भूमिहार किस जाति में आते है? इतिहास | bhumihar kis cast mein aate hain | bhumihar belong to which caste?
दोस्त, भूमिहार शब्द का हिंदी में अर्थ होता है भूमि का मालिक या भूमि का आहारक । और प्राचीन काल से भूमिहार को जमींदार के रुप में जाना जाता है, क्योकी यह कृषक समुदाय है जिसके द्वारा कृषि से जुडा काम किया जाता है। इस समुदाय को भारत के कई राज्यों मे अलग नाम से जाना जाता है जैसे की बिहार में बाभन और यूपी मे त्यागी।

भूमिहार कौन होते है?
दोस्त, भूमिहार असल में एक समुदाय है और इस समुदाय के लोग भूमि के स्वामी के रुप मे जाने जाते है। इन्हे अक्सर बाभन और त्यागी के नाम से जाना जाता है।
यह समुदाय पारंपरिक रुप से कृषक समुदाय माना जाता है। जो की भूमि के मालिक होते है और कृषि से जुडा काम करते है। इस समुदाय में जो लोग आते है उन्हे भूमिहार कहा जाता है।
इसलिए भूमिहार असल में कृषि क्षेत्र से जुडे लोगो का समुदाय होता है। जो की किसी खास जाति में सामिल होता है।
भूमिहार किस जाति में आते है?
क्योकी भूमिहार एक समुदाय है, तो जाहिर है कि यह किसी जाति में सामिल जरूर होगा । और प्राचीन काल से ही भूमिहार समुदाय को ब्राह्मण जाति से जोडा गया है।
भूमिहार समुदाय के लोगो का ऐसा कहना है कि यह स्वयं भगवान परशुराम का वंशज है। जो की ब्राह्मण जाति में आते है। ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन काल में ब्राह्मण समुदाय के लोग अपने प्राचीन काल के पुरोहित कार्य (पूजा-पाठ) छोड़कर कृषि और सैन्य गतिविधियों को अपना लिया था। इसके बाद में इन्हे जमीदार के रुप में भूमिहार कहा जाना लगा । तभी से यह समुदाय भूमिहार के नाम से जाना जाता है।
क्योकी इन्होने सैन्य गतिविधियों को भी अपनाया था इसलिए इन्हे बहुत ब्राह्मण जाति का हिस्सा मानने में कन्फ्यूज हो जाती है। मगर आज भारत में भूमिहार को ब्राह्मण जाति का हिस्सा माना गया है।
भूमिहार कौनसी कैटेगरी या कास्ट में आते है?,
दोस्त, भूमिहार समुदाय ब्राह्मण जाति में आता है और भारत में ब्राह्मण जाति को सामान्य श्रेणी (General Category) मे सामिल किया जाता है।
इसलिए ऐसा कहना बिल्कुल सही है कि भूमिहार समुदाय असल में सामान्य श्रेणी (General Category) में आता है । क्योकी भारत के बहुत से राज्यो मे इस भूमिहार समुदाय को सामान्य श्रेणी (General Category) में सामिल किया गया है। और कैंद्र सरकार के अनुसार यह समुदाय सामान्य श्रेणी (General Category) में आता है।
भूमिहार समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय क्या होता है?
दोस्त, भूमिहार समुदाय मुख्य रुप से जमीन से जुडा समुदाय है। जिसके नाम का अर्थ ही भूमि का मालिक होना होता है। इसलिए इन्हे जमीदार कहा जाता है। और आज भारत में भूमिहार समुदाय के कई पारंपरिक व्यवसाय माना जाता है जैसे की,

- भूमि का स्वामी एवं कृषक,
दोस्त, भूमिहार समुदाय असल में एक जमींदार समुदाय होता है। जिसे भूमि का मालिक कहा जाता है। और यह समुदाय प्राचीन काल से ही कृषि से जुडा काम करते थे। जिसमें यह खेत में मजदूरों से काम करवाते थे। और इनके पास जमीन का बडा हिस्सा हुआ करता था। जिसे यह दूसरे लोगो को सोप देते थे और खेती करने के लिए देते थे । और बदले में फसल का मोटा हिस्सा अपने पास रखते थे। इसलिए इन्हे जमींदार भी कहा जाने लगा । इसलिए दोस्त, भूमिहार समुदाय का मुख्य पारंपरिक व्यवसाय भूमि का स्वामी व कृषी से जुडा है।
भूमिहार कहां पर रहते है?
दोस्त, भूमिहार भारत के कई प्रसिद्ध स्थानों पर रहते है जिनमे से बिहार और उत्तर प्रदेश प्रमुख होते है इसके अलावा यह झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सो में भी वास करते है। ध्यान रहे कि यह समुदाय भारत के कई राज्यों में आज रहता है।
भूमिहार कौनसे धर्म के होते है,
सबसे पहली बात भूमिहार होता है जो की ब्राह्मण समुदाय से जुडा होता है। और क्योकी ब्राह्मण समुदाय हिंदू धर्म से आता है। इसलिए ऐसा कहना गलत नही होगा की भूमिहार समुदाय हिंदू धर्म में सामिल है।
अंत में ध्यान रहे कि भूमिहार समुदाय सामान्यतः सामान्य वर्ग (General Category) में आते हैं।
आशा है कि जानकारी आपको पसंद आई होगी, अब आपको कुछ पूछना है तो कमेंट कर देना।