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चट मंगनी पट ब्याह का मतलब और वाक्य व कहानी

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का अर्थ क्या होता है

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का अर्थ chat mangni pat byah muhavare ka arth – किसी कार्य का शीघ्र संपन्न होना

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

दोस्त चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का अर्थ  किसी कार्य का शीघ्र संपन्न होना होता है । यानि दोस्त,

मुहावरा अर्थ
चट मंगनी पट ब्याह किसी कार्य का शीघ्र संपन्न होना ।
चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का अर्थ क्या होता है

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे को कैसे समझे

दोस्तो जब किसी का विवाह होता है तो उसे ब्याह भी कहा जाता है और ब्याह से पहले एक रसम होती है जिसे पूरा करने के बाद मे विवाह होना पूरी तरह से तय हो जाता है । इस रसम को ही मंगनी ‌‌‌के नाम से जाना जाता है साथ ही मंगनी को वर्तमान मे सगाई के नाम से जाना जाने लगा है । इस तरह से ब्याह से बहुत समय पलहे मंगनी की जाती थी ।

मगर वर्तमान मे लोग बहुत ही व्यस्थ रहते है जिसके कारण से वे ब्याह मे बहुत समय नही लगाना चाहते है जिसके कारण से इस रसम को ब्याह के समय ही करते है । यानि ‌‌‌पहले दिन मंगनी की तो अगले ही दिन ब्याह कर दिया । इस तरह से दोनो कार्य बहुत ही जल्दी संपन्न हो जाते है । इस कारण से जब भी कोई कार्य बहुत जल्दी संपन्न होता है तो इस मुहावरे का प्रयोग करते है ।

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का वाक्य में प्रयोग chat mangni pat byah muhavare ka vakya me prayog

‌‌‌राजवीर ने तो अपनी बेटी का रातो रात विवाह कर दिया हमे तो पता ही नही चला सच है आजकल चट मंगनी पट ब्याह हो रहा है।

आपने तो अपने बेटे का विवाह इतना जल्दी कर दिया की मानो चट मंगनी पट ब्याह ।

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का वाक्य में प्रयोग chat mangni pat byah muhavare ka vakya me prayog

बेटे के नोकरी लग जाने के अगले ही दिन सरला शहर जाकर रहने लगी और किसी को इस बारे में भनक तक नही पडी सच ‌‌‌है चट मंगनी पट ब्याह ।

कुलदीप ने कल ही तो अपना नया काम शुरू किया था और आज उसने सारा समान बेच दिया यह तो चट मंगनी पट ब्याह वाली बात हो गई ।

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का वाक्य में प्रयोग chat mangni pat byah muhavare ka vakya me prayog

कोरोना के कारण से हर कोई चट मंगनी पट ब्याह की तरह विवाह कर रहा है ।

बहन क्या बताउ उस समय कोरोना चल रहा था जिसके कारण से अपने बेटे के विवाह मे आपको‌‌‌ बुला न पाई बल्की मैंने तो चट मंगनी पट ब्यहा कर कर काम खत्म किया ।

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का वाक्य में प्रयोग chat mangni pat byah muhavare ka vakya me prayog

चोर चारी करने के लिए बैंक मे घुस्सा ही था की पुलिस को इस बारे मे सुचना पहुंच गई मगर जब तक पुलिस बैंक के पास आई तो चोर वहां से भाग गया यानि चट मंगनी पट ब्याह ।

‌‌‌चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे पर कहानी chat mangni pat byah muhavare par kahani

प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे एक राजा रहा करता था । राजा के घर मे उसकी पत्नी और एक बेटी रहा करती थी । राजा के कोई बेटा नही था मगर बेटी थी वह भी जरा दिमाग से पागल थी। ‌‌‌इस कारण से राजा की पत्नी को अपनी बेटी जरा भी अच्छी नही लगती थी । मगर राजा जो दयालुता की मिसाल थे उसे अपनी बेटी की इस हालत को देख कर कुछ बुरा नही लगता था ।

बल्की राजा कहता की जो भी है सब भगवान की देन है । अगर यह इस तरह की है तो जरूर इसके पिछे भी कोई कारण है । ‌‌‌इस तरह से सोच कर राजा अपनी बेटी से बहुत ‌‌‌ही प्रेम करते थे। यह देख कर राजा की पत्नी ने उन्हे कई बार कहा की यह बेटी पागल होने के बाद भी आपको कैसे अच्छी लगती है ।

 अगर इसकी जगह कोई बेटा होता तो हमारा राज्य संभालने के लिए काम मे आता । मगर पत्नी की बात सुन कर राजा कहा करता की ऐसा नही है चाहे बेटी हो या बेटा सभी कुछ न कुछ काम जरूर आते ‌‌‌है । अब बेटी की इस तरह की हालत है तो कोई न कोई अच्छा लडका होगा जिसका नसिब खुल जाएगा और वह इस राज्य को संभालेगा ।

मगर पत्नी यह नही चाहती थी बल्की वह कहती मेरे भाई के एक लडका है वह हमारे पास रह कर हमारे राज्य को संभालेगा । इस बात पर बहुत अधिक बहस चला करती थी । मगर जब राजा की बेटी बडी हो ‌‌‌गई तो राजा को उसके विवाह के चिंता होने गली । मगर पत्नी को इस बारे मे जरा भी फिकर नही थी। बल्की वह तो चाहती थी की पागल बेटी का विवाह न हो तो मेरे भाई के लडके को राजा बनने का मोका मिल जाएगा ।

 इस कारण से जब भी राजा अपनी बेटी के लिए कोई रिश्ता मगवाता तो राजा की पत्नी ही लडके वालो को लडकी ‌‌‌की रारी सचाई बता देती थी । जिसे जान कर भी कुछ लोग उससे विवाह करने को तैयार थे । मगर फिर पत्नी उन्हे इस तरह उन्हे कहती की आपको लडकी का विवाह होते ही राज्य से निकाल दिया जाएगा ।

इस तरह से जानने के बाद मे धन के लालच मे विवाह करने वाले नही ठहरते थे । इस तरह से राजा अपनी बेटी ‌‌‌के लिए कुल 20 रिश्ते लेकर आ गया था मगर अभी भी किसी ने विवाह के लिए हां नही कही थी । मगर इस बिच राजा को पता चला की उसकी पत्नी चाहती नही है की उसकी बेटी का विवाह हो जिसके कारण से वह जो भी कोई आता है उसे किसी तरह से भगा देती है ।

यह जानने के बाद मे राजा को बहुत अधिक क्रोध आया मगर राजा ‌‌‌ने अपने आप को क्रोध से बचा लिया और अपनी बेटी का विवाह अच्छे घर मे कराने की ठान ली थी । इसी तरह से अब जो भी महल मे आता वह विवाह के लिए तैयार नही होता था । जिसके कारण से एक दिन राजा अपनी पत्नी से किसी बात का बाहना बना कर अपनी बेटी के साथ दूसरे राज्य मे चला गया । 

वहां जाने पर राजा को एक ‌‌‌सज्जन ‌‌‌लडका मिला । जिसे बिल्कुल भी धन का लालच नही था और वह लोगो की मदद के लिए कुछ भी करने को तैयार था । साथ ही वह ‌‌‌लडका चाहता था की अगर उसे प्रजा की सेवा करने का मोका मिला तो वह लोगो के सारे दुख दूर कर देगा । इस बारे मे राजा ने उसके घर मे रह कर ही जाना था ।

क्योकी राजा को जब ‌‌‌उस राज्य में रात्री ‌‌‌हुई तो वह ‌‌‌उसने घर के सामने ही सरण के लिए हाथ फैला दिए । जिसके कारण से उस ‌‌‌लडके ने राजा का समान करते हुए उन्हे तुरन्त अपने घर मे रहने के लिए कह दिया और फिर राजा और उसकी बेटी की खुब सेवा की । इस तरह से राजा को वह ‌‌‌लडका बडा ही अच्छा लगा ।

तब राजा मन ही मन सोचने लगा की अगर यह मेरी ‌‌‌बेटी के साथ विवाह कर लेगा तो मेरी बेटी का जीवन सवर जाएगा साथ ही मेरी प्रजा कभी भी कष्ट मे नही रहेगी । इसके बाद मे राजा ने अपनी इस इच्छा को उस ‌‌‌लडके के सामने रखा तो वह कहने लगा की राजा जी मैं कहा और आप कहा । मैं आपके बाराबर नही हूं ।

 यह सुन कर राजा ने कहा की नही तुम्हारे जैसा तो मुझे पूरी ‌‌‌दुनिया मे नही मिलेगा । साथ ही राजा ने कहा की अगर तुम्हे मेरी बात से कोई एतराज न हो तो तुम अपना फैसला मुझे बता देना । यह सुन कर उस ‌‌‌लडके ने कहा की मैं कल आपको इस बारे मे बता दूगा । अब रात भर वह सोचता रहा की वह इस पागल लडकी के साथ विवाह कर लेगा यह सही तो होगा ना ।

मगर तभी उसने सोचा की ‌‌‌मुझे आज लोगो की सेवा करने का मोका मिल रहा है तो मैं इसे हाथ से कैसे जाने दूगा । साथ ही उसने सोचा की राजा की बेटी भले ही पागल होगी मगर वह बहुत ही अच्छी है । इसके अलावा वह रात भर सोचता रहा की उसे एक कन्या चाहिए जो वह लडकी है । इस तरह से जब सुबह हुई तो राजा ने उस लडके से उसका फैसला पुछा तब उस ‌‌‌लडके ने विवाह के लिए हां कह दी ।

जिसके कारण से राजा ने उसी नगर मे उसी दिन दोनो का विवाह करने का फैसला किया । यह सुन कर वह लडका भी कहने लगा की उसे कोई ऐतराज नही है। क्योकी वह लडका अपने परीवार मे अकेला था जिसके कारण से उसे किसी की इच्छा की जरूरत नही थी ।

इस तरह से उस दिन राजा ने अपनी बेटी ‌‌‌और उस लडके का विवाह उसी राज्य मे बडी ही धुम धाम से किया । जिसे देख कर वहां की प्रजा कहने लगे की इस लडके का तो नसीब चमक गया एक राजा की बेटी से विवाह हो रहा है । साथ लडके ने सुना की कुछ लोग कह रहे है की इसका तो चट मंगनी पट ब्याह हो गया ।

इस तरह से जब राजा अपनी बेटी और अपने दामाद के साथ अपने ‌‌‌राज्य व अपने महल मे पहुंचा तो वहां पर ऐसा ही हुआ । यानि राजा की पत्नी ने कहा की आप तो किसी अन्य काम के लिए गए थे और बेटी का विवाह कर कर वापस लोट रहे हो । हमे पता तक नही चलने दिया। तब राजा ने अपनी पत्नी से कहा की महल मे ऐसा कोई है जो नही चाहता की हमारी बेटी का विवाह हो ।

जिसके कारण से ही ‌‌‌मेने चट मगनी पट ब्याह कर दिया है । क्योकी अब पत्नी को पता था की वह किसके बारे मे बात कर रहे है इस कारण से उसने कुछ नही कहा । इस तरह से प्रजा को कुछ पता नही चला ।

बल्की अगले दिन जब राजा ने अपनी बेटी के विवाह की दावत लोगो को दी तब जाकर इस बारे मे लोगो को पता चला । जिसके कारण से लोग बहुत ही ‌‌‌खुश थे । इस तरह से फिर राजा के मरने के बाद मे वह लडका ही उस राज्य का नया राजा बना । इस तरह से आपको इस कहानी से मुहावरे का अर्थ समझ मे आ गया होगा ।

चट मंगनी पट ब्याह मुहावरे का पर निबंध || chat mangni pat byah essay on idioms in Hindi

दोस्तो अगर हम chat mangni pat byah की बात करते है तो इसका सिधा साधा अर्थ होता है की किसी कार्य को शीघ्र संपन्न करना या होना । और आप इस बारे मे अच्छे से समझ चुके है ।

तो इस कारण से आपको यह तो पता हे की इसका कहां पर प्रयोग करना है । मगर इसके अर्थ को कैसे याद करना है इसके बारे मे भी हमने आपको उपर समझाया है । साथ ही एक कहानी भी प्रदान की है जो की आपने उपर पढी है और इस कहानी के माध्यम से भी आप इस मुहावरे को काफी आसानी से याद कर सकते है ।

वैसे दोस्तो आपको बात दे की chat mangni pat byah असल में एक सही मुहावरा है जो की किसी ऐसे विवाह के बारे में बात करता है जिसके विवाह होने की बात अभी अभी तय हुई है और कुछ ही समय के बाद में विवाह होता है । तो इसका मतलब है की जो कार्य है वह शिघ्र संपन्न हो रहा है तो इसी से आप समझ सकते है ।

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