भारद्वाज किस जाति में आते है? इतिहास | bhardwaj kis cast mein aate hain | bhardwaj belong to which caste?
दोस्त, भारद्वाज एक जाति नही, बल्की यह एक उपनाम या गौत्र होता है। और यह गौत्र महर्षि भारद्वाज से जुडा होता है। और आज भारत में भारद्वाज गौत्र कई राज्यों में वास करता है।

भारद्वाज कौन होते है?
दोस्त, भारद्वाज असल में एक गौत्र या उपनाम होता है। जो की किसी खास जाति में आता है। और इस जाति के लोगो को ही मुख्य रुप से भारद्वाज कहा जाता है।
आपने महर्षि भारद्वाज का नाम भी सुना होगा, यह भारद्वाज वंश असल में महर्षि भारद्वाज से जुडा माना जाता है। और इस गौत्र में कई लोग वास करते है जो की अपने भारत में अलग अलग स्थानों पर वास करते है।
भारद्वाज किस जाति में आते है?
दोस्त, क्योकी भारद्वाज एक उपनाम या गौत्र है, इसलिए यह भारत में किसी खास जाति में सामिल होता है। जैसे की,
- ब्राह्मण जाति में,
दोस्त, भारद्वाज जाति असल में ब्राह्मण जाति मानी जाती है। क्योकी यह जाति ऋषि भारद्वाज के वंशज से जुडी होती है। और हिंदू धर्म में गोत्र पैतृक वंश का प्रतीक है, इसलिए दोस्त, भारद्वाज गोत्र का संबंध ऋषि भारद्वाज से माना जाता है। जो की असल में ब्राह्मण जाति में आते है।
इसलिए भारद्वाज जाति भी ब्राह्मण जाति में आती है और यह गोत्र गुर्जर ब्राह्मण, सारस्वत ब्राह्मण, कान्यकुब्ज ब्राह्मण आदी में आता है। मतलब यह एक ब्राह्मण जाति का गोत्र है।
भारद्वाज कौनसी कैटेगरी या कास्ट में आते है?,
दोस्त, भारद्वाज एक गौत्र है जो की ब्राह्मण जाति मे आता है। इसलिए यह भारत में जिस कैटेगरी में ब्राह्मण जाति आती है उसी में सामिल किया गया है।
और क्योकी ब्राह्मण जाति को भारत में सामान्य वर्ग (General Category) में सामिल किया गया है। इसलिए ऐसा कहना गलत नही होगा की भारद्वाज भी असल में सामान्य वर्ग (General Category) में आते है।
ध्यान रहे कि राज्यों के अनुसार भारद्वाज जाति को अलग कैटेगरी में सामिल किया जा सकता है। क्योकी कुछ राज्यों मे ब्राह्मण जाति को सामान्य वर्ग (General Category) का हिस्सा नही माना गया है। बल्की वहां पर ओबीसी में सामिल किया गया है। हालाकी अधिकांश भारत में भारद्वाज सामान्य वर्ग (General Category) में ही आता है। और यह आपको पता होना चाहिए ।
भारद्वाज समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय क्या होता है?
दोस्त, प्राचीन काल से आज तक भारद्वाज जाति के लोग शास्त्रों का अच्छा ज्ञान रखते है। जिसके कारण से यह कई मंदिरों में पंडित, पुजारी, पुरोहित के रुप मे काम करते है ।

और प्राचीन काल में यह शिक्षा देने के लिए गुरुकुल में रहते थे । जहां पर यह शिक्षक के रुप में भुमिका निभाते थे। इतना नही जब राजाओ का सासन था तो भारद्वाज गौत्र के लोग कई बडे पदो पर काम करते थे । मगर आज भारद्वाज जाति के लोगो का कुछ ही काम पारंपरिक व्यवसाय के रुप मे जाना जाता है जैसे की,
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- पुरोहिताई या पुजारी:
दोस्त, भारद्वाज गौत्र का पारंपरिक व्यवसाय असल में पुरोहिताई या पुजारी के रुप में होता है। क्योकी प्राचीन काल से आज तक इस गौत्र के लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना करना, यज्ञ-हवन का संचालन करना, और लोगों के घरों में संस्कार (जैसे जन्म, विवाह, मृत्यु आदि) कराना प्रमुख व्यवसाय था। और आज भी यह काम किया जाता है जिन्हे आज पारंपरिक व्यवसाय का दर्जा दिया गया है। - शिक्षक (गुरु या आचार्य):
दोस्त, भारद्वाज गौत्र ब्राह्मण जाति से जुडा होने के कारण से इनके पास वैदिक ज्ञान, संस्कृत, दर्शन, ज्योतिष, आयुर्वेद और अन्य शास्त्रों का अच्छा ज्ञान है। इसलिए यह समुदाय अपने ज्ञान को प्राचीन समय से आज तक गुरुकुलों मे बाटते आ रहा है। जहां पर यह एक ऋषि शिक्षक के रुप में जाना जाता है। इसलिए आज भारद्वाज समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय शिक्षक का रहा है। - सलाहकार:
दोस्त, राजाओं के समय में भारद्वाज जाति के लोग एक सलाहकार के रुप मे काम करते थे। क्योकी इनके पास शास्त्रिय ज्ञान था, यह एक अच्छे ज्योतिषी थे और राजाओ के दरबार में यह राजपुरोहित और मंत्री के रुप में काम करते थे। इसलिए राजा लोग इन्हे एक सलाहकार भी मानते थे। और आज भी बहुत से लोग कोई शुभ काम करने से पहले इनकी सलाह लेते है। इसलिए भारद्वाज गौत्र का पारंपरिक व्यवसाय सलाहकार है। - कृषि करना,
इसके अलावा दोस्त, भारद्वाज गौत्र के लोग अधिकतर कृषि करने का काम भी करते थे। और आज भी खेती करना या कृषि करना इस समुदाय के लोग काम करते है। इसलिए यह काम आज पारंपरिक व्यवसाय के रुप में जाना जाता है।
हालाकी दोस्त, भारद्वाज समुदाय के लोग कई अन्य काम भी करते थे मगर उन्हे पारंपरिक व्यवसाय के रुप में नही जाना जाता है।
भारद्वाज गौत्र कहां पर रहते है?
दोस्त, भारद्वाज समुदाय के लोग अधिकतर उत्तर भारत में रहते है। मगर यह भारत के कई राज्यों में रहते है जेस की उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश आदी।
यह वे राज्य है जहां पर भारद्वाज समुदाय के लोग अधिक संख्या में रहते है।
भारद्वाज कौनसे धर्म के होते है,
सबसे पहली बात भारद्वाज गोत्र होता है जो की ब्राह्मण समुदाय से जुडा होता है। और क्योकी ब्राह्मण समुदाय हिंदू धर्म से आता है। इसलिए ऐसा कहना गलत नही होगा की भारद्वाज समुदाय हिंदू धर्म में सामिल है।
इसके अलावा यह भारद्वाज समुदाय ऋषि भारद्वाज के वंशज माने जाते है और ऋषि भारद्वाज हिंदू धर्म से है। इसलिए भी कह सकते है कि भारद्वाज हिंदू धर्म से है।
अंत में ध्यान रहे कि भारद्वाज समुदाय सामान्यतः सामान्य वर्ग (General Category) में आते हैं।
आशा है कि जानकारी आपको पसंद आई होगी, अब आपको कुछ पूछना है तो कमेंट कर देना।