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कान में तेल डालना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

कान में तेल डालना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

कान में तेल डालना मुहावरे का अर्थ kaan me tel dalna muhavare ka arthकुछ भी सुनना

कान में तेल डालना मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

दोस्त कान में तेल डालना मुहावरे का अर्थ  कुछ भी सुनना होता है । यानि दोस्त,

मुहावरा अर्थ
कान में तेल डालनाकुछ भी सुनना
कान में तेल डालना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

कान में तेल डालना मुहावरे को कैसे समझे

दोस्तो जब कोई किसी की बात पर गोर नही ‌‌‌करता यानि सुनता नही है । चाहे फिर वह उसे कितनी बार भी दोहरा दो तो इस तरह से बातो को अनसुनी करने को ही कान मे तेल डालना कहा जाता है ।

क्योकी जिस तरह से कान मे तेल डालने के कारण सुनाई नही देता है उसी तरह से जब किसी को न सुनाई देता हो तब इस मुहावरे वहां पर इस्तेमाल किया जाता है । इस तरह से इस मुहावरे का सिधा सा अर्थ कुछ भी न सुनना होता है ।

कान में तेल डालना ‌‌‌मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

कान में तेल डालना ‌‌‌मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग
  • इसने तो कान मे तेल डाल रखा है और मे यहां गला फाड कर इससे बाते कर रहा हूं ।

कान में तेल डालना ‌‌‌मुहावरे पर कहानी Idiom story

प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे राजेश नाम का एक लडका रहता था । उसके घर मे उसके माता पिता के अलावा और कोई भी नही था । उसके पिता के पास बहुत धन दोलत थी । इस कारण से उसने अपने बेटे को अच्छी स्कुल मे पढने के लिए भेजा था ।

वह रोजाना स्कुल जाता और पढ कर अपने घर आ जाता ‌‌‌उसे इस तरह से रोजाना स्कुल जाते देखकर उसके पिता को लगता की यह तो बहुत पढता है । बल्की उन्हे यह नही पता था की यह तो स्कुल मे सुने की तरह चुप चाप बैठा रहता है । उन्हे इस बात का ‌‌‌तब पता चला जब वह बडा हो गया और एक दिन राजेश के अध्यापक उसे पढा रहे थे ।

तभी उन्होने राजेश को खडा किया और एक ‌‌‌प्रशन का उतर पूछा जो उन्होने अभी सभी को बताया था । जब राजेश ने उसका उतर नही बताया तो उसके अध्यापक को लगा की इसे याद नही होग । जब इसी तरहे से बहुत बार हो गया तब एक दिन उसके अध्यापक ने उसके पिता को बुलाकर कहा की आपके बेटे को हम जो भी पढाते है वह उसे सुनता ही नही है ।

लगता है की वह कान मे‌‌‌ तेल डाकर बेठता है । इस तरह से राजेश के बारे मे उसके पिता को पता चला था । तब घर जाकर राजेश को उसके पिता ने बहुत सुनाया और कहा की जो अध्यापक पढाते है वह सही तरह से सुनना चाहिए । पर तब भी उसे उसके पिता की एक भी बात समझ मे नही आई थी ।

इसी तरह से वह कुछ वर्षो तक तो विधालय जाता रहा पर फिर उसने ‌‌‌अपनी पढाई छोड दी थी । इसी तरह से जब वह बडा हो गया तो वह रहता था । वह अपने आप मे ही खोया रहता था । उसके पास चाहे कुछ भी होता हो उसे पता भी नही चलता था । जब वह काफी बढा हो गया तो उसके माता पिता की मृत्यु हो गई थी ।

जिसके कारण वह अपने घर मे अब अकेला ही रहता था । ‌‌‌एक दिन की बात है उसके घर मे शहर से कुछ लोग आए थे । जिनको यह पता नही था की राजेश का घर कहा है । इस कारण से वे लोग गाव के लोगो से पूछते पूछते उसके घर आ गए थे ।

तब गाव का एक आदमी उनके साथ भी आया था तो उसने राजेश को बहुत बार बुलाया क्योकी उसके घर का दरवाजा अंदर से बंद था । राजेश को बुलाते बुलाते काफी ‌‌‌समय बित गया था । तब जाकर वह अपने घर से बाहर निकला और वहां निकलर उसने देखा की कुछ लोग उसके घर के बाहर बैठे है ।

कान में तेल डालना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

जैसे ही वह अपने घर से बाहर निकला तो लोग बोल पडे की राजेश हम तुम्हे कब से बुला रहे है तुमने क्या कान मे तेल डाल रखा है । तब राजेश कुछ बहाना बनाकर रह गया था । इसी तरह से एक बार फिर ‌‌‌गाव के लोग किसी कारण से राजेश को कुछ बता रहे थे । तब राजेश को वे लोग समझाते समझाते थक गए थे पर राजेश अभी भी वैसे ही बैठा था ।

यानि वह कुछ भी नही बोल रहा था । तब लोगो को यकिन हो गया की राजेश तो कान मे तेल डालकर बेठा है । यह हमारी बातों को सुनता भी नही है । इस कारण से फिर कभी भी लोग राजेश से बात ‌‌‌नही करते थे बल्की जब उनको कोई जरुरी काम होता तब ही वे उससे बात करते थे । इस तरह से आप भी समझ गए होगे की इस कहानी का अर्थ क्या है ।

‌‌‌कान मे तेल डालना मुहावरे पर निबंध Essay on idiom

साथियो जब कोई किसी को कुछ बता रहा हो तो जिसको वे बताते है वह चुप चाप आराम से बैठे रहता है उसकी एक भी बात को नही सुनता है । तो इस तरह से किसी की बात को न सुनने को ही कान मे तेल डालना कहा जाता है । इस तरह के लोगो की इस संसार मे कोई कमी नही है । ‌‌‌

इन लोगो मे से ज्यादातर लोग ऐसे होते है जिनको अच्छी बातो से कोई मतलब नही होता है । और जब उन्हे कोई ज्ञान देने लग जाते है तो वे अपने कान मे तेल डालकर बेठ जाते है यानि उनकी बातो को सुनते भी नही है ।

इसी तरह से कुछ लोग ऐसे भी होते है जो बुरी बातों को सुनते नही है । इस तरह के लोगो को अगर कोई बुरी ‌‌‌बात बताता है तो वे भी उसकी बातो पर गोर नही करते या फिर यह कह सकते है की एक कान से सुनते है और दुसरे से निकाल देते है ।

उन्हे कभी भी याद नही रखते है । मेरे कहने का अर्थ यही है की जब कोई किसी की बातो को सुनता नही है तब इस मुहावरे का वहां पर प्रयोग किया जाता है । इस तरह से आप समझ गए होगे ।

कान में तेल डालना मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of kaan me tel dalna in Hindi

दोस्तो पुराने समय में जो हमारी दादी पड़दादी हुआ करती थी और जो अन्य लोग थे उनके बिच में एक ऐसी अवधारणा थी अगर किसी को कान से सुनाई नही देता है तो उसके कान में तेल डाल देना चाहिए ।

दरसल पहले बहुत सी बार लोगो को अचानक से कान से सुनाई देना बंद हो जाता था जिसके कारण से लोग कान में तेल डालते थे और जो कान में गंदगी थी जिसके कारण सुनाई नही देता था तो वह गंदगी बाहर आ जाती थी । जिसके कारण से सब कुछ सुनाई देने लग जाता था ।

मगर जब कोई कान मे तेल डालता है तो इसका मतलब है की उसे सुनाई नही दे रहा है ओर आप केवल इसी बात से समझ सकते है की kaan me tel dalna muhavare ka arth – कुछ भी न सुनना होता है ।

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