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मिट्टी में मिलाना मुहावरे का मतलब और वाक्य व कहानी

मिट्टी में मिलाना मुहावरे का मतलब और वाक्य व कहानी

मिट्टी में मिलाना मुहावरे का अर्थ mitti mein milana muhavare ka arth – बर्बाद होना

दोस्तो आज के समय मे लोगो के पास खोने के लिए अपने धन के अलावा कुछ नही होता है । इस कारण से जब ऐसे अमीर लोगो के पास धन होता है पर किसी कारण से वह धन इस तरह से खत्म होता है की उसके पास एक ‌‌‌रूपया भी नही रहे । इस तरह से जब उसके पास कुछ भी नही होता है तब वह बर्बाद हो जाता है । और बर्बाद होने को ही मिट्टी मे मिलना कहा जाता है ।

मिट्टी में मिलाना मुहावरे का मतलब और वाक्य व कहानी

मिट्टी मे मिलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

  • ‌‌‌मैंने तुम पर भरोसा कर कर अपने सारे पैसे जुवे मे लगा दिए पर तुम्हारे हारने के कारण मैं तो पूरी तरह से मिट्टी मे मिल गया ।
  • नया काम शुरू करने के लिए मैंने अनेक लोगो से पैसे उधार ले लिए पर जब मेरे कार्यकाल मे आग लग गई तो मैं मिट्टी मे मिल गया ।
  • सेठ ने रामलाल का गरवी रखा मकान अच्छे ‌‌‌पैसे में बेच दिया जिसके कारण रामलाल बिचारा मिट्टी मे मिल गया ।
  • चोर ने धनपत के सारे रूपय चुरा लिए जिसके कारण उसके पैसे मिट्टी मे मिल गए ।
  • श्याम और राम के बिच फुट डाल रहे किसन को मैंने रगे हाथो पकड लिया जिसके कारण किसन की सारी योजना मिट्टी मे मिल गई।
  • चोर की एक छोटी सी गलती के ‌‌‌कारण चोर की सारी योजना को मिट्टी मे मिलता देर नही लगी ।
  • इस छोटे से लडके ने सेठ के ठगने की योजना को मिट्टी मे मिला दिया ।
  • प्रताब के पिता की गाव मे बहुत इज्जत थी पर प्रताब की गलती के कारण उनकी बनी बनाई इज्जत मिट्टी मे मिल गई ।
मिट्टी में मिलाना मुहावरे का मतलब और वाक्य व कहानी

‌‌‌मिट्टी मे मिलना मुहावरे पर कहानी muhavare par kahani

प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे एक धनवान सेठ रहा करता था । सेठ के घर मे उसकी पत्नी व उसके दो लडके रहा करते थे । सेठ के दोनो लडके बहुत ही बुद्धू थे । वे कभी भी किसी से भी लूट जाया करते थे । जिसके कारण सेठ कभी भी अपने बेटो को पैसे नही देता था ।

इसके पिछे ‌‌‌का कारण यह है की एक बार सेठ ने अपने दोनो बेटो को पचास हजार रूपय देकर शहर भेजा । शहर मे उन दोनो को एक चोर मिल गया और उस चोर ने दोनो को इस तरह से बुद्धू बनाया की उन्हे पता भी नही चला की उनके पैसे कहा गए ।

उस दिन के बाद मे कभी भी सेठ अपने बेटो पर विश्वास नही करता और उनके पास पैसे नही रखता था । ‌‌‌पर एक दिन दोनो भाईयो ने अपने पिता से कहा की पिताजी हम भी कुछ काम शुरू करना चाहते है। इस कारण से आप हमारी मदत करो ।

इस बात का सहयोग करते हुए सेठ की पत्नी ने भी सेठ से कहा की अब आपके बेटे बडे हो रहे है । इस कारण से इन्हे कुछ काम शुरू कर कर दे दो ताकी ये आराम से अपना जीवन चला सके ।

इस तरह से ‌‌‌पत्नी के कहने के कारण से सेठ को भी लगा की अब इन दोनो को अपने पैरो पर खडा हो जाना चाहिए । इस तरह से सेठ ने फिर दोनो लडको को काम शुरू कर कर देने को कह दिया था ।

इस बात को एक महिना हुआ तब जाकर सेठ ने अपने दोनो बेटो के लिए कपडो का शोरूम खोल कर दे दिया । जिसमे तरह तरह के कपडे एक ही स्थान ‌‌‌पर मिल सकते है । क्योकी सेठ ने एक शोरूम खोला था जिसमे अनेक तरह के कपडे पडे थे जिन्हे लोने के लिए सेठ ने बहुत पैसे पानी की तरह बाह दिए थे ।

तब जाकर वह शोरूम खुला । शोरूम खुल जाने के बाद सेठ ने अपने दोनो बेटो को कह दिया की तुम्हारे लिए इससे बडकर कोई भी काम नही होगा । और मैंने इसमे ‌‌‌ऐसी सभी वस्तुओ को रख दिया है जो लोग लेने के लिए आते है ।

इस तरह से कहते हुए सेठ ने दोनो से कहा की अब तुम दोनो ही इस काम को संभाल लेना। ऐसा कहते हुए सेठ उन दोनो को काम संभाल कर अपने घर चला गया था । अब सेठ के बेटे रोजाना शोरूम मे जाते और काम कर कर वापस अपने घर पर आ जाया करते थे ।

पर उन दोनो को ‌‌‌इस कार्य मे ज्यादा फायदा नही होता था । तब उन दोनो को उनके पिता ने कहा की तुम दोनो वहा पर काम तो सही तरह से करते हो न । तब सेठ के बेटो ने कहा की हां पिताजी हम जो भी कोई कपडे लेने के लिए आता है उसे दे देते है और उनसे उचित रूपय ले लेते है ।

पर आजकल ज्यादा लोग कपडे लेने के लिए नही आते है । ‌‌‌यह सुन कर सेठ ने कहा की कोई बात नही समय के साथ लोगो की सख्या भी ‌‌‌बढ़ जाएगी । इसी तरह से एक दिन सेठ के दोनो बेटे दुकान मे काम कर रहे थे ।

तब दोनो ने ध्यान नही दिया और पास केरोसिन रखा था उसका डिब्बा निचे पड गया । तभी सेठ के बडे बेटे ने उसे उठा कर वापस सही कर दिया था । पर इस बिच उस डिब्बे ‌‌‌मे छेद हो गया । जिसके बारे मे उन्हे पता नही था ।

तभी उनकी दुकान मे एक आदमी कपडे लेने के लिए आया । जो सिगरेट पी रहा था । जिसके कारण से उसने सिगरेट को तिल्ली से जला कर तिल्ली को फेंक दिया था । और वह तिल्ली उस केरोसिन के पा जाकर गीर गई ।

जिसके कारण से केरोसिन ने आग पकड ली यह देख कर‌‌‌ सेठ के बेटे आग को बुझाने लगे थे । पर दुकान मे केरोसिन पहले से ही खिंड चुका था । जिसके कारण से आंग को फैलते देर नही लगी । जिसके कारण से सेठ के दोनो बेटे डर कर बाहर भाग गए और कुछ ही समय मे दुकान जल कर राख हो गई ।

यह देख कर वे दोनो बहुत ही दुखी हो गए थे । तब तक उस दुकान के आस पास जो लोग थे वे वहा ‌‌‌पर आ गए । और फिर उन्होने पूछा की आग कैसे लगी। यह सुन कर दोनो बेटो को उस आदमी की याद आ गई जिसके कारण आग लगी थी ।

जब वे दोनो उस आदमी को देखने लगे थे तो वह दिखाई नही दे रहा था । तब उन्हे पता चल गया की वह आदमी तो फरार हो गया है । तब उन्होने सुना की लोग बात कर रहे है की आग लगने के कारण सेठ ‌‌‌की दुकान मिट्टी मे मिल गई ।

जब इस बारे मे सेठ को पता चला तो सेठ को बहुत ‌‌‌दुख हुआ । जिसके कारण से सेठ खबर को सुनते ही जमीन पर पड गया । जब रात्री होने को थी तब जाकर सेठ के बेटे अपने घर गए तब जाते ही सेठ ने उन दोनो से कहा की मैंने तुम पर भरोसा कर कर इतना बडा काम शुरू कर कर दिया था ।

और तुम्हारी ‌‌‌लापरवाही के कारण मेरे सारे पैसे मिट्टी मे मिल गए । इस तरह से फिर सेठ की पत्नी वहा पर आ गई तो सेठ उसे भी कहने लगा की तुम्हारे कहने पर ही मैंने इन दोनो को इतना बडा काम सोपा था । पर यह उसे भी सही तरह से नही कर सके ।

इस तरह से सेठ अपना दुख निकालने के लिए अपने परिवार के लोगो से ऐसे बात करने लगा ‌‌‌था । पर अगले दिन सेठ को समझ मे आ गया की अब जो हो गया वह हो गया उसे सही तो नही कर सकते इस कारण से दूखी होने से कुछ नही होगा ।

ऐसा सोच कर सेठ फिर अपना काम करने लगा था । और जब तक वह जीवित रहा स्वयं ही काम करता और अपने बेटो को भी भोजन देता । पर उसके मरने के बाद बेटे भी अपना जीवन गुजारने लगे थे । ‌‌‌इस तरह से आपको इस कहानी से समझ मे आ गया होगा की इस मुहावरे का अर्थ क्या है ।

मिट्टी में मिलाना मुहावरे पर निबंध || mitti mein milana essay on idioms in Hindi

अगर दोस्तो आपने बचपन में मिट्टी से घर बनाया है तो आपको पता है की जब वह घर वापस मिट्टी में मिल जाता है तो वह किसी तरह का घर नही होता है बल्की जो कुछ बनाया गया था वह बर्बाद हो चुका होता है ।

और इस बात का मतलब यह है की मिट्टी में मिलना बर्बाद होने के बारे में बताता है । जैसे की असली घर है जो की हम आज के समय मे बनाते है तो अगर वह मिट्टी में मिलेगा तो वह टूट जाएगा और पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा जिसे हम ब​र्बाद होना कहते है ।

और इसी बात के आधार पर आप यह समझ सकते है की मिट्टी में मिलना मुहावरे का सही अर्थ बर्बाद होना होता है । अब अगर इस मुहावरे का वाक्य में प्रयोग करना है तो वही पर इसका वाक्य में प्रयोग हो सकता है जहां पर बर्बाद होने की बात होती है । जैसे की आपको पता है की कोई व्यक्ति है जो की किसी तरह का व्यापार कर रहा है मगर एक दिन वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाता है तो इसका मतलब हुआ की उसका व्यपार मिट्टी में मिल गया ।

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