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रट लगाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग

रट लगाना मुहावरे का अर्थ क्या होता है

रट लगाना मुहावरे का अर्थ rat lagana muhavare ka arth- निरन्तर एक ही बात करते रहना ‌‌‌या जीद करना

रट लगाना मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

दोस्त रट लगाना मुहावरे का अर्थ  निरन्तर एक ही बात करते रहना ‌‌‌या जीद करना होता है । यानि दोस्त,

मुहावरा अर्थ
रट लगानानिरन्तर एक ही बात करते रहना ‌‌‌या जीद करना ।
रट लगाना मुहावरे का अर्थ क्या होता है

रट लगाना मुहावरे को कैसे समझे

दोस्तो जब विधार्थी किसी प्रशन के उत्तर को याद करना चाहता है तो उस प्रशन के उत्तर को बार बार पढता रहता है । जिसके कारण से उसे कुछ समय के लिए वह उत्तर याद हो ‌‌‌जाता है । इस तरह से बार बार पढ कर कोई चिज याद की जाए तो इसे रटना कहा जाता है । इसी तरह से मनुष्य अपने जीवन में कभी कभी अनेक कारण से निरन्तर या बार बार एक ही बात करता रहता है । इस तरह से निरन्तर एक ही बात करना भी रटना के समान हुआ । इस कारण से इसे भी रट लगना कहा जाता है ।

रट लगाना मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग rat lagana muhavare ka vakya me prayog

आज तो ‌‌‌कंचन के साथ बाजार गई थी की उसने ‌‌‌पायल देख ली और ‌‌‌पायल लेने के लिए इस तरह से रट लगाने लगी की मुझे उसे दिलाकर ही वापस लाना पडा ।

आज के बाद मे इस नालायक को मैं तो कभी अपने साथ लेकर नही जाउगी क्योकी जहां इसे लड्डू दिख जाते है लेने के लिए रट लगाने लग जाता है ।

‌‌‌हमारे जमाने मे पढने के लिए हम शहर भी पैदल चले जाते थे और आज तुम भी उसी शहर में जाने के लिए बाईक की रट लगाने लगे हो यह तो अच्छी बात नही है ।

रट लगाना मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग rat lagana muhavare ka vakya me prayog

गाव मे आए मदारी को देखने के लिए श्याम ने इस तरह से रट लगाई की मदारी को देख कर ही माना ।

जब ‌‌‌राम ने अपने नगर मे आए सुन्दर बंदर को देखा तो बंदर लेने के लिए रट ‌‌‌लगाने लगा ।

कल ही तो केले खाए थे और आज फिर से केलो के लिए रट लगा रही हो ।

रट लगाना मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग rat lagana muhavare ka vakya me prayog

युवराज ने अपने राज्य को देखने के लिए महाराज के सामने इस तरह से रट लगाई की उन्हे राज्य दिखाने के लिए लेकर जाना ही पडा ।

आज मेरे पास पैसे नही है भले ही कितनी भी रट क्यो न लगा लो आज तुम्हारी ख्वाहिस पूरी नही होगी।

रट लगाना मुहावरे ‌‌‌का वाक्य में प्रयोग rat lagana muhavare ka vakya me prayog

‌‌‌रट लगाना मुहावरे का पर कहानी rat lagana muhavare par kahani

प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे एक राजा रहा करता था । राजा बहुत ही धनवाना और दयालू था । वह कभी भी किसी का बुरा नही चाहता था । भले ही उसका दूश्मन भी उसका बुरा करना चाहे फिर भी राजा अपने दूश्मन को एक बार मोका जरूर देता था । इस तरह का राजा होने के कारण से राजा ‌‌‌की प्रजा मे ऐसा कोई नही था जो राजा का बुरा चाहे ।

क्योकी जब भी राजा को ऐसा व्यक्ति मिलता उससे बात कर कर उसकी संका दूर कर देता था । राजा के घर मे उसके अलावा उसकी दो पत्निया रहा करती थी । मगर दोनो पत्नीयो में से किसी को भी बेटा नही हुआ था । बल्की एक के तो बेटी ने जन्म लिया था । ‌‌‌इस कारण से राजा हमेशा ही बेटे का इंतजार ‌‌‌करता रहता था ।

साथ ही यह भी कहते थे की अगर बेटा जन्म लेगा तो उसकी हर ख्वाहिस पूरी होगी । इसी तरह से काफी समय बित जाने के बाद मे राजा के घर मे एक बेटे का जन्म हो गया । जिसके कारण से राजा और उसकी दोनो पत्नियां काफी खुश थे । इस तरह से बेटे के जन्म के ‌‌‌बाद मे राजा ने पूरे राज्य को धन दान किया । जब राजा का बेटा बडा होने लगा तो वह राजा से मिठाई खाने की मांग करता था ।

अगर उसकी इंच्छा उसी समय पूरी नही होती तो वह बार बार एक ही बात दोहराता रहता था । जिसके कारण से सुनने वाला परेशान हो जाता था। इस परेशानी से बंचने के लिए राजा के बेटे की हर कोई ‌‌‌इंच्छा पूरी करने लग जाता था । जिसके कारण से राजा के बेटे को पता चल गया की अगर वह बार बार एक ही बात के लिए जीद करेगा तो उसकी वह जीद आराम से पूरी होगी ।

इसी कारण से वह जैसे जैसे बढर हा था वैसे वैसे ही ऐसा करना भी उसका बढ रहा था । जब राजा का बेटा 15 वर्षो का हो गया तो एक दिन उसने अपने पिता को ‌‌‌कहा की पिताजी मुझे अपना पूरा राज्य देखना है । मगर यह सुन कर राजा ने उसे मना कर दिया ।

 क्योकी राजा के राज्य का नियम था की जो भी युवराज है वह 21 वर्षो तक अपने महल मे ही रहता है और शिक्षा ग्रहण करता है । अगर 21 वर्ष से पहले कोई युवराजा बाहर चला जाता है तो उसकी जान को खतरा होगा । ऐसा एक बार ‌‌‌राजा को एक साधू ने श्राप दिया था । जिसके बारे मे राजा को अच्छी तरह से मालूम था ।

जिसके कारण से राजा ने अपने बेटे की बात नही मानी । तब बेटा भी और अधिक जीद पर उत्तर गया । जिसके कारण से राजा ने क्रोध के साथ कहा की बेटा अब तुम छोटे नही रहे हो जो बात बात पर रट लगा रहे हो । अब तुम्हारी रट लगाना ‌‌‌व्यर्थ है । जब राजा के मुह से रानियो ने यह सब सुना तो उन्होने भी कहा की हम तो पहले ही कह रहे थे की अगर इसकी इंच्छा बार बार पूरी होगी तो यह बडा होकर भी रट लगाने लग जाएगा ।

इस तरह से बेटे ने राजा की बात नही मानी और वह ‌‌‌राज्य देखने की जीद कर रहा था । मगर अब राजा और उसकी पत्नीयो ने उसकी एक नही ‌‌‌सुनी । जिसके कारण से राजा के बेटे को समझ मे आ गया की अब यहां पर उसकी यह बात पूरी नही होगी । जिसके कारण से थक हार कर बेटा ही चुप हो गया मगर उसकी यह इंच्छा पूरी न हो सकी ।

अब धिरे धिरे समय के साथ राजा का बेटा बडा होने लगा था और वह जीद करने से भी दूर होने लगा था । इसके अलावा वह अब समझदार भी होता ‌‌‌जा रहा था । जब राजा का बेटा 21 वर्ष का हुआ तब वह बहुत ही समझदार हो गया था जिसके कारण से उसे आसानी से समझ मे आ गया की उसके पिता ने उसे राज्य दिखाने के लिए क्यो मना किया था ।

मगर अब वह स्वयं ही राज्य देने के लिए जा सकता था । यह उसके पिता यानि राजा ने कह दिया था । जिसके कारण से राजा का ‌‌‌बेटा अपने कुछ सेनिको के साथ राज्य को देखने के लिए चला गया । इस तरह से राजा के बेटे ने अपना पूरा राज्य देखा और फिर अपने पिता के पास आ गया ।

अब राजा का बेटा अपने पिता के साथ साथ रहता और ज्ञान सिखने लगा था की आखिर न्याय कैसे किया जाता है । जिसके कारण से राजा के मरने के बाद मे राजा का बेटा ‌‌‌अपने राज्य को पूरी अच्छी तरह से संभालने लगा था । इस तरह से आपको इस कहानी से समझ मे आ गया होगा की इस मुहावरे का अर्थ क्या है ।

रट लगाना मुहावरे पर निबंध rat lagana muhavare par nibandh

साथियो बच्चो को जो वस्तु पसंद आती है वे उसे पाने के लिए बार बार एक ही बात करते है । जिस तरह से राजा के बेटे ने किया था जब ‌‌‌उसने लड्डू ‌‌‌खाने की बार बार एक ही बात कही तो उसे आसानी से लड्डू मिल गए । इसी तरह से उसके अनेक कार्य आसानी से हो जाते थे ।

मगर जब राजा का बेटा राज्य देखने की बार बार एक ही बात कहने लगा तो राजा नही माना । जिसके कारण से उसकी बार बार कही जाने वाली बात को नष्ट कर दिया गया । मगर इस तरह से जब बार बार एक ही बात ‌‌‌कही जाती थी तो इसे रट लगाना कहा जाता था । इस तरह से रट लगाने को ही जीद लगाना भी कहा जाता है । इस ‌‌‌कारण से इस मुहावरे का अर्थ जीद लगाना भी हो सकता है ।

साथ ही आज के समय मे इस मुहावरे का उपयोग बच्चे ही नही बल्की बडे भी करने लग जाते है । मगर इसका कारण अलग अलग होता है। इस तरह से जब भी बार बार एक ही ‌‌‌बात कही जाती है या जीद की जाती है तो इसे रट लगाना कहा जाता है और इस मुहावरे का वही प्रयोग होता है । इस तरह से इस मुहावरे के बारे मे आप जान गए होगे ।

रट लगाना मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of in Hindi

इस मुहावरे को समझने के लिए आप सबसे पहले यह समझे की रट लगाना आखिर होता क्या है। मतलब यह है की इस मुहावरे का मतलब क्या है यह आपको पता होना जरूरी है और शायद आप यह समझ चुके है क्योकी आपने उपर जो कुछ पढा है उसके आधार पर यह समझना आसान होता है।

वैसे आपको फिर से बता दे की rat lagana muhavare ka arth- निरन्तर एक ही बात करते रहना ‌‌‌या जीद करना होता है ।

ओर इसका मतलब है की जब कोई व्यकित् किसी न किसी तरह से निरन्तर एक ही बात करते रहना ‌‌‌या जीद करता है तो वहां पर इसका प्रयोग किया जा सकता है । जैसे की एक बच्चा होता है तो वह कई बार कुछ लेने के लिए जीद करने लग जाता है तो वहां परइसका प्रयोग किया जा सकता है जो की आप काफी आसानी से समझ सकते है ।

और इसी तरह से इसका प्रयोग करना है ।

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