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आओ समझें, रोंगटे खड़े होना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

आओ समझें, रोंगटे खड़े होना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

रोंगटे खड़े होना मुहावरेका अर्थ rongate khade hona muhavare ka arth – बहुत अधिक डर जाना ।

दोस्तो पहले के समय मे बहुत ही डरावने जानवर रहा करते थे और ‌‌‌जब भी कोई जानवर किसी मनुष्य के सामने आ जाता तो मनुष्य मारा जाता था । उसी तरह से आज के समय मे भी अनेक ऐसे जानवर है जिनको अगर कोई देख लेता है तो वह बहुत अधिक डर जाता ‌‌‌इस तरह से डरने को ही रोगटे खडे होना कहा जाता है । पर यहां पर एक बात ध्यान रखने योग्य है की इतना अधिक डरने का कोई भी कारण हो सकता है । जैसे चुडेल, डायन, या फिर कोई जानवर कहने का अर्थ है किसी भी कारण से बहुत अधिक डरना ।

आओ समझें, रोंगटे खड़े होना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

रोंगटे खडे होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

  • अमावश्या की रात को मैंने ‌‌‌जब आपको सफेंद चादर ओढे देखा तो मेरे रोंगटे खडे हो गए ।
  • अंधेरे मे अकेले आने के कारण उसने पता नही क्या देख ‌‌‌लिया जिसके कारण उसके रोंगटे खडे हो गए और वह भाग कर मेरे घर मे ‌‌‌छूप गया ।
  • जब बच्चो को भूतो कानाटक दिखाया जाता है तो उनके रोगटे खडे हो जाते है ।
  • जंगल से अकेले जाने पर हर किसी के रोगटे खडे हो गए ।
  • सामने ‌‌‌भालू को आते देखकर मेरे तो रोंगटे खडे हो गए ।
  • जब मेने शेर की आवाज सुनी तो मेरे डर के मारे रोंगटे खडे हो गए ।
  • ‌‌‌चुडेल जैसी शक्ल क्यो बना रखी है तुम्हे देखते ही मेरे रोगटे खडे हो गए ।
आओ समझें, रोंगटे खड़े होना का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग

रोंगटे खडे होना मुहावरे पर कहानी Idiom story

‌‌‌प्राचिन समय की बात है किसी नगर मे अनेक लोग रहा करते थे । उस समय शिक्षा का प्रचार कम था यानि किसी के पास शिक्षा नही थी । इस कारण से गाव के लोग किसी भी चिज से भयभित हो जाते थे  । इसी तरह की एक बार की बात है गाव के लोग आराम से अपने घरो मे रहा करते थे । किसी को भी किसी चिज की कमी नही थी ।

‌‌‌कहने का अर्थ है की उनको भोजन करने का प्रयाप्त साधन मिल जाता था । और उस समय लोगो को और चाहिए भी कुछ नही था । इस कारण से लोग अपना पेट भर कर रात को आराम से सो जाया करते थे । उस गाव के नजदीक एक जंगल हुआ करता था ।

एक दिन शहर के कुछ लोग उस जंगल मे आए और वहां पर ‌‌‌घूमफिर कर वापस चले गए थे । तब गाव ‌‌‌के लोगो को कुछ भी पता नही चला की वे लोग किस कारण से वहां पर आए ‌‌‌थे । साथ ही गाव के लोगो को किसी बात से लेना देना भी नही था ।

इस कारण से गाव के लोग पहले की तरह ही रोटी खा कर आराम से सो जाया करते थे । तभी से गाव के लोगो को लगने लगा की इस गाव मे जरूर चुडेल का आंतक है । क्योकी एक बार गाव के कुछ लोग ‌‌‌रात को अपने घरो से बाहर निकले थे तो उन्होने देखा की जंगल की तरफ चार पांच जने सफेद कपडा पहन कर जा रहे थे ।

क्योकी रात मे सफेद कपडा चुडेल पहनती है ऐसा गाव के लोगो का मानना था । इस कारण से उन लोगो को लगा की इस गाव मे जरूर चुडेल है । तब गाव के एक आदमी ने कहा की मैं किसी से नही डरता मैं आज रात को जंगल के पास जाकर दिखाउगा ।

तब गाव के लोगो ने कहा की हमे कैसे पता चलेगा की तुम जंगल के पास गए थे । तभी एक आदमी बोल पडा की तुम दस पेड ‌‌‌पर क्रोस का निशान बनाकर आ जाना और जब हम उन्हे शुबह देखेगे तो हमे पता चल जाएगा की तुम वहां पर गए थे ।

तब उस आदमी ने कहा की ठिक है मैं ऐसा ही करुगा । और जब रात ‌‌‌हो गई तो गाव के सभी लोग अपने अपने घरो मे जाकर सो गए थे । पर वह एक ही आदमी अपने घर नही गया था । उसे लगता था की वह किसी से नही डरता है इस कारण से उसने जंगल के पास जाने का फैसला लिया ।

जब रात के बारह बज गए तो वह आदमी जंगल की तरफ गया और दो तिन पेंड ‌‌‌पर निशान कर दिया था । तभी उसने कुछ लोगो को‌‌‌ आते देखा ‌‌‌जिन्होने सफेद कपडे पहन रखे । यह देखकर वह आदमी कुछ डर गया और बोलने लगा की कोन हो आप । तभी वापस आवाज आई की हम तुम्हारा खून पिने के लिए आए है ।

इतना सुन कर उस आदमी के रोगटे खडे हो गए और वह बेहोश होकर वही पर गिर गया था । जब शुबह हुई तब गाव के लोगो ने देखा की वह आदमी कहा पर है । तब गाव के ‌‌‌कुछ लोग पेडों के निशान देखने के लिए गए थे । तभी उन्होन देख की तिन पेड ‌‌‌पर निशान है और तिसरे पेड के पास वह आदमी पडा हुआ था ।

तब उन लोगो ने गाव के बाकी लोगो को भी बुलाया और फिर गाव के लोगो ने उस आदमी पर पानी की बुंदे गेरी जिसके कारण उस आदमी को होस आ गया था । जैसे ही उस आदमी को होस आया तब वह ‌‌‌बोलने लगा की मेरा खून मत पिना मेरा खून मत पिना ।

तब गाव के लोग यह सुनकर हैरान हो गए और उस आदमी से कहा की क्या हुआ तुम ऐसा क्यो बोल रहे हो । तब जारक उस आदमी को पता चला के मेरे आस पास तो गाव के लोग है और अब दिन भी उग गया है । तब उस आदमी ने गाव के लोगो की पूरी बात बताई ।

गाव के लोग ‌‌‌को उस आदमी की बात सुनकर विश्वास हो ‌‌‌गया था की यह सही कह रहा है । क्योकी वह आदमी कभी भी किसी से नही डरा था । तब से गाव का कोई भी व्यक्ति रात को बहर नही निकलता था ।

धिरे धिरे समय बित गया और गाव के लोग अब इतने भयभित हो गए की वे अगर रात को अगर कुत्ते की आवाज भी सुन लेते तो उनके रोगटे खडे ‌‌‌हो जाते थे । 2 वर्ष के बाद की बात है किसन नाम के एक लडके को लगने लगा की जरूर कुछ न कुछ गलत हो रहा है तभी तो इस जंगल से कोई भी जानवर नही आ रहा है और पक्षी भी कम हो रहे है ।

किसन ‌‌‌ने शहर मे रहकर ही अपनी पढाई की थी । इस कारण से उसने जंगल मे जानकर सच पता लगने की योजना बनाई और शहर के कुछ लोगो को अपने साथ लेकर ‌‌‌किसन जंगल गया था । तब उसे पता चला की यहां पर तो जंगल के पडो को काटा जार रहा है ।

तभी उसे यह भी पता चला की यहां पर चंदन के पेड है उन पेडो को काट लिया गया है । तब उसे ‌‌‌यकिन हो गया की डायन इस जंगल मे नही है बल्की कोई इस जंगल मे भय फैला रहा है ।

जब इस बारे मे गाव के लोगो को बताया तो गाव के लोगो को यकिन ‌‌‌नही हुआ । पर किसन ने किसी तरह से उन सभी लोगो को जंगल मे ले गया । जिसके कारण गाव के लोगो को भी पता चल गया था की यहां पर जरूर कोई डायन होने का भय फैला रहा है ।

पूरी बात का पता लगाने के लिए गाव के लोगो ने रात मे एक साथ उस जंगल मे जाने का फैसला लिया और जब रात हुई तो सभी लोग उस जंगल मे चले गए थे । अब ‌‌‌सभी लोग हिम्मत के साथ जा रहे थे पर कुछ ही लोग ऐसे थे जिनको बहुत अधिक डर लग रहा था ।

तब गाव के लोगो ने उन लोगो से कहा की ‌‌‌आपको डरने की कोई जरूरत नही है हम लोग आपके साथ है । इतना कहते ही उन लोगो को सफेद वस्त्र पहले ‌‌‌कुछ लोग जाते दिखई दिए । तब गाव के लोगो ने उनका पिछा किया और उन्हे ‌‌‌ पकड लिया था । जिसके कारण से गाव के लोगो को पता चला की यह तो वे लोग है जो शहर से जंगल देखने के लिए आए थे ।

तब गाव के लोगो को पता चला की डायन इस जंगल मे नही है बल्की ये लोग भ्रम फैला रखा था । ‌‌‌तब गाव के लोगो ने उन्हे मार पिट कर सरकार के हवाले कर दिया था और स्वयं चेन की निंद लेने लगे थे । इस तरह से आप लोगो को इस कहानी से यह समझ मे आ गया होगा की रोंगटे खडे होना मुहावरे का अर्थ क्या है ।

रोंगटे खड़े होना मुहावरे पर निबंध || rongate khade hona essay on idioms in Hindi

दोस्तो डर वह होता है जिसके कारण से कई लोगो की जान तक चली जाती है । हालाकी सुनने में काफी अजीब लग रहा होगा मगर आपको बात दे की पहले के समय में लोग जब रात के समय में किसी पेड़ पौधे को देखते थे तो उन्हे ऐसा लगता था की कोई भूत समाने है और इसी को देख कर उन्हे डर लगता था और हार्ट अटेक के कारण से उनकी मोत हो जाती थी । और यह आप अपने बड़े से पूछ सकते है ।

इसके साथ आज के समय में जब लोग बीमार होते है तो उनको कई तरह की जांच करवानी पडती है और इस समय में भी अगर कोई डरता है तो उसकी जान जा सकती है और कई लोगो के साथ ऐसा होता है ।

मगर कुछ ऐसी स्थिति होती है जिसमें मानव को डर लगता है और उस समय उसके हाथो के रोंगटे खड़े हो जाते है ओर इस बात से आप समझ सकते है की इस मुहावरे का सही अर्थ बहुत अधिक डर जाना होता है ।

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