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घर की मुर्गी दाल बराबर का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व कहानी

घर की मुर्गी दाल बराबर का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व कहानी

घर की मुर्गी दाल बराबर मुहावरे का अर्थ ghar ki murgi daal barabar muhavare ka arth – घर में जो वस्तु है उसका महत्व नही होना । दोस्तो आपने देखा होगा की जब भी कोई व्यक्ति खाने के लिए किसी सब्जी को ‌‌‌शहर से लाता है तो उसे बडे चाव के साथ खाता है और…

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खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व निबंध

खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व निबंध

खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे मुहावरे का अर्थ khisiyani billi khamba noche muhavare ka arth – अपनी किसी बात का क्रोध दुसरो पर निकालना । दोस्तो आज के समय मे सभी अपने अपने कार्यो मे सफल होने के प्रयाश करते रहते है । पर जब वे लोग अपने कार्य मे सफल न हो सके यानि असफल…

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लातों के भूत बातों से नहीं मानते का मतलब और कहानी

लातों के भूत बातों से नहीं मानते का मतलब और कहानी

लातों के भूत बातों से नहीं मानते मुहावरे का अर्थ laaton ke bhoot baaton se nahi mante muhavare ka arth – दुष्ट व्यक्तियों को दंड की भाषा समझ मे आती है । दोस्तो आपने सुना होगा की जो भी कोई बुरा काम करता है तो वह अपने काम के अपराध को स्वीकार नही करता जैसे…

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तीन लोक से मथुरा न्यारी मुहावरे का अर्थ

तीन लोक से मथुरा न्यारी मुहावरे का अर्थ

तीन लोक से मथुरा न्यारी मुहावरे का अर्थ teen lok se mathura nyari muhavare ka arth – दुसरो से भिन्न या अलग होना । दोस्तो देवलोक, भूलोक तथा पाताल लोक ये ऐसे तिन लोग है जहा पर भगवान विष्णु का बोलबाल है । साथ ही इन तिनो लोगो को ही सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है…

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मान न मान मैं तेरा मेहमान का अर्थ और वाक्य व निबंध

मान न मान मैं तेरा मेहमान का अर्थ और वाक्य व निबंध

मान न मान मैं तेरा मेहमान मुहावरे का अर्थ man na man me tera mehaman muhavare ka arth – जबरदस्ती गले पड़ जाना । दोस्तो ‌‌‌जब ‌‌‌कोई व्यक्ति किसी को आकर कहता है की मैं तुम्हारा मेहमान ‌‌‌हूं इस कारण से मैं तुम्हारे साथ कुछ दिनो तक रहूगा । पर वह उस व्यक्ति को जानता…

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अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता मुहावरे का अर्थ akela chana bhad nahi phod sakta muhavare ka arth – केवल एक व्यक्ति किसी महान या विशाल कार्य को नही कर सकता । दोस्तो आपने सुना होगा की जब बहुत सारे चनो को पहाड ‌‌‌मे बनी दरार मे डालने के बाद मे जब उन पर कई…

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न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व कहानी

न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी का मतलब और वाक्य मे प्रयोग व कहानी

न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी मुहावरे का अर्थ na rahega baans na bajegi bansuri muhavare ka arth- झगडे या मुसीबत के मुल कारण को नष्ट कर देना । दोस्तो दो लोगो के बिच मे जब किसी कार्य को लेकर झगडा होने लगती है और उस झगडे का अंत नही आ रहा है तो उस…

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मुंह में राम बगल में छुरी का मतलब और वाक्य व कहानी

मुंह में राम बगल में छुरी का मतलब और वाक्य व कहानी

मुंह में राम बगल में छुरी मुहावरे का अर्थ muh me ram bagal me churi muhavare ka arth – बाहर से मित्र जैसा व्यवाहर करना और पिछे पिछे नुकसान पहुचाना । दोस्तो अगर कोई व्यक्ति ऐसा हो जो बाहर से मित्र बना रहता है और अपने मन मे हमारे प्रति बुराई लेकर पिछे पिछे हमे…

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‌‌‌आसमान से गिरा खजूर में अटका मुहावरे का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

‌‌‌आसमान से गिरा खजूर में अटका मुहावरे का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

आसमान से गिरा खजूर में अटका मुहावरे का अर्थ aasman se gira khajoor me atka muhavare ka arth – एक विपत्ति से निकलते ही दुसरी विपत्ति मे फस जाना । दोस्तो माना अगर ‌‌‌कई लोग किसी कारण से आसमान मे ‌‌‌जाते है । पर किसी कारण से ‌‌‌उन लोगो मे से कोई एक व्यक्ति उसी…

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आगे नाथ न पीछे पगहा का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

आगे नाथ न पीछे पगहा का मतलब और वाक्य मे प्रयोग

आगे नाथ न पीछे पगहा मुहावरे का अर्थ aage nath na piche pagaha muhavare ka arth – किसी प्रकार की जिम्मेदारी न होना । दोस्तो जब कोई व्यक्ति अपने घर मे अकेला होता है तो वह अपने अनुसार काम करता है और अपने अनुसार जीवन गुजारता है । अगर वह किसी समय काम भी नही…

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