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भंडारी किस जाति में आते है? इतिहास | bhandari kaun si cast hoti hai

भंडारी किस जाति में आते है इतिहास

भंडारी किस जाति में आते है? इतिहास | bhandari kaun si cast hoti hai | bhaskar belong to which caste?

दोस्त, भंडारी कोई जाति नही, बल्की यह जाति का उपनाम या गौत्र होता है। जो की भारत में कई जातियों मे आता है। ऐसा कहते है कि भंडारी उपनाम भाण्डार से आया है ।

भंडारी किस जाति में आते है इतिहास

भंडारी कौन होते है?

दोस्त, भंडारी एक उपनाम या गौत्र होता है। और इस उपनाम का इस्तेमाल जो लोग करते है वो भंडारी होते है। जैसे की सुमित भंडारी नाम से कोई व्यक्ति है, जो की भंडारी उपनाम का उपयोग करता है। तो ऐसे में सुमित को भंडारी कहा जाता है।

इस तरह से भंडारी असल में भंडारी गौत्र में सामिल लोगो को कहा जाता है। जो की भारत मे किसी खास जाति में आते है।

भंडारी किस जाति में आते है?

दोस्त, भारत में भंडारी उपनाम को एक नही बल्की कई अलग अलग जातियों का हिस्सा माना जाता है। जो कुछ ऐसे है—

  1. ब्राह्मण जाति में,
    दोस्त, भंडारी उपनाम असल में ब्राह्मण जाति का एक गौत्र है। इसलिए भंडारी असल में ब्राह्मण जाति में आते है। क्योकी ब्राह्मण जाति में कई गौत्र है, जिनमें से ही भंडारी एक होता है। और भारत में कई ऐसे राज्य है जहां पर भंडारी को ब्राह्मण जाति का हिस्सा माना गया है। इसलिए पूरे भारत में भंडारी उपनाम ब्राह्मण जाति में आता है।
  2. मराठा जाति में,
    दोस्त, भारत के कुछ राज्यों मे मराठा जाति के द्वारा भी भंडारी उपनाम का उपयोग किया जाता है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि भंडारी मराठा जाति का हिस्सा है।
  3. राजपूत जाति में,
    भारत के कुछ राजपूत भी भंडारी उपनाम का उपयोग करते है। खासकर उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में भंडारी के रुप में राजपूतों को जाना जाता है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि भारत में राजपूत जाति में भी भंडारी आते है।

इस तरह से दोस्त, भंडारी कई अलग अलग जातियों मे आते है। मगर मुख्य रुप से भंडारी ब्राह्मण जाति का हिस्सा माना गया है। मतलब ब्राह्मण जाति के लोग भंडारी उपनाम या गौत्र का उपयोग अधिक करते है। इसलिए भंडारी ब्राह्मण जाति का हिस्सा है।

भंडारी कौनसी कैटेगरी या कास्ट में आते है?,

दोस्त, भंडारी उपनाम या गौत्र के लोग किसी एक राज्य में नही रहते है। बल्की यह लगभग पूरे भारत में रहते है। इसलिए राज्य के अनुसार इसे अलग कैटेगरी में सामिल किया जा सकता है। वैसे भारत में भंडारी उपनाम कुछ इन कैटेगरी में सामिल है जैसे की,

  1. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में,

दोस्त, भारत में भंडारी उपनाम को मुख्य रुप से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में सामिल किया गया है। क्योकी भारत में अधिकतर ब्राह्मण समुदाय जो की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में आते है उन्ही में भंडारी गौत्र आता है। इसलिए भंडरी उपनाम को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में सामिल किया जाता है।

  1. सामान्य श्रेणी (General category) में,
    दोस्त, भारत में अधिकांश ब्राह्मण समुदाय को सामान्य श्रेणी (General category) का हिस्सा माना गया है। और राजपूत समुदाय को भी सामान्य श्रेणी (General category) में सामिल किया जाता है। और भंडारी उपनाम ब्राह्मण जाति में और राजपूत जाति में दोनो में आता है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि भंडारी उपनाम असल में सामान्य श्रेणी (General category) में आता है।

इस तरह से दोस्त, भंडारी उपनाम असल में दो अलग अलग कैटेगरी में सामिल है।

भंडारी उपनाम का पारंपरिक व्यवसाय क्या होता है?

दोस्त, भंडारी उपनाम असल में ब्राह्मण जाति में, राजपूत जाति में दोनो में आता है। इसलिए इनका पारंपरिक व्यवसाय अलग अलग हो सकता है। वैसे भंडारी उपनाम का कई पारंपरिक व्यवसाय माना गया है जैसे की —

भंडारी किस जाति में आते है इतिहास
  1. शाही खजाने या भंडार गृहों के प्रबंधन करना,
    प्राचीन काल में भंडारी उपनाम के जो लोग थे वे शाही खजाने की रक्षा करने, इसका प्रबंधन करने और लेखा जोखा रखने का काम करते थे। और आज यही भंडारी उपनाम के लोग भंडार गृहों का प्रबंधन करते है। जिसमें कई प्रकार के भंडारो में काम करते है। जैसे कि अनाज का भंडार, किसी गोदाम का लेखा जोखा रखना । इसलिए भंडारी उपनाम का पारं​परिक व्यवसाय शाही खजाने या भंडार गृहों के प्रबंधन करना माना गया है।
  2. ताड़ी निकालना या ताड़ी का व्यवसाय:
    दोस्त, पारंपरिक रूप से भंडारी उपनाम के लोग ताड़ के पेड़ों से रस निकालने का काम करते आ रहे है। इसलिए इन्हे बहुत बार ताडी कहा जाता है। और वर्तमान में यह ताडी निकालने का काम करते है और ताडी का व्यवसाय भी करते है। इसलिए इसे पारंपरिक व्यवसाय का दर्जा दिया गया है।
  3. योद्धा और सैनिक:
    दोस्त, प्राचीन काल में भंडारी राजाओं के लिए काम करते थे। जिसमें यह राजाओ की सेना के अहम हिस्सा होते थे। अधिकतर भंडारी राजाओ के खजाने की रक्षा करने का काम करते थे। इ​सलिए तभी से भंडारी को योद्धा और सेनिक का दर्जा दिया गया है। और वर्तमान में भंडारी उपनाम के लोग नौसेना और सैन्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। इसलिए भंडारी उपनाम का पारंपरिक व्यवसाय योद्धा और सैनिक है।
  4. शिक्षण:
    दोस्त, भंडारी समुदाय एक शिक्षित समुदाय है, क्योकी यह ब्राह्मण जाति में आता है ओर प्राचीन काल में इसी जाति को शिक्षित माना जाता था। और ब्रिटिश काल में कुछ भंडारी शिक्षक और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े थे, जहां पर यह मंदिरों में या घरों के बाहर स्कूल चलाते थे। और शिक्षा दिया करते थे। और आज भी भंडारी उपनाम के लोग अपने ज्ञान के आधार पर लोगो को शिक्षा देने का काम करते है। इसलिए भंडारी उपनाम का यह पारंपरिक व्यवसाय माना जाता है।
  5. कृषि करना,
    दोस्त, भंडारी समुदाय प्राचीन काल से आज तक खेती से जुडा काम करते आ रहे है। जिसमें यह कई प्रकार से खेती करते है। और आज भी कृषि क्षेत्र से जुडे है। इसलिए भंडारी समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय कृषि करना है।

इस तरह से दोस्त, भंडारी उपनाम के कई पांरपरिक व्यवसाय होते है।

भंडारी कहां पर रहते है?

दोस्त, भंडारी उपनाम के लोग अपने भारत के कई ​राज्यों मे वास करते है। मगर भारत के कुछ प्रसिद्ध राज्य राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा, कर्नाटक आदी राज्यों मे अधिक वास करते है।

भंडारी कौनसे धर्म के होते है,

दोस्त, भंडारी उपनाम असल में ब्राह्मण जाति और राजपूत जाति में अधिक इस्तेमाल किया जाता है। और दोनो ही जाति हिंदू धर्म के है। इसलिए दोस्त, ऐसा कहा जाता है कि भंडारी उपनाम भी असल में हिंदू धर्म से आता है।

इसका मतलब है कि भंडारी उपनाम के लोग हिंदू देवी देवताओ की पूजा करते है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु महेश प्रमुख है।

अंत में ध्यान रहे कि भंडारी उपनाम ओबीसी और सामान्य कैटेगरी दोनो में आते है।

आशा है कि जानकारी आपको पसंद आई होगी, अब आपको कुछ पूछना है तो कमेंट कर देना।

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