भास्कर किस जाति में आते है? इतिहास | bhaskar kis cast mein aate hain भास्कर किस जाति में आते है? इतिहास | bhaskar kis cast mein aate hain
दोस्त, भास्कर एक उपनाम है जो की कई जाति के लोगो के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। और यह जातिया भारत के कई राज्यों मे वास करती है। दोस्त, भास्कर नाम असल में भास्कराचार्य से भी जुडा है जो की 12 वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध गणितज्ञ है। मगर आज भास्कर उपनाम कई जातियों मे आता है।

भास्कर कौन होते है?
दोस्त, भास्कर एक उपनाम है ओर यह उपनाम कई जातियों मे आता है। इसलिए भास्कर असल मे वे लोग होते है जिनके द्वारा उपनाम के रुप में भास्कर नाम का प्रयोग किया जाता है।
जैसे की संदिप भास्कर, तो यहां पर जो संदिप नाम का व्यक्ति है वह भास्कर उपनाम का उपयोग किया जाता है। तो यह एक तरह से भास्कर है। इस तरह से भास्कर वही लोग है जो की भास्कर को एक उपनाम के रुप में इस्तेमाल करते है।
भास्कर किस जाति में आते है?
दोस्त, भास्कर असल में एक जाति में नही आते है, बल्की यह उपनाम कई अलग अलग जातियों मे आता है। इसलिए भास्कर को कई अलग जाति में सामिल किया जाता है जैसे की,
- ब्राह्मण जाति में,
दोस्त, भास्कर उपनाम असल में ब्राह्मण जाति में सामिल किया गया है। क्योकी ब्राह्मण जाति के बहुत से लोग भास्कर उपनाम का उपयोग करते है। विशेषकर तमिलनाडु, केरल के जो ब्राह्मण है उनके द्वारा भास्कर उपनाम का उपयोग किया जाता है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि भास्कर उपनाम ब्राह्मण जाति का हिस्सा है।
- जाट जाति में,
दोस्त, जाट समुदाय के लोग अक्सर भास्कर उपनाम का उपयोग करते है। आपने भी सुना होगा की कुछ जाट समुदाय के लोग अपने नाम के आगे भाखर लगाते है, असल में इसी भाखर गौत्र या उपनाम को भास्कर कहा जाता है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि भास्कर उपनाम जाट जाति में आता है।
इसके अलावा भी दोस्त, भास्कर उपनाम कई अलग अलग जाति में आ सकता है, और आप इस बारे में अधिक जानते है तो हमें कमेंट में जरूर बताना।
भास्कर कौनसी कैटेगरी या कास्ट में आते है?,
दोस्त, भास्कर उपनाम असल में ब्राह्मण जाति और जाट जाति में आता है। इसलिए जाहिर है कि जिस कैटेगरी में ब्राह्मण और जाट जाति आती है उसी में भास्कर आता है। मगर दोनो ही जातियों को दो अलग अलग कास्ट में सामिल किया गया है इसलिए भास्कर भी दो कैटेगरी में आता है जैसे की,
- सामान्य श्रेणी (General Category) में,
दोस्त, कैंद्र सरकार की सुची के अनुसार ब्राह्मण जाति को भारत के प्रत्येक राज्य में सामान्य श्रेणी (General Category) में सामिल किया गया है। इसलिए यदि कोई भास्कर ब्राह्मण जाति से जुडा है तो वह भी सामान्य श्रेणी (General Category) में आता है।
वही पर भारत के कुछ राज्यों मे जाट समुदाय को सामान्य श्रेणी (General Category) में सामिल किया जाता है। और इसमें आने वाले भास्कर उपनाम के लोग भी भी सामान्य श्रेणी (General Category) में आता है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में,
दोस्त, भारत के कुछ राज्य है जहां पर ब्राह्मण जाति को भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में सामिल किया जाता है। इसलिए दोस्त, इन राज्यों मे आने वाले भास्कर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में सामिल हो सकते है।
वही पर जाट समुदाय के भास्कर भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में आते है। क्योकी कुछ राज्यों मे जाट समुदाय को भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में सामिल किया जाता है।
इस तरह से दोस्त, भास्कर उपनाम के लोग दो अलग अलग कैटेगरी में आ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि भास्कर किस जाति में आता है और राज्य के अनुसार वह जाति किस कैटेगरी में आता है।
भास्कर समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय क्या होता है?
दोस्त, भास्कर उपनाम असल में जाट व ब्राह्मण दोनो जाति में आता है। इसलिए दोनो जाति के अनुसार इनका पारंपरिक व्यवसाय अलग हो सकता है।

- पठन-पाठन और ज्योतिष (शिक्षण कार्य),
दोस्त, ब्राह्मण समुदाय से जुडे महान गणितज्ञ भास्कराचार्य और भास्कर समुदाय के लोग प्राचीन काल से ज्योतिष विद्या जिसमें ग्रहों की गणना और कुंडली देखना। अध्यापन जिसमें वेदों, शास्त्रों और गणित की शिक्षा देना। और पौरोहित्य जिसमें धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ संपन्न कराना जैसे पारंपरिक व्यवसाय होता है। और इन कार्यों को भास्कर उपनाम के लोगो का पारंपरिक व्यवसाय माना जाता है।
- धातु शिल्प और कला,
प्राचीन काल से आज तक भारत के ब्राह्मण समुदाय के भास्कर उपनाम के लोग धातु से जुडा काम करते है। जिसमें पीतल या कांसे की मूर्तियां बनाना, आभूषणों का निर्माण करना, पीतल और तांबे के बर्तनों पर नक्काशी करना जैसे काम जुडे हुए है। इसलिए ब्राह्मण जाति कें भास्कर उपनाम के लोगो का धातु शिल्प और कला में इन कार्यों को पारंपरिक व्यवसाय के रुप में जाना जाता है। - कृषि करना,
यह कार्य ब्राह्मण भास्कर और जाट भास्कर दोनो के द्वारा प्राचीन समय से किया जा रहा है। इसलिए दोस्त, ऐसा कहते है कि भास्कर समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय कृषि करना है। चाहे वह जाट भास्कर हो या ब्राह्मण भास्कर दोनो का ही यह पारंपरिक व्यवसाय है।
इसके अलावा भी भास्कर समुदाय के लोग कई काम करते है, हालाकी उन्हे पारंपरिक रुप में नही किया जाता है।
भास्कर कहां पर रहते है?
दोस्त, ब्राह्मण भास्कर की बात कि जाए या फिर जाट भास्कर की दोनो ही भारत के लगभग सभी राज्यों मे मिल जाते है। मगर मुख्य रुप से भास्कर महाराष्ट्र और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, असम और बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदी देशों मे वास करते है।
भास्कर कौनसे धर्म के होते है,
दोस्त, भास्कर उपनाम ब्राह्मण जाति और जाट जाति दोनों मे आता है। और दोनो ही जातियां हिंदू जातिया होती है। जिनके द्वारा शिव, विष्णु और कृष्ण जी जैसे देवताओं की पूजा की जाती है। इसलिए दोस्त, भास्कर समुदाय का हिंदू धर्म में आत है।
अंत में ध्यान रहे कि भास्कर समुदाय ओबीसी और सामान्य जाति दोनो मे आता है।
आशा है कि जानकारी आपको पसंद आई होगी, अब आपको कुछ पूछना है तो कमेंट कर देना।