नाक काटना मुहावरे का अर्थ है nak katana muhavare ka arth – बदनाम करना ।
दोस्तो कहते है कि जिस व्यक्ति की इज्जत है उसे अपनी इज्जत जान से भी प्यारी होती है । यानि वह अपनी इज्जत को बचाने के लिए कुछ भी कर सकता है । पर किसी कारण से जब कोई उस व्यक्ति को बदनाम कर देता है तो उस व्यक्ति की बनी बनाई इज्जत नष्ट हो जाती है । तब वह सोचता है की उसने तो मेरी नाक काट ली । इस तरह से नाक काटना मुहावरे का अर्थ बदनाम करना होता है ।

नाक काटना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence
- रामू ने अपने ही मालिक के बारे मे लोगो को सारी सचाई बता कर अपने मालिक की उसने नाक काट ली ।
- जब सेठ ने किसनलाल से लोगो के बिच मे पैसे मागे तो किसन ने सेठ से कहा की तुमने यहा पैसे माग कर मेरी तो नाक काट ली ।
- हरजारीप्रसाद की जब से किसन ने नाक काटी है वह तो अपने घर से निकलता नही है ।
- महेश के पिता की गाव मे बहुत इज्जत थी पर महेश ने शराब की लत मे बुरा भला कह कर अपने पिता की नाक काट ली ।
- अगर सही समय पर मेरे पैसे नही मिलेगे तो मैं तुम्हारी नाक काटने से पिछे नही हटूगा ।
- ससुराल वालो के सामने राहुल को लोगो ने इस तरह से बदनाम किया जिसके कारण राहुल को लगा की लोगो ने मेरी नाक काट ली ।
- दोनो भाईयो मे झगडा होने के कारण दोनो ने एक दुसरे की नाक काट ली ।
- परीक्षा मे चिटीग करते हुए रमेश को पकड कर अध्यापक ने उसकी नाक काट दी ।
- कुंदन ने लोगो के सामने राहुल की इस तरह से पोल खोली जिसके कारण गाव के लोग कहने लगे की कुंदन ने तो राहुल की नाक काट ली ।

नाक काटना मुहावरे पर कहानी muhavare par kahani
एक समय की बात है किसी नगर मे राहुल नाम का एक आदमी रहा करता था । राहुल बहुत ही होसियार था । साथ ही वह जो भी काम करता उसमे मन लगाकर करता था । राहुल एक सच्चा आदमी था । वह कभी भी झुठ नही बोलता था ।
पर अपने मालिक के बारे मे सच भी नही बोलता था । क्योकी वह कहता था की मैं जिनका नमक खा रहा हुं उनसे गदारी कैसे कर सकता हूं । इस तरह से राहुल पूरा वफादार था । जिसके बारे मे गाव के कई लोगो को पता था ।
राहुल के घर मे उसकी एक बुड्डी मा के अलावा और कोई भी नही था । राहुल बहुत ही गरीब घर से था इस कारण से उसके पास खाने को भी समय पर नही मिलता था । जिसके कारण से राहुल काम करने लिए लोगो के घरो मे रहा करता था ।
उसे कई वर्ष एक घर मे काम करते हुए हो गया था । वह घर गाव के एक धनवान आदमी का था । जिसका नाम फुलाराम था । वह गाव के लोगो के सामने बहुत ही अच्छा बना रहता पर जैसे ही लोग उससे दूर हो जाते तो वह लोगो को ही लूटने की सोचता था ।
राहुल अब फुलाराम के पास रह रहा था जिसके कारण से वह अपने मालिक फुलाराम के बारे मे लोगो को सच नही बताता था । क्योकी राहुल को उसके पास काम करते हुए कई वर्ष हो गए थे जिसके कारण से फुलाराम भी सोच रहा था की अगर इसे मैं घर से निकाल दुगा तो यह मेरे बारे मे लोगो को बता देगा ।
जिसके कारण से मैं तो बदनाम हो जाउगा । इस तरह से सोच कर फुलाराम उसे अपने पास ही रखता था । एक दिन की बात है राहुल और फुलाराम दोनो घर पर अकेले थे । तब फुलाराम ने आवाज लगाई की राहुल जरा चाय लेकर आओ ।
यह सुन कर राहुल ने चाय बनाकर फुलाराम को देने के लिए चला गया । जब राहुल कमरे मे बड़ने लगा तब फुलाराम भी बाहर आ रहा था । जिसके कारण से वह चाय फुलाराम के उपर गिर गई थी । चाय उपर गिर जाने कारण फुलाराम का हाथ जल गया था क्योकी चाय गर्म थी ।
हाथ जल जाने के कारण फुलाराम को क्रोध आ गया और उसने राहुल को भला बुरा कहा । तब राहुल ने भी माना की उसकी गलती हो गई है । इस कारण से वह कुछ भी नही बोला । इसी तरह से एक दिन की बात है फुलाराम चाय बना रहा था । इस कारण से उससे गैस सिलेंडर खुला रह गया ।
जिसके कारण से गैंस पूरी तरह से रसाई मे भर गई और जैसे ही वहा आग गई तो उसमे आग लग गई । उस समय फुलाराम अपने कमरे मे आराम कर रहा थ । आग लग जाने के कारण गैंस का सिलेंडर जोर से छत के उपर से निकल गया । तब बहुत बडा धमाका हुआ ।
यह सुन कर फुलाराम निचे आया तो उसे पता चला की उसके घर मे आग लग गई है। यह देखते ही फुलाराम को इतना क्रोध आया की वह राहुल को पकड कर अपने घर के बाहर ले गया । उस समय धमाके को सुन कर फुलाराम के घर के बारह अनेक लोग इकट्ठा हो गए थे ।
तब फुलाराम ने लोगो को नही देखा और राहुल को बहुत बुरा भला कहा । साथ ही उस पर काम सही न करने का भी इल्जाम लगा दिया था । जब फुलाराम के मुख से लोगो ने राहुल के बारे मे बुरा भला सुना तो वे कहने लगे की यह तो ऐसा ही है तभी तो इनके घर मे आ लगी है ।
जब इस तरह से गाव के लोग भी बोलने लगे तो राहुल को पता चल गया की मेरी गलती के कारण ही फुलाराम मुझ पर भडक गए और मेरी लोगो के सामने नाक काट ली । उस दिन फुलाराम ने उसे अपने घर से निकाल दिया था ।
नोकरी से निकल जाने के बाद राहुल अपने घर मे चला गया और अपनी मां के पास जाकर रोने लगा । तब उसकी मां ने कहा की बेटा क्या हुआ तुम रो क्यो रहे हो ।
तब राहुल ने पूरी बात बताई और अंत मे कहा की मैंरी गलती के फुलाराम को इस तरह से क्रोध आ गया की उसने देखा भी नही की आस पास लोग है बल्की उसने तो मेरी नाक काट ली । तब उसकी मां ने कहा की बेटा कोई बात नही गलती तुमसे हुई है इस कारण से हम कुछ नही कह सकते है ।
दो तिन दिन बित जाने के बाद फुलाराम राहुल के घर आया और उसे काम पर चलने को कहने लगा । साथ ही राहुल से कहा की मैंने तुम्हे इतना भला बुरा कहा पर तुमने तो मुझे कुछ नही कहा ।
तब राहुल ने कहा की मैं अपने मालिक के बारे मे किसी को कुछ नही बताता हूं । यह जान कर फुलाराम बहुत खुश हुआ । पर अंत मे राहुल ने कहा की मैं अब आपके पास काम नही करूगा ।
इस तरह से फिर फुलाराम किसी और के घर काम करने लगा था और अपना जीवन इसी तरह से गुजारने लगा था । इस तरह से आपको इस कहानी से मुहावरे का अर्थ समझ मे आ गया होगा ।
नाक काटना मुहावरे पर निबंध || nak katana essay on idioms in Hindi
साथियों मुहावरो की दुनिया में हमेशा ही नाक को इज्जत वाला माना जाता है । अगर किसी का नाक काटा जाता है तो ऐसे में इज्जत का नष्ट होना या इज्जत पर संकट माना जाता है ।
और आपको पता है की जब कोई किसी को बदनाम करता है तो उसकी बदनामी होती है जिसके कारण से उसकी इज्जत नष्ट होती है और इस तरह से बदनाम करना ही नाक काटना हुआ है और इसके बारे में आपने उपर काफी कुछ पढा है ।
जैसे की कहानी में आपने पढा की किस तरह से एक व्यक्ति की नाक कटी जाती है क्योकी उसे बदनाम किया जाता है और इसी तरह से जब भी किसी को बदनाम करने की बात होती है तो वहां पर इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है और कहा जाता है की इसकी तो किसी ने नाक काट ली ।
इस तरह से दोस्तो हमे आशा है की आप इस मुहावरे को समझ गए है ।