अंधेरे घर का उजाला मुहावरे का अर्थ andhere ghar ka ujala muhavare ka arth – एक ही संतान होना ।
दोस्तो जब कोई व्यक्ति ऐसा हो जिसके एक संतान हो और उस संतान के होने के बाद मे उस घर मे किसी और का जन्म नही हुआ हो तो इस तरह से फिर वह उस घर की इकलोती संतान हो जाएगी या अपने माता पिता की इकलोती संतान हो जाएगी । इस तरह से जब किसी के एक ही संतान होती है तब उसे अंधेरे घर का उजाला कहा जाता है ।

अंधेरे घर का उजाला मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence
- राजबाला तो श्यामलाल के अंधेरे घर का उजाला बन गई है ।
- इतना बडा परिवार होने के बाद भी रमेश इस अंधरे घर का उजाला है ।
- सरला को शादी करे हुए दस वर्ष बित गए पर उनके अंधरे घर का उजाला श्याम ही है ।
- अगर इस अंधेरे घर का उजाला कोई हो जाता तो इनका जीवन सुधर जाता ।
- प्रताब को गोद लेने के कारण से रामबाबू के अंधरे घर का उजाला प्रताब बन गया ।
- इतने वर्षो के बाद मे महेश के अंधरे घर के उजाले का जन्म हो गया है ।
- अब तो आपके अंधरे घर का उजाला भी नोकरी करने लगा है इस कारण से आप तो बहुत खुश हो गए हो ।
अंधेरे घर का उजाला होना मुहावरे पर कहानी muhavare par kahani
प्राचिन समय की बात है राजबाला नाम की एक औरत अपने पति के साथ रहा करती थी । उसका पति बहुत ही सरल स्वभाव वाला आदमी था । राजबाल का पति ऐसा इंसान था जिसे जो भी काम दे दिया जाता तो वह उसे किसी तरह से पूरा कर देता था ।
इस तरह से काम करने के कारण से उसके पास पैसो की सख्या बढती जा रही थी । राजबाल के घर मे और कोई भी नही रहता था । राजबाला की शादी हुए अभी तिन वर्ष बित गए थे । जब कोई भी संतान नही हुई तो दोनो पति पत्नी दुखी होने लगे थे ।

तब कोई कहता की वहां एक बाबा रहता है वहा फेरी लगा कर आ जाओ तो कोई कहता की डॉक्टर से बात करो । इस तरह से लोगो की बात सुनने के कारण से राजबाला और उसका पति इधर उधर फिरने लगे थे । इस तरह से फिरते हुए उन्हे दो वर्ष हो गए पर अभी तक कोई भी फर्क नही पडा था ।
जिसके कारण से बादमे उन दोनो ने उमीद ही छोड दी की उनके घर मे भी किसी संतान का जन्म होगा । और फिर अपना जीवन इसी तरह से बिताने लगे थे । इस तरह से उन्हे अपना जीवन बिताते हुए 4 वर्ष ही बित चुके थे ।
तब राजबाला को एक दी उल्टी होने लगी थी । उस दिन उसे बहुत अधिक उल्टी हुई तो वह डॉक्टर के पास दिखाने के लिए चली गई । तब उसके साथ उसका पति नही था । डॉक्टर ने जाच की तो उसे पता चला की यह मां बनने वाली है ।
इस कारण से जब डॉक्टर ने राजबाला से कहा की तुम मां बनने वाली हो तो उसे विश्वास नही हुआ । और डॉक्टर से बार बार इस बारे मे पूछने लगी थी । तब उसने डॉक्टर से कहा की इतने वर्ष हो गए पर कभी भी संतान नही हुई ।
यह सुन कर डॉक्टर ने कहा की कभी कभी ऐसा होता है की पहले संतान नही होती और फिर हो जाती है । क्योकी राजबाला पढी लिखी नही थी इस कारण से इस तरह की बातो के बारे मे उसे पता नही था । इसी कारण से वह डॉक्टर की बातो की घहराई को नही समझ सकी थी।
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डॉक्टर के कहने के बाद राजबाला तुरन्त अपने घर की ओर रवाना हो गई । जैसे ही राजबाला घर गई तो उसा पति वहां पर बैठा था और उसने कहा की तुम कहा गई थी । तब राजबाल ने कहा की आप पति बनने वाले हो ।
यह सुन कर राजबाला के पति ने कहा की मैं मजाक करने के मुड मे नही हूं । तब राजबाला ने कहा की मै सच कह रही हूं ऐसा कहते हुए उसने वह सारी बात अपने पति को बता दी । यह सब जान कर राजबाला का पति भी खुश हो गया था ।
धिरे धिरे समय बितता गया और राजबाला और उसका पति अपनी संताने के जन्म की प्रतिक्षा करने लगे थे । समय आने पर उनके घर मे एक संतान का जन्म हो गया था । जिसके कारण से राजबाला और उसके पति ने पूरे गाव के लोगो को मिठाई बटवाई ।
जब गाव के लोगो को पता चला तो वे सभी राजबाल और उसके पति के पास आकर कहने लगे की आपके अंधरे घर का उजाले ने जन्म ले लिया है । यह तो बहुत ही खुशी की बात है।
जब उनका बेटा बडा होने लगा तो राजबाला और उसके पति ने उसे पढने के लिए सबसे अच्छे विधालय मे भेजा था । इस तरह से पढने के बाद मे जब वह बडा हो गया तो उसके माता पिता उसे नोकरी की तैयारी कराने लगे थे ।
वह तो बस बैठ कर पढता ही था अगर उसे किसी चिज की जरूरत होती तो उसके माता पिता उसे लाकर दे दिया करते थे । जिसके कारण से पहली बार जब वह पैपर देकर आया तो उसी मे उसका नम्बर आ गया था ।
यह सब जान कर राजबाल कहती की मेरा बेटा नोकरी लग गया यह बहुत ही खुशी की बात है। साथ ही गाव के लोग कहा करते की उनके अंधरे घर का उजाला अब नोकरी लग गया है ।
नोकरी लग जाने के कारण से राजबाल का बेटा नोकरी करने के लिए जाता और फिर उसने अपने पिता को काम करने नही दिया और वह स्वयं ही उन दोनो की सेवा करता था । इस तरह से वे सभी अपना जीवन गुजारने लगे । इस तरह से इस कहानी से मुहावरे का अर्थ समझ सकते है ।
अंधेरे घर का उजाला मुहावरे पर निबंध muhavare par nibandh
साथियो आज के जमाने मे ऐसे लोगो की कोई कमी नही है जिनके घर मे केवल एक ही संतन हो और ऐसे लोग भी देखने को मिल जाते है जिनको एक संतान होने के बाद मे और संतान होती भी नही है । इस तरह से किसी भी घर मे एक ही संतान होने को अंधेरे घर का उजाला कहा जाता है ।
क्योकी अंधरे घर का अर्थ होता है उस घर मे लाईट नही है । यानि उस घर मे हंसी खुशी बाटने वाला नही है । और जब उस घर मे उजाला हो जाता है तो उस घर मे हर दिन चहपाट होती है जिसके कारण से वह घर खिल जाता है । इस तरह से इस मुहावरे को बनाया गया है ।
अंधेरे घर का उजाला मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of andhere ghar ka ujala in Hindi
दोस्तो हम सभी दिपावली के दिन क्या करते है की अपने घर को दिपक को जला कर रोशनी कर देते है । तो अगर ऐसे में कही पर ऐसा घर हो जहां पर किसी प्रकार की रोशनी नही है तो वहां पर भी इस दिन दिपक जला कर उजाला कर देना चाहिए ।
मगर कहते है की जिस घर में एक भी संतान नही होती है वहां पर कभी भी उजाला मतलब खुशी नही मिल पाती है । और इस कारण से वे लोग जीवन भर अंधेरे मे रहते है । और जैसे ही उनके घर में संतान हो जाती है तो उनके घर में उजाला भी काफी अच्छा उजाले जैसा लगने लग जाता है ।
इस कारण से पुराने समय में कहा जाता था की अगर कोई घर है जहां पर एक संतान है तो उस एक संतान के लिए ही कहा जाएगा की हमारे अंधेरे घर का उजाला तो यही है।
तो इस तरह से आप समझ सकते है की andhere ghar ka ujala muhavare ka arth – एक ही संतान होना होता है।