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सन्न रह जाना का वाक्य में प्रयोग और मुहावरे का अर्थ

सन्न रह जाना का वाक्य में प्रयोग और मुहावरे का अर्थ

सन्न रह जाना मुहावरे का अर्थ sann rah jana muhavare ka arth – शांत रह जाना

सन्न रह जाना मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

दोस्त सन्न रह जाना मुहावरे का अर्थ  शांत रह जाना होता है । यानि दोस्त,

मुहावरा अर्थ
सन्न रह जाना शांत रह जाना ।
सन्न रह जाना मुहावरे का अर्थ क्या होता है

सन्न रह जाना मुहावरे को कैसे समझे

दोस्तो सन्न का अर्थ चुप या मौन रहने से होता है । इस कारण से जब सन्न रह जाना कहा जाता है तो इसका अर्थ शांत या मौन रह जाना होता है । जब भी कभी किसी कारण से मौन या शांत रहने की बात होती ‌‌‌है वही इस मुहावरे का प्रयोग होता है ।

सन्न रह जाना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग sann rah jana muhavare ka vakya me prayog

यहां पर लोग आपको मार रहे है और आप सन्न रह रहे हो यह तो अन्याय है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी ही पडती है ।

चाहे जो हो जाए अगर आज तुम सन्न रह गए तो हमारा काम बन जाएगा ।

जब दो लोगो मे झगडा होता है तो किसी एक ‌‌‌को सन्न रह जाना चाहिए ।

सन्न रह जाना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग sann rah jana muhavare ka vakya me prayog

जब अध्यापक के पूछ गए प्रशन रमेश को नही आए तो वह सन्न रह गया ।

अगर मैं उस दिन सन्न नही ‌‌‌रहा होता तो कई लोगो के सिर फुट जाते ।

लक्ष्मण को जब ‌‌‌तीर लगा तो सारी सेना सन्न रह गई ।

सन्न रह जाना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग sann rah jana muhavare ka vakya me prayog

प्रधानमंत्री की बात सुनने के लिए पूरा देश सन्न रह गया ।

अध्यापक ने कहा की अगर किसी को ‌‌‌प्रशन का उतर पता है तो वह खडा होकर बता दे इस तरह से सन्न रह जाने से क्या होगा ।

रामनाथ गाव के मसिहा है उनका एक इसारा पा कर पूरा गाव सन्न रह जाता है ।

सन्न रह जाना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग sann rah jana muhavare ka vakya me prayog

जब राजू रिश्वत लेते हुए पकडा गया तो उसके अफसर ने उसे बहुत ‌‌‌सुनाया मगर राजू सन्न रह कर उनकी बात सुनता गया ।

यहां पर आपके दो बेटो में झगडा हो रहा है और आप सन्न रह कर खडे हो इन्हे ‌‌‌लडने से रोक नही कर सकते क्या ।

सन्न रह जाना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग sann rah jana muhavare ka vakya me prayog

सन्न रह जाना मुहावरे पर कहानी sann rah jana muhavare par kahani

‌‌‌प्रचीन समय की बात है किसी नगर मे रामनाथ नाम का एक आदमी रहा करता था । रामनाथ बहुत ही धनवान होने के साथ साथ दयालू था । रामनाथ लोगो को अपना समझता था और लोगो की मदद के नाम से पिछे नही हटता था । इस तरह से होने के कारण से रामनाथ को गाव के लोग भगवान से भी बढकर मानते थे और ‌‌‌यहां तक की उनका इसारा पा कर पूरा गाव चुप ‌‌‌हो जाता था ।

रामनाथ के घर मे उसके अलावा उसके माता पिता ही थे । वह शादी नही करना चाहता था जिसके कारण से वह अपने माता पिता के साथ ही रहता था । इसके साथ ही रामनाथ की भुजाओ मे बल की कोई कमी नही थी वह अकेला पांच लोगो को आसानी से मार सकता था ।

जिसके कारण से कोई भी उससे दूश्मनी लेने की नही सोचता ‌‌‌था । एक बार की बात है रामनाथ के घर मे कुछ चोर घुस गए । मगर उन चोरो को रामनाथ के बारे मे पता नही था । जिसके कारण से उन्होने रामनाथ के घर में चोरी कर ली । जब सुबह हुई तो रामनाथ को पता चला की उसके घर मे चोरी हो गई है ।

 कुछ ही समय मे यह बात हवा की तरह पूरे शहर मे फैल गई । जिसके कारण से हर कोई उस ‌‌‌चोर की तलाश मे जुट ‌‌‌गया । तब तक उन चोरो को भी पता चल गया की उन्होने रामनाथ के घर में चोरी कर कर अपनी समस्या को न्युता दे दिया है । इस तरह से शहर का हर एक आदमी जब चोर की तलाश में लगा रहा तो चोर आसानी से पकडा गया ।

जिसके कारण से उन लोगो ने पूरे शहर के लोगो के सामने चोर को खडा कर दिया । जिसे ‌‌‌देख कर लोग हल्ला मचा रहे थे की इसे सजा दो सजा दो । कोई भी किसी की सुनने को तैयार नही था मगर उस समय रामनाथ वहां पर नही था । मगर जब उसे इस बारे मे पता चला तो वह तुरन्त उस स्थान पर पहुंच गया ।

तब उसने देखा की लोगो ने बहुत अधिक शोर मचाया है की चोरो चोरी करने के लिए मिला था क्या । ‌‌‌साथ ही बहुत से लोग उसे सजा देने की बात कर रहे थे। जिसे सुन कर रामनाथ ने उन चोरो की तरफ देखा तो वे बहुत ही डर हुए दिखे ।

यह देख कर रामनाथ ने लोगो को हाथ से इसारा किया तो लोग तुरन्त सन्न रह गए । यह देख कर चोर हैरान रह गए की लोग इसकी बात बहुत अधिक मान रहे है । साथ ही वे चोर डर रहे थे की अब पता ‌‌‌नही की यह क्या करेगा । मगर रामनाथ ने उन चोरो के साथ कुछ नही किया ।

साथ ही उन चोरो से कहा की आपने चोरी तो कर ली मगर अब से उन ही पैसो से एक नया काम शुरू कर कर मेहन्त की कमाई खाओगे । यह सुन कर चोरो को झटका सा लगा और वे सोचने लगे की हमने इसके घर मे चोरी की मगर इसने हमे कुछ नही कहा । इस कारण से चोरो ‌‌‌ने रामनाथ की बात मान ली ।

मगर लोगो ने रामनाथ की बात सुन कर फिर से अवाज उठानी शुरू कर दी इन्हे सजा देनी होगी । तब फिर से रामनाथ ने हाथ उठाया तो लोग चुप रह कर रामनाथ की बात मानने लगे । इस तरह से वे चोर वहा से चले गए और पिछे से रामनाथ ने लोगो को समझाया की अगर वे अच्छा काम करने लगे तो फिर कभी ‌‌‌चोरी नही करेगे ।

 मगर जब उन्हे सजा दी गई तो वे फिर से किसी न किसी के घर में चोरी करने के लिए चले ही जाएगे । यह बात सुन कर लोगो को समतझ में आ गया की रामनाथ ने चोरो को सजा क्यो नही दी । इसी तरह से फिर वे चोर अपने घर जाकर सोचने लगे की अब तो नया काम शुरू करना ही होगा अगर नही किया तो रामनाथ एक ‌‌‌बार गाव के लोगो को कुछ कहेगा और लोग तुरन्त उसकी बात मान कर हमारा बुरा हाल कर देगे ।

 क्योकी जब लोग रामनाथ के हाथ का इसारा पा कर ही सन्न रह सकते है तो उनकी एक बात सुन कर ‌‌‌उसे  कैसे टाल सकेगे । इस तरह से सोच कर उन चोरो ने फिर से अपना नया जीवन शुरू कर लिया और फिर वे मेहन्त का काम करने लगे ‌‌‌जिसे देख कर रामनाथ ही नही बल्की हर व्यक्ति खुश होता था ।

इस तरह से उन चोरो का जीवन सही रास्ते पर पहुंच गया था । जिसके कारण से बादमे जब उन चोरो को भी इज्जत मिलने लगी तो वे रामनाथ का धन्यवाद करने लगे की उन्होने हम चोरो को सही रास्ते पर पहुंचने में मदद की । इस तरह से उन चोरो का जीवन गुरता ‌‌‌रहा । इस तरह से आपको इस कहानी से समझ मे आ गया होगा की इस मुहावरे का अर्थ क्या है ।

सन्न रह जाना मुहावरे पर निबंध sann rah jana muhavare par nibandh

साथियो आपने उपर कहानी मे पढा की किस तरह से लोग जब रामनाथ के हाथ का इसारा पाते है तो तुरन्त चुप रह जाते है । ‌‌‌ऐसे ही ‌‌‌हर व्यक्ति अपने जीवन मे कभी न कभी किसी कारण से ‌‌‌चुप या मौन रहता है । अगर एक विधार्थी के जीवन की बात करे तो वह अध्यापक को देख कर चुप रह जाता है । मगर हर कोई जब मौन रहता है तो वह एक कारण से ही नही रहता है ।

बल्की अलग अलग जगहो पर अलग अलग कारण होते है जिसके कारण से उसे मौन रहना पडता है । इस तरह से कहानी मे जब सभी मौन रह रहे थे तब सन्न रहने ‌‌‌का प्रयोग किया गया था । इसी कारण से जब कभी चुप या मौन रहने की बात होती है तो इस मुहावरे का प्रयोग करते हुए सन्न रहना कहा जाता है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ शांत रह जाना होता है ।

सन्न रह जाना मुहावरे का तात्पर्य क्या होता है || What is the meaning of in Hindi

दोस्तो कहा जाता है की अगर कोई व्यक्ति कुछ ऐसा देख लेता है जिसे होने की आशा नही होती है तो वह कुछ समय के लिए शांत रह जाता है। इसके अलावार अध्यापक को कक्षा में आते देख कर भी बच्चे जो होते है वे शांत रह जाते है ।

कहने का मतलब है की ऐसे बहुत से कारण होते है जिसके कारण से मानव अपने जीवन मे शांत रह जाता है ओर जहां पर भी शांत रह जाने की बात होती है वही पर इस मुहावरे का वाक्य में प्रयोग कियो जाता है ।

दरसल sann rah jana muhavare ka arth – शांत रह जाना ही होता है और यह शायद आपने उपर समझ लिया है। और इसका मतलब है की शांत रहने के बारे में मुहावरा बता रहा है।

जैसे की आप किसी कारण से अचानक से शांत रह जाते है तो इसका मतलब है की मुहावरे का प्रयोग आपके लिए किया जा सकता है जो की आप समझ सकते हैं

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