट पडना मुहावरे का अर्थ हमला करना होता है ।

‌‌‌टूट पडना मुहावरे पर निबंध muhavare par nibandh

दोस्तो जिस तरह से जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे स्थान पर खडा है जिसके उपर एक ऐसा पैड है जो टूटने वाला है । और अचानक वह पेड उस व्यक्ति पर टूट पडता है तो उस व्यक्ति को बहुत कष्ट सहना पडता है । इसी तरह से जब उस व्यक्ति पर कोई छोटी वस्तु गिरती है तो वह कहता ‌‌‌कोन है जो हमला कर रहा है ।

फिर उसे ज्ञात होता है की यह वस्तु तो अपने आप टूट पडी है । इस तरह से जब किसी राजा महाराजा पर हमला हो जाता था तो पूरे राज्य मे सु‌‌‌चना पहुंचाई जाती थी की हमारे राज्य पर किसी की सेना टूट पडी है । जिसका अर्थ होता है की किसी सेना ने हमारे राज्य पर हमला कर दिया है । इस ‌‌‌तरह से टूट पडना मुहावरे का अर्थ हमला करना होता है ।

टूट पड़ना मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of toot padna in Hindi

दोस्तो पहले के समय में जब युद्ध होता था तो राजा कहता था की सामने जो सेना है उस पर जाओ और टूट पड़ो । और इस तरह से फिर सेना आगे बढती और दूसरी सेना पर हमला कर देती थी ।

तो आप केवल इस छोटी सी बात से ही समझ सकते है की टूट पड़ना एक ऐसा मुहावरा है जो की हमला करने को दर्शाता है । जैसे की आपने भी इसका प्रयोग कई बार किया होगा या फिर सुना होगा ।

उदहारण के लिए अंग्रेजी सेना को देश कर भारतिय लोग उन पर टूट पड़े । मतलब जब अंग्रेज सामने से युद्ध करने आ रहे थे तो भारत के लोग भारत को आजाद करवाने के लिए उस पर टूट पड़े और अंग्रेजो का अंत किया और भारत को आजाद कर दिया था ।

तो इस तरह से दोस्तो बहुत से ऐसे तरीके होते है जिनकी मदद से आप इस मुहावरे को समझ सकते है की toot padna muhavare ka arth – हमला करना होता है ।

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