हाथ लगना मुहावरे का अर्थ hath lagana muhavare ka arth – पाना ।
दोस्तो जब किसी को कुछ ऐसा मिल जाता है जो उसका न हो और उसके नही चाहते हुए भी वह उसी का हो जाता है । तो इसे हाथ लगना कहा जाता है । क्योकी जब किसी मनुष्य के हाथ में कोई वस्तु आती है तो फिर वह उसकी बन जाती इससे पहले वह उसकी है यह कहना गलत है ।
इसी तहर से जब किसी वस्तु का कोई रखवाला नही होता है और वह किसी को मिल जाती है तो वह उसकी हो जाती है । और इस तरह से कुछ पाने को हाथ लगना कहा जाता है ।

हाथ लगना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence
- तुम्हारे तो इतनी अच्छी जमीन हाथ लग गई और वह भी बहुत सस्ते में ।
- आजकल हर किसी को सरकारी नोकरी हाथ लग जाए कहना बहुत ही मुश्किल हो गया है ।
- आज तो 2000 का नोट हाथ लग गया ।
- महेश के बिना चाहते हुए उसके सरकारी नोकरी हाथ लग गई ।
- मेरे तो इतनी अच्छी जोब हाथ लगी है की उसे किसी भी हाल मे छोडुगा नही ।
- बेटा बडी मुश्किल से तो नोकरी तुम्हारे हाथ लगी है इसे छोड मत देना ।
- जब हनुमान जी के संजीवन बूंटी हाथ नही लगी तो वे पर्वत को उखाड ले आए।
- दुसरो की चिजो के हाथ लगने की उमीद करना बेकार है ।
- इतना अधिक परिश्रम करूगा की नोकरी पहली बार मे ही हाथ लग जाएगी ।

हाथ लगना मुहावरे पर कहानी Idiom story
कुछ महिनो पहले की बात है संदिप नाम का एक लडका अपने माता पिता के साथ रहा करता था । संदिप के पास पैसो की कमी होने के कारण से वह ज्यादा पढाई नही कर सकता था । वह तो केवल 10 वी कक्षा ही पास था और फिर वह अपने पिता के साथ काम करने के लिए जाने लगा था ।
इस तरह से काम करते हुए संदिप को एक वर्ष हो गया था फिर एक दिन संदिप के दोस्त ने उसे कहा की भाई तुमने पढाई किस कारण से छोडी थी । उसकी बात का जबाब देते हुए संदिप ने कहा की मैंने तो पैसो के कारण से ही पढाई छोड दि थी ।
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क्योकी आज के समय मे पढाई करने के लिए लिए पैसो की जरूरत पडती है । यह सुनकर उसके दोस्त ने कहा की अब तो तुम भी काम करने के लिए जाने लगे हो तो अब कम से कम तुम नोकरी की तैयारी तो कर ही सकते हो ।
यह सुनकर संदिप ने कहा की बात तो तुम्हारी सही है पर इतनी अधिक तैयारी नही होगी । तब उसके दोस्त ने कहा की आज के समय मे भी कुछ लोगो की किस्मत ऐसी होती है की बिना तैयारी के ही नोकरी मे नम्बर आ जाता है ।
कम से कम तुम एक दो बार नोकरी की कोशिश तो करके देख लो । तब संदिप ने कहा की भाई तुम्हारी बात तो सही है तो इस बार मैं भी नोकरी का फोर्म भरा दूगा । तब संदिप ने उससे यह भी पूछा की मैं किस नोकरी का फोर्म भर सकता हूं ।
क्योकी वह लडका संदिप से ज्यादा पढा लिखा था इस कारण से वह बताने लगा की आज के समय मे भी अनेक नोकरी ऐसी है जिसके लिए दसवी कक्षा तक पढे लिखे लडको को नोकरी लगा लेते है । जैसे रेलवे और पुलिस मे खास कर हमेशा ही दसवी के लिए नोकरी निकलती रहती है ।
संदिप ने रेलवे का नाम सुन रखा था इस कारण से उसने अपने मित्र से कहा की ठिक है इस बार जब भी रेलवे की नोकरी निकले तो मेरा भी फोर्म भरा देना । इतना कह कर संदिप ने कहा की जब भी फोर्म निकले तो मुझे बता देना और फिर कहा की अब मैं जाता हूं फिर कभी बात करेगे ।
इतना कह कर वह वहां से अपने घर चला गया था । धिरे धिरे समय बितता गया और छ महिनो के बाद ही नोकरी का फोर्म निकल आया था । इस कारण से संदिप के मित्र ने उसे फोर्म भराने के लिए कहा तो संदिप ने फोर्म भरा दिया था ।
फोर्म भरा देने के बाद भी संदिप ने पढाई नही की और जब रेलवे का पेपर आया तो वह देने को चला गया था । जब पेपर देकर वह अपने घर आया तो उसके मित्र ने कहा की पेपर कैसा था ।
तब संदिप ने कहा की मैंने तो ऐसे ही किया था मुझे तो कुछ भी नही आता था । तब उसके मित्र ने कहा की मेरा पेपर तो बहुत ही अच्छा गया है । इस तरह से वे दोनो बातें करने लगे थे । जब दो महिनो मे उस पेपर का रिजल्ट आया तो उन दोनो ने देखा तब संदिप का नम्बर आ गया था और उसके मित्र का नम्बर नही आया था ।
यह देखकर उसका मित्र खुश भी हुआ क्योकी उसके मित्र का नम्बर आ गया था । और वह दूखी भी हुआ क्योकी उसका नम्बर नही आया था । इस बारे मे उसने संदिप को कहा की तुमने तो बिलकुल भी पढाई नही फिर भी तुम्हारे नोकरी हाथ लग गई है।
तब संदिप ने कहा की हां भाई मैंने तो बिलकुल भी पढाई नही की थी फिर भी नोकरी मे नम्बर आ गया है । इस तरह से बात करते रहे थे । और धिरे धिरे संदिप को नोकरी करते हुए एक वर्ष हो गया था । तब उसने एक जमीन खरीद ली थी । वह भी शहर मे ताकी वह वहां पर मकान बना कर उन्हे किराए पर दे सके ।
जब इस बारे मे उसके मित्र व गाव के लोगो को पता चला तो वे सभी संदिप और उसके पिता से पूछने लगे की आपने कितने मे वहां पर जमीन खरीदी है । जब संदिप और उसके पिता ने जमीन की किमत बताई तो गाव के लोग कहने लगे की आपके तो बहुत ही सस्ते मे जमीन हाथ लग गई है। जिसके कारण से आपका फायदा ही होगा ।
तब संदिप और उसके पिता कहते की हां यह बात तो है जमीन सस्ते मे हाथ लग गई है । इस तरह से संदिप का जीवन बहुत ही मस्त बन गया था उसे लाभ होने लगा था । जिसके कारण से वह अपने जीवन मे खूश रहने लगा था ।
साथ ही संदिप नोकरी लग गया था इसके लिए वह अपने मित्र को ही कारण बताता था और कहता की इसके कारण ही मुझे नोकरी मिली है । इस तरह से आप लोगो को पता चल गया होगा की इस कहानी से मुहावरे का अर्थ पाना होता है ।
हाथ लगना मुहावरे पर निबंध || hath lagana essay on idioms in Hindi
दोस्तो आपने उपर इतना कुछ पढा है की आपको यह तो पता चल ही गया है की इस मुहावरे का अर्थ कुछ पाने से होता है । जैसे की मान ले की आपको धन मिल जाता है तो ऐसा कहा जाएगा की आपके धन हाथ लग गया । इस तरह से यह मुहावरा पाने को दर्शाता है ।
दरसल आपको पता है की आज के समय में बहुत से लोगो के पास धन है और धन का छोटा हिस्सा ही सही मगर वह भी हमारे और आपके पास जरूर होता है ।
मान ले की किसी दिन हमारा धन का छोटा हिस्सा गिर जाता है तो इससे हमे बहुत ही दुख होता है । मगर कभी कभी ऐसा भी होता है की हम रास्ते से जाते है और हमे धन का एक छोटा हिस्सा मिल जाता है । और अब क्योकी धन मिला है तो यह देख कर हम खुश होते है ।
आप इस स्थिति में कहा जाता हैकी धन हाथ लगा है और इस बात से आप अर्थ को समझ सकते है । वैसे जो कहानी पढी थी उसके अंदर आपने काफी अच्छा पढा है जो की आपको मुहावरे को समझाने का काम करती है ।