सेंध लगाना मुहावरे का अर्थ sendh lagana muhavare ka arth – चोरी करने के लिए दीवार में छेद करना ।
दोस्तो आप लोगो ने देखा होगा की ज्यादातर चोर अगर किसी जगह मे चोरी करते है तो वे पिछे की दीवार को फोड देते है और फिर उस घर या जगह के अंदर पहुंच कर वहां से चोरी कर कर वापस वही से चले जाते है इस तरह से दीवार को फोडने को ही सेंध लगाना कहा जाता है ।

सेंध लगाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence
- कल रात मेरे घर मे भी सेंध लगी थी पर मैं तो उस समय जागता था इस कारण से वह चोर वापस भाग गया था ।
- पुलिस नें सेंध लगाने वाले को पकड कर सारी दुनिया के सामने बेनकाब किया ।
- इसने तो मेरी दुकान मे सेंध लगाकर चोरी करने की कोशिश की पर C.C.T.V. की वजह से यह पकडा गया ।
- कल रात बेंक मे सेंध लगाकर चोरी होरी हो गई ।
- तुम तो घर मे ही तो थे जब सेंध लगाई तो अवाज सुनाई नही दी क्या ।
- आजकल सेंध लगाकर चोरीया हो रही है जरा सावधान रहना ।
- चोरी करते है सो करते है पर सेंध लगाने के कारण घर की दीवार भी टुट जाती है ।
- राजेश के घर मे सेंध लग गई और हमे पता भी नही चला ।

सेंध लगाना मुहावरे पर कहानी
किसी समय की बात है किसी गाव मे अनेक लोग रहा करते थे उन लोगो के पास बहुत धन दोलती थी । गाव के ज्यादातर लोगा अपने खेतो मे ही काम किया करते थे । और ऐसा काम कर कर ही वे धनवान बन गए थे । क्योकी वह गाव शहर से काफी दूरी पर था इस कारण से कोई भी शहर नही जा पाता था और इसी कारण से गाव के लोगो के पास धन बच जाया करता था ।
धिरे धिरे गाव मे विकाश होता गया और उस गाव मे अनेक लोग भी रहने को आ गए थे । इस तरह से गाव मे अनेक लोगो के आ जाने के कारण से उन लोगो मे से ही कोई चोरी कर लेता था ।तब लोग अपने घरो मे आराम से सो जाया करते थे और अपनी दुकानो और जिस मकान मे घर का समान और पैसे व जेवरता रखा करते थे तो चोर उस घर मे से चोरी करकर चला जाता था ।
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इस तरहे ये चोरी होते रहने के कारण से गाव के लोगो का जीना मुश्किल हो गया था साथ ही उस गाव के लोगो को यह भी पता नही चल पा रहा था की कोन है जो हमारे गाव मे चोरी कर रहा है क्योकी गाव के लोग तो चोरी करते नही थे । क्योकी उस गाव मे कोई भी गरीब नही था पर उस गाव मे जो लोग रहने को आ गए थे ।
जिसके कारण से अब गाव के लोगो को समझ मे नही आ रहा था की कोन है जो चोरी कर रहा है । जब चोरी होते हुए काफी समय बित गया तो गाव के लोग अपने घरो के आगे दवाजा जड कर और उसी जरवाजे के पास सो जाया करते थे । इसी तरह से एक दिन की बात है उस गाव मे एक बहुत ही धनवान आदमी रहता था ।
उसके घर मे उसके तिन बेटे भी थे क्योकी उसके बेटे बडे थे इस कारण से वे भी काम करते और पैसे कमाते थे । इसी कारण से वही गाव का सबसे बडा धावान आदमी था । एक दिन वह आदमी अपने दवाजे को बंद कर कर उसी दरवाजे के पास सो गया था और कहीं ओर उसके पैसे पडे थे ।
जब रात के दो बज गए तो वह चोर आया और जिस मकान मे पैसे रखे थे उस मकान को पिछे से फोड कर अंदर चला गया था । और वहां से जो भी उसे मिला वह उसे उठा कर फरार हो गया था ।
जब शुबह उस आदमी को निंद से जाग आई तो उसने देखा की उसने जिस मकान में पैसे रखे थे वह सही सलामत है । इस कारण से वह आराम से फ्रेस होने लगा था । तभी उसके घर के बाहर से आवाज आई की आप घर मे हो और आपके यहां चोरी हो गई है ।
ऐसी आवाज सुन कर वह आदमी अपने घर से बाहर निकला और उन लोगो से बालने लगा की आप लोगो को कोई गलतफहमी हुई है मेरे यहां तो कोई चोरी नही हुई है । तब लोगो ने उससे कहा की जरा अपने मकान को खोलकर देखो तब तुम्हे पता चलेगा ।
गाव के लोगो की बात सुन कर वह जल्दी से अपने मकान को खोलने लगा और कहा की यहां तो सभी सही सलामत है तभी उसे दिखा की मेरा मकान तो पिछे से फुटा हुआ है । यह देखकर उस आदमी ने कहा की यह कैसे फुट गया ।
तब गाव के लोगो ने कहा की यह फुटा नही है बलकी चोर ने सेंध लगाकर तुम्हारे पैसे चुरा लिए है । यह सुन कर वह अपनी तिजोरी सम्भालने लगा तो उसे उसकी तिजोरी भी नही मिल रही थी । यह देखकर वह बहुत विलाप करने लगा था पर अब क्या हो सकता था । इस कारण से गाव के लोगो उसे अपने हाल पर छोड कर चले गए थे ।
जब अगले दिन की शुबह हुई तो गाव के लोगो को पता चला की आज किसी दुसरे के घर मे चोरी हो गई है और वह भी सेंध लगा कर । इसी तरह से उस चोर को चोरी करते हुए एक वर्ष बित गया था ।
तब किशोर नाम के एक लडके ने शोचा की इसे किसी तरही से पकडना होगा वरना यह हमारे गाव को कंगाल बना देगा । इस कारण से वह शहर गया और एक कैमरा खरीदकर ले आया था । किशोर के पास एक दुकान थी ।
तब किशोर ने उस कैमरे को अपनी दुकान मे लगा दिया और फिर यह अफवा फेला दी की आज किशोर के पास बहुत सोने जैवरात आए है साथ ही उसके पास जो भी रूपय आए है वह दुकान मे रखे है ।
जब इस बारे मे उस चोर को पता चला तो वह चोर रात होते ही उस दुकान को सेंध लगाने लगा था और जब वह सेंध लगा कर किशोर की दुकान मे बड गया तो पिछे से वहा पर किशोर आ गया और उसने गाव के लोगो को भी अपने साथ ले आया था ।
इस तरह से करने कारण वह चोर पकडा गया था । और फिर गाव के लोगो ने उसे बहुत पिटा और अंत मे उसे शहर की पुलिस के हवाले कर दिया था । फिर गाव के लोग किशोर से पूछने लगे की तुम्हे कैसे पता चला की यह चोर तुम्हारे यहां पर चोरी करने आया है ।
तब किशोर ने लोगो को बताया की जब मै शहर गया था तो मैं वहां से एक कैमरा लेकर आ गया था जिसके कारण से जब यह चोर मेरी दुकाम की पिछे की दीवार पर सेंध लगाकर अंदर घुस गया तो मुझे इसका पता चल गया और मैंने आप लोगो को बूला लिया ।
यह सब जानकर गाव के लोग किशोर को धन्यवाद बोलने लगे थे और उसकी अक्लमंदी की तारीफ करने लगे थे । इस तरह से आप लोगो को इतना तो समझ मे आ गया होगा की सेंध लगाना मुहावरे का अर्थ चोरो के द्वारा किए जाने वाले दीवार मे छेद को कहा जाता है ।
सेंध लगाना मुहावरे पर निबंध || sendh lagana essay on idioms in Hindi
दोस्तो आज के समय में तो ऐसा नही होता है क्योकी आज का समय पहले की तुलना में काफी विकसित हो गया है । मगर पहले के समय में काफी ज्ञानी और मेहनती चोर होते थे । क्योकी आपको पता है की आज के समय में अगर हम किसी दिवार को फोड़ते है तो काफी मेहनत करनी पड़ती है । मगर वही पर पहले चोर यह काम आसानी से कर लेते थे ।
दरसल पहले के समय में जब चोर को चोरी करनी होती थी तो वे सिधे दरवाजे या खिड़की से घर, दुकान या चोरी के स्थान पर प्रवेश नही करते थे बल्की वे पीछे की दिवार जो होती थी उसे फोड़ते थे और वहां पर एक छेद बना देते थे और फिर अंदर जाकर सब कुछ चुरा लेते थे ।
जिसके कारण से बहुत से लोगो को कई दिनो से पता तक नही चलता था की उनके घर में चोरी हो गई है । और इस तरह से चोरी करने को सेंध लगाकर चोरी करना कहा जाता था ।
क्योकी इस सेंध लगाने की स्थिति में चोर चोरी करने के लिए दीवार में छेद करता था तो इस बात से आप समझ सकते है की sendh lagana muhavare ka arth – चोरी करने के लिए दीवार में छेद करना होता है ।