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फूट फूट कर रोना मुहावरे का मतलब, वाक्य व कहानी

फूट फूट कर रोना मुहावरे का मतलब, वाक्य व कहानी

फूट फूट कर रोना मुहावरे का अर्थ phoot phoot kar rona muhavare ka arth – बहुत ‌‌‌ज्यादा रोना

दोस्तो आप लोगो को एक बात तो पता ही होगी की जब किसी के साथ कुछ बुरा होता है तो उसे बहुत ही दुख होता है और कभी कभी दुख इतना ज्यादा होता है की वह बहुत रोने लग जाता है । तो इस तरह से बहुत रोने को ही ‌‌‌फुट फुट कर रोना कहा जाता है । यहां पर एक बात ध्यान रखने की है की रोने का कारण कोई भी हो सकता है ।

फूट फूट कर रोना मुहावरे का मतलब, वाक्य व कहानी

फुट फुट कर रोना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

  • बेचारी का पति क्या मर गया यह तो फुट फुट कर रोने लगी है ।
  • बेटा तो कमाने जा रहा है और तुम यहां पर फुट फुट कर रो रही हो तुम्हे तो खुश होना चाहिए ।
  • अगर ‌‌‌हर बात पर फुट फुट कर रोते रहोगे तो तुम अपना जीवन कैसे ‌‌‌चलाओगे, जरा ताकतवर बनो और समस्या का सामना करना सिखो ।
  • जब रीया को नोकरी नही मिली तो वह फुट फुट कर रोने लगी ।
  • महेश्वरी के घर मे चोरी हो जाने के कारण वह फुट फुट कर रोने लगी ।
  • तुम्हारा क्या नुकसान हो गया है जो तुम फुट फुट कर रोने लगी हो ।
  • ‌‌‌मैंने तो ‌‌‌उससे इतना ही कहा था की नोकरी कब लगोगी इतने मे ही वह फुट फुट कर रोने लगी ।
  • अभी तो वह ‌‌‌दूख से बाहर आई है और अब उसके पति के मर जाने के कारण वह वापस फुट फुट कर रोने लगी है ।
फूट फूट कर रोना मुहावरे का मतलब, वाक्य व कहानी

‌‌‌फुट फुट कर रोना मुहावरे पर कहानी Idiom story

‌‌‌एक समय की बात है सालू नाम की एक औरत अपने पति के साथ रहा करती थी । सालू का पति बहुत ही गरीब था । इस कारण से अगर वह एक दिन भी काम करने के लिए नही जाता तो सालू और उसके पति को खाना नही मिल पाता था । इस तरह की स्थिती मे रहते हुए उनके घर मे एक बेटे का जन्म हो गया था ।

आखिर बेटे के जन्म हो ‌‌‌जाने के कारण कोन खुश नही होता है इस कारण से वे दोनो पति पत्नी बहुत ही खुश ‌‌‌थे । उस दिन पहली बार सालू ने अपनी पत्नी से कहा की आप कल जब काम करकर आओ तो मिठाई लेकर आ जाना और पूरे गाव मे बाट देना । यह बात सुनकर उसके पति ने सोचा की अगर मिठाई लेकर आ गया तो मेरी पत्नी भोजन कैसे करेगी ।

तभी उसकी ‌‌‌पत्नी ने कहा की ‌‌‌एक दिन हम भूखे ही रह जाएगे पर बेटे का जन्म हो जाने के कारण हम खुशी तो मनाएगे ही । ऐसी बात सुन कर सालू के पति को भी समझ मे आ गया था । जब अगले दिन वह काम कर कर वापस आया तो ‌‌‌उसने अपने साथ मिठाई का थेला भर कर ले आया था और फिर उसे पूरे गाव मे बाटने लगा था ।

इस तरह से सालू और उसके पति ने ‌‌‌बेटे का जन्म होने की खुशिया मनाई थी । जब वह कुछ बडा हुआ तो सालू ने उसे पढने के लिए स्कुल भेज दिया था । सालू का बेटा रोजाना स्कुल जाता और पढता रहता था । इस तरह से वह पढता हुआ ही बडा हो गया था ।

जब उसकी पढाई पूरी होने लगी तो उसने पढाई और करने के लिए कहा था । पर सालू के पति के पास पैसे न होने ‌‌‌के कारण उन्होने उसे पढने के लिए मना कर दिया था । उसे भी अपने घर की हालत का पता था इस कारण से उसने फिर पढाई करने की जीद नही की थी । बल्की वह कुछ काम करने लगा था साथ ही वह नोकरी की तैयारी करने लगा था ।

जब उसकी उमर सादी करने की हो गई तो सालू और उसके पति ने उसकी सादी एक अच्छी लडकी से कर दी थी । ‌‌‌जब सालू के बेटे की शादी हो गई तो उसके बेटे की बहु की जब विदाई होने लगी तो वह फूट फूट कर रोने लगी थी । तब सालू के बेटे ने उसे कहा की आप इस तरह से रोओ मत आपका मै पूरा ख्याल लखूगा ।

इस तरह से उन दोनो की शादी हो गई थी । शादी हो जाने के कारण सालू का बेटा काम करने के लिए किसी दुसरे शहर मे जाने लगा ‌‌‌था । तब उसकी पत्नी बहुत ही दुखी हो गई थी क्योकी उसका पति उससे दूर जा रहा था । यह देखते हुए वह रोने भी लगी थी ।

तब उसकी सास ने यानि सालू ने कहा की बेटा क्यो रो रही हो वह काम करने के लिए ही तो जा रहा है वापस आ जाएगा । इस तरह से उसे किसी तरह से रोने से चुप कराया था । जब सालू के बेटे को काम करते ‌‌‌हुए काफी समय बित गया था ।

तब उसे लगने लगा की इस देश मे तो इतनी कमाई नही होती है इस कारण से उसने फैसला लिया की वह देश से बाहर जानकर काम करेगा । इस बात के लिए उसने किसी तरह से अपने माता पिता को मना लिया था और काम करने के लिए देश से बाहर चला गया था ।

वहां पर उसे बहुत ही अच्छी कमाई होती थी । ‌‌‌इस कारण से वही पर काम करता रहा । जब उसे वहां पर काम करते हुए दो वर्ष हो गए तब जाकर वह अपने देश अपने घर वापस आ गया था । जिसे देखकर उसके माता पिता के साथ साथ उसकी पत्नी भी खुश हो गई थी ।

तब सालू का बेटा अपने परिवार के साथ 4 महिनो तक ही रहा था और फिर वह वापस उसी देश मे काम करने के लिए जाने लगा ‌‌‌था । इस बार उसकी पत्नी और उसकी मां ने उसे बहुत ही अच्छी तरह से तैयार कर कर भेजा था । जब वह प्लेन मे बैठ कर विदेश जाने लगा तो रास्ते मे लोगो को पता चला की इस प्लेन मे बम है इतने मे ही वह बम फट गया था ।

बम फट जाने के कारण उस प्लेन मे जो भी लोग थे वे सब मारे गए थे । जब इस बारे मे सालू और उसके ‌‌‌पति और उसकी बहु को पता चला तो सालू और उसकी बहु फुट फुट कर रोने लगी थी । तब गाव की औरतो ने उन दोनो को चुप करने की बहुत ही कोशिश की थी पर वे चुप होने का नाम ही नही ले रही थे ।

आखिर चुप हो भी कैसे सकती थी उन दोनो का अपना जो मर गया था । आखिर मे सालू के पति ने ही हिम्मत कर कर अपने बेटे के ‌‌‌शरीर को अग्नि दी और उसका अंतिम संसकार किया था । इस तरह से आप फुट फुट कर रोना मुहावरे का सही अर्थ इस कहानी से समझ गए होगे ।

फूट फूट कर रोना मुहावरे पर निबंध || phoot phoot kar rona essay on idioms in Hindi

दोस्तो कहानी में आपने एक परिवार के बारे में पढा था जिसमें सालू, उसका पति, ओर बहू व उसका पति होता है । और कहानी में देखा की सालू का बेटा जो होता है वह प्लेन से सफर करता है और बिच रास्ते में प्लेन क्रेस हो जाता है जिसके कारण से सालू के बेटे की मृत्यु हो जाती है ।

अब आपको भी पता है की इस स्थिति में चाहे कोई भी हो उसकी आंखो से आसु जरूर आ जाते है ओर यही कारण था की कहानी में साफ बताया गया है की सालू और उसकी बहू दोनो बहुत रोने लगी थी और यही पर phoot phoot kar rona मुहावरे का प्रयोग हो गया ।

और इस बता का मतलब है की  phoot phoot kar rona muhavare ka arth – बहुत ‌‌‌ज्यादा रोना होता है  ।

इस तरह से दोस्तो आप कहानी के माध्यम से भी मुहावरे को काफी सरल रूप में समझ सकते है । हालाकी समझने की बात करे तो इस पूरे लेख में ही आपको मुहावरा समझाने का प्रयास किया गया है जो की आप समझ सकते है ।

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